छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसानों के खातों में पहुंची 500 करोड़ रुपये की सम्मान निधि, पीएम मोदी ने जारी की 24वीं किस्त
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार; खाद, बीज और कृषि उपकरणों की खरीदी में मिलेगी आर्थिक मदद
रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी कर देशभर के करोड़ों किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में लगभग 500 करोड़ रुपये की राशि सीधे अंतरित की गई है। राशि का हस्तांतरण डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किया गया, जिससे किसानों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि प्राप्त हुई।
मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 24 लाख से अधिक पात्र किसानों को इस किस्त का लाभ मिला है। केंद्र सरकार की इस आर्थिक सहायता से ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी से जुड़े परिवारों को कुछ हद तक आर्थिक संबल मिलेगा। विशेषकर ऐसे समय में जब किसान आगामी कृषि कार्यों की तैयारी में जुटे हैं, यह राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के खातों में पहुंचाई सम्मान निधि
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में शामिल है। इस योजना का उद्देश्य छोटे एवं सीमांत सहित पात्र किसान परिवारों को खेती से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा योजना की 24वीं किस्त जारी किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों को इसका लाभ मिला। प्रदेश के 24 लाख से अधिक किसानों के खातों में करीब 500 करोड़ रुपये पहुंचने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।
इस राशि का उपयोग किसान अपनी जरूरत के अनुसार खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि उपकरणों तथा खेती से संबंधित अन्य आवश्यक सामग्रियों की खरीदी में कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों को दी बधाई
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी होने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के किसानों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी होना किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में लगभग 500 करोड़ रुपये की राशि सफलतापूर्वक अंतरित की गई है। यह सहायता किसानों को खेती-किसानी के कार्यों में आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी।
खाद, बीज और कृषि उपकरणों की खरीदी में मिलेगी मदद
किसानों के सामने खेती के प्रत्येक मौसम में कई तरह की आर्थिक चुनौतियां रहती हैं। खेतों की तैयारी, बीज की व्यवस्था, खाद, कीटनाशक, सिंचाई और कृषि उपकरणों की खरीदी के लिए किसानों को पूंजी की आवश्यकता होती है।
ऐसे में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान खेती पर निर्भर हैं। खेती की लागत में लगातार बदलाव और कृषि संबंधी आवश्यकताओं को देखते हुए किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिलना महत्वपूर्ण है। हालांकि यह राशि खेती की संपूर्ण लागत का विकल्प नहीं है, लेकिन किसानों को छोटे-मोटे कृषि खर्चों में राहत जरूर प्रदान करती है।
डीबीटी से सीधे खातों में पहुंच रही सहायता राशि
इस योजना की एक प्रमुख विशेषता यह है कि पात्र किसानों को मिलने वाली राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर व्यवस्था के कारण पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक खाते में राशि आने की स्थिति की जांच करें। यदि किसी पात्र किसान के खाते में किस्त की राशि नहीं पहुंची है, तो वह अपने बैंक खाते, आधार लिंकिंग, ई-केवाईसी और योजना से संबंधित लाभार्थी विवरण की जांच कर सकता है।
किसानों के लिए जरूरी है योजना की जानकारी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का योजना के निर्धारित पात्रता नियमों के अनुरूप होना जरूरी है। इसके साथ ही लाभार्थियों को अपने दस्तावेज और बैंक संबंधी जानकारी अद्यतन रखनी चाहिए।
किसानों को किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण साझा नहीं करना चाहिए। योजना से संबंधित जानकारी के लिए सरकारी पोर्टल और अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करना चाहिए।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती-किसानी पर निर्भर है। किसानों के खातों में लगभग 500 करोड़ रुपये का पहुंचना केवल व्यक्तिगत आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव ग्रामीण बाजार और स्थानीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
जब किसानों के पास कृषि कार्यों के लिए कुछ अतिरिक्त धन उपलब्ध होता है, तो वे स्थानीय दुकानों से खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य जरूरी सामान खरीदते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलती है।
हालांकि किसानों की वास्तविक समृद्धि के लिए केवल सम्मान निधि पर्याप्त नहीं है। बेहतर सिंचाई व्यवस्था, उचित समर्थन मूल्य, समय पर खाद-बीज की उपलब्धता, फसल बीमा, कृषि ऋण और उपज का उचित बाजार भाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की जरूरत
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त से छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलना निश्चित रूप से महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लेकिन किसानों की आय में स्थायी वृद्धि के लिए कृषि क्षेत्र में व्यापक सुधारों की आवश्यकता बनी हुई है।
किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान का समय पर मुआवजा मिले तथा खेती की लागत कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सकती है।
फिलहाल प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के रूप में प्रदेश के किसानों को मिली लगभग 500 करोड़ रुपये की सहायता से खेती-किसानी से जुड़े परिवारों को आर्थिक संबल मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीण भारत न्यूज का दृष्टिकोण: किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। किसानों को आर्थिक सहायता देना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ उनकी फसल का उचित मूल्य, सिंचाई, भंडारण, बाजार और कृषि सुविधाओं को मजबूत करना भी जरूरी है। किसान आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे, तभी गांव और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
संवाददाता – झसकेतन राजहंस
ग्रामीण भारत न्यूज
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