कोरबा में अजगरों की दस्तक से मचा हड़कंप, बिजली मीटर के पास मिला 8 फीट लंबा और 12 किलो वजनी अजगर, दूसरी जगह 9 फीट का विशालकाय सांप रेस्क्यू
बारिश के बीच जान जोखिम में डालकर वन्यजीव रेस्क्यू टीम ने किया रेस्क्यू, सुरक्षित जंगल में छोड़े गए दोनों अजगर; समय रहते कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
कोरबा, छत्तीसगढ़। जिले में लगातार बदल रहे मौसम और बारिश के बीच वन्यजीवों का रिहायशी इलाकों की ओर पहुंचने का सिलसिला सामने आ रहा है। कोरबा की पुरानी बस्ती में उस समय लोगों के बीच दहशत फैल गई, जब एक मकान के बाहर लगे बिजली मीटर बोर्ड के पास करीब 8 फीट लंबा और लगभग 12 किलोग्राम वजनी विशालकाय अजगर कुंडली मारकर बैठा मिला। बिजली मीटर और तारों के बिल्कुल नजदीक अजगर की मौजूदगी से किसी अनहोनी की आशंका बढ़ गई थी। वहीं, दूसरी ओर एक कॉलोनी में भी करीब 9 फीट लंबा विशालकाय अजगर मिलने की जानकारी सामने आई। दोनों घटनाओं में वन्यजीव रेस्क्यू टीम ने तत्परता दिखाते हुए सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उनके प्राकृतिक रहवास जंगल में छोड़ दिया।
बिजली मीटर के पास अजगर देखकर घबराए लोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:30 बजे कोरबा की पुरानी बस्ती में एक घर के बाहर लगे बिजली मीटर बोर्ड के पास विशालकाय अजगर दिखाई दिया। अजगर वहां कुंडली मारकर बैठा हुआ था। अचानक इतने बड़े सांप को घर के बिजली मीटर के पास देखकर आसपास के लोग घबरा गए। देखते ही देखते यह खबर मोहल्ले में फैल गई और लोगों की भीड़ जुटने लगी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय निवासी विकास सिंह ने बिना देरी किए वन्यजीव रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचने की तैयारी की और तत्काल कार्रवाई शुरू की।
तेज बारिश और खराब मौसम में भी नहीं रुके जितेंद्र सारथी
बताया गया कि घटना के समय बंगाल की खाड़ी में बनी चक्रवाती प्रणाली के प्रभाव से कोरबा क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही थी। खराब मौसम के कारण अधिकांश लोग अपने घरों में थे, लेकिन वन्यजीव रेस्क्यू की सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी बारिश की परवाह किए बिना घटनास्थल पर पहुंच गए।
मौके पर पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। इसके बाद निर्धारित रेस्क्यू प्रक्रिया और आवश्यक सावधानियों का पालन करते हुए विशालकाय अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ा। रेस्क्यू के बाद उसे थैले में रखा गया और आबादी वाले क्षेत्र से दूर उसके प्राकृतिक रहवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
अजगर के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद मोहल्लेवासियों ने राहत की सांस ली। लोगों ने रेस्क्यू टीम की तत्परता और साहसिक कार्य की सराहना की।
बिजली के मीटर के पास अजगर की मौजूदगी बन सकती थी बड़े हादसे की वजह
इस घटना में सबसे चिंताजनक बात यह थी कि अजगर घर के बाहर लगे बिजली मीटर बोर्ड के बिल्कुल पास मौजूद था। बिजली के तारों और मीटर के संपर्क में आने से उसे करंट लगने का खतरा था। इसके अलावा यदि अजगर किसी घर के अंदर प्रवेश कर जाता तो परिवार के सदस्यों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए भय और जोखिम की स्थिति पैदा हो सकती थी।
समय रहते स्थानीय निवासी द्वारा रेस्क्यू टीम को सूचना देना और टीम का तत्काल मौके पर पहुंचना संभावित खतरे को टालने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अजगर नजदीक की नदी की ओर से निकलकर बस्ती तक पहुंचा था। बारिश के दौरान आसपास के प्राकृतिक आवासों से वन्यजीवों का रिहायशी इलाकों की ओर आना लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
दूसरी कॉलोनी में भी मिला 9 फीट लंबा विशालकाय अजगर
कोरबा में केवल पुरानी बस्ती ही नहीं, बल्कि दूसरी जगह भी विशालकाय सांप मिलने की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, एक कॉलोनी में करीब 9 फीट लंबा अजगर मिला, जिसे भी वन्यजीव रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। लगातार दो स्थानों पर विशालकाय अजगर मिलने से स्थानीय नागरिकों में चर्चा और सतर्कता बढ़ गई है।
हालांकि, वन्यजीवों का आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचना कई बार उनके प्राकृतिक आवास, भोजन और मौसम में बदलाव जैसी परिस्थितियों से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय सावधानी बरतने और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की सहायता लेने की जरूरत है।
वन्यजीवों की सुरक्षा भी जरूरी, सांप दिखने पर न करें छेड़छाड़
विशेषज्ञों के अनुसार, अजगर सामान्यतः जहरीले सांपों की श्रेणी में नहीं आते, लेकिन उनका आकार और ताकत उन्हें खतरनाक बना सकती है। ऐसे में उनके नजदीक जाना, पकड़ने की कोशिश करना या उन्हें परेशान करना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
रिहायशी क्षेत्र में सांप दिखाई देने पर लोगों को निम्न सावधानियां बरतनी चाहिए—
- सांप को देखकर घबराहट में उसके नजदीक जाने या उसे पकड़ने का प्रयास न करें।
- बच्चों और पालतू जानवरों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर रखें।
- सांप को मारने या पत्थर मारकर भगाने की कोशिश न करें।
- वन विभाग अथवा प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को तत्काल सूचना दें।
- बिजली मीटर, तारों या घर के विद्युत उपकरणों के पास सांप दिखाई देने पर स्वयं कोई छेड़छाड़ न करें।
- रेस्क्यू के दौरान भीड़ न लगाएं और टीम को पर्याप्त जगह दें।
रेस्क्यू टीम की तत्परता से टला संभावित खतरा
कोरबा की इन घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर जागरूकता और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीमों की उपलब्धता कितनी जरूरी है। खासकर बारिश और खराब मौसम के दौरान लोगों को अपने आसपास के वातावरण के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
जितेंद्र सारथी की टीम द्वारा समय पर पहुंचकर दोनों स्थानों पर सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू करना न केवल स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण की दिशा में भी सराहनीय प्रयास है। वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाए बिना उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में वापस पहुंचाना ही जिम्मेदार और मानवीय व्यवहार है।
ग्रामीण भारत न्यूज की अपील: वन्यजीव हमारे पर्यावरण और प्रकृति के महत्वपूर्ण अंग हैं। जंगल और प्राकृतिक आवास उनका वास्तविक घर है। यदि कोई सांप या अन्य वन्यजीव आपके घर, खेत, बस्ती या कॉलोनी में दिखाई दे तो खुद जोखिम उठाने के बजाय प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें। मानव जीवन की सुरक्षा के साथ वन्यजीवों का संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
संवाददाता : विनिता चौहान
ग्रामीण भारत न्यूज | छत्तीसगढ़
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