*छत्तीसगढ़ में जुलाई माह – धान की खेती का सबसे जरूरी महीना* 🌾
जुलाई में ही पूरा खेल बनता-बिगड़ता है। छत्तीसगढ़ में 80% रोपाई-बियासी जुलाई में ही होती है। मानसून का पीक टाइम है।
### *1. जुलाई में तैयारी: 1 से 31 तारीख तक क्या करना है*
#### *A. 1-10 जुलाई: नर्सरी और खेत रेडी करो*
1. *नर्सरी उखाड़ना*: 20-25 दिन की पौध हो गई तो उखाड़ लो। उखाड़ने से 1 दिन पहले क्यारी में पानी भर दो। पौध आसानी से निकलेगी, जड़ नहीं टूटेगी।
2. *आखिरी बियासी*: जिन खेतों में बियासी बाकी है, 10 जुलाई तक कर दो। 15 जुलाई के बाद बियासी से पैदावार घटती है।
3. *खेत में पानी*: रोपाई वाले खेत में 2-3 इंच पानी 24 घंटे पहले भर दो। कीचड़ नरम हो जाए।
4. *बेसल खाद*: रोपाई से ठीक पहले DAP 40 किलो + MOP 20 किलो + यूरिया 20 किलो प्रति एकड़ खेत में छिड़क कर मिला दो।
#### *B. 10-25 जुलाई: रोपाई का पीक टाइम*
1. *रोपा विधि*:
– *उम्र*: 21-25 दिन से ज्यादा बूढ़ी पौध मत लगाओ।
– *दूरी*: Swarna, Mahamaya जैसी लंबी वैरायटी = 20×15 सेमी। Danteshwari, सहभागी = 20×10 सेमी।
– *पौध संख्या*: 1 जगह 2-3 पौधे ही। ज्यादा लगाओगे तो कल्ले कम फूटेंगे।
– *गहराई*: सिर्फ 2-3 सेमी गहरा। ज्यादा गहरा लगाओगे तो पौध सड़ जाएगी।
2. *बियासी/लेही विधि*:
– अगर सीधे बीज छिड़के थे तो अब “बियासी” करो। हल्के हल से खेत जोत दो। धान की पौध रहेगी, खरपतवार दब जाएगी।
– बियासी के तुरंत बाद 500 ग्राम 2,4-D दवा प्रति एकड़ छिड़को। चौड़ी पत्ती वाला खरपतवार खत्म।
3. *गैप फिलिंग*: रोपाई के 7-10 दिन बाद मरी हुई जगह नई पौध लगा दो। नहीं तो वहाँ खरपतवार भर जाएगी।
#### *C. 25-31 जुलाई: पहली निराई-गुड़ाई और खाद*
1. *खरपतवार*: रोपाई के 20-25 दिन पर “कोनोवीडर” या हाथ से निराई करो। या Bispyribac Sodium 100 मिली प्रति एकड़ स्प्रे करो।
2. *पहली टॉप ड्रेसिंग*: रोपाई के 25-30 दिन बाद यूरिया 30-35 किलो प्रति एकड़ छिड़को। खेत में हल्का पानी रखना।
### *2. जुलाई में रख-रखाव: पानी, खाद, कीट*
काम कब करें कैसे करें क्यों जरूरी
**पानी प्रबंधन** पूरा जुलाई 2-3 इंच पानी खड़ा रखो। 7 दिन में 1 बार निकालकर हवा लगने दो जड़ मजबूत होगी। लोहे की विषाक्तता नहीं होगी
**खरपतवार** रोपाई के 3 दिन और 20 दिन बाद Butachlor पहले, फिर Bispyribac या निराई जुलाई में खरपतवार सबसे तेज बढ़ता है। 40% नुकसान करता है
**नाइट्रोजन** 25-30 दिन पर यूरिया 30 किलो/एकड़ कल्ले फूटने का टाइम है। अभी नाइट्रोजन चाहिए
**जिंक कमी** पत्ती पीली-सफेद हो तो जिंक सल्फेट 8 किलो + 4 किलो बुझा चूना छिड़को CG की मटासी मिट्टी में जिंक की कमी कॉमन है
### *3. जुलाई में सावधानी: 5 बड़ी गलती मत करना*
1. *पानी की कमी*: जुलाई में 1 हफ्ता भी खेत सूख गया तो कल्ले मर जाएंगे। बारिश न हो तो पंप से पानी भर दो। “दूधिया पानी” मतलब हल्का कीचड़ वाला पानी बेस्ट है।
2. *गंधी बग से बचो*: जुलाई अंत में कहीं कहीं बाली निकलने लगती है। गंधी बग दूध चूस लेता है। खेत के किनारे मेढ़ साफ रखो। दिखे तो शाम को Quinalphos 400 मिली/एकड़ स्प्रे।
3. *तना छेदक*: पौधे के बीच की पत्ती सूखकर “डेड हार्ट” बने तो समझो तना छेदक है। Cartap Hydrochloride 8 किलो प्रति एकड़ बुरकाव करो।
4. *झोंका/Blast*: पत्ती पर आँख जैसी धब्बे दिखें तो तुरंत Tricyclazole 120 ग्राम प्रति एकड़ स्प्रे। जुलाई की उमस में बहुत फैलता है। देर की तो 50% फसल गई।
5. *ज्यादा यूरिया*: डर के मारे 1 बोरी यूरिया एक साथ मत डालना। पौधा गिर जाएगा और बीमारी लगेगी। 2-3 बार में थोड़ा थोड़ा दो।
### *4. छत्तीसगढ़ स्पेशल जुलाई टिप्स*
1. *उतेरा की सोचो*: अभी से प्लान करो कि धान काटने से 15 दिन पहले लाख या अलसी छिड़कनी है। बीज अभी खरीद लो। रेट बढ़ जाता है बाद में।
2. *बीमा कराओ*: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में 31 जुलाई आखिरी तारीख है। ₹100/एकड़ में धान का बीमा हो जाएगा। बैंक या CSC सेंटर जाओ।
3. *नीम की खाद*: यूरिया में 1 किलो नीम खली पीसकर मिला दो। धीरे धीरे नाइट्रोजन रिलीज होगी और दीमक नहीं लगेगा।
4. *मौसम देखो*: IMD रायपुर का “मौसम CG” ऐप डाउनलोड कर लो। 5 दिन का बारिश का अलर्ट मिलता है। उसी हिसाब से खाद-दवा दो।
*जुलाई का मंत्र*: “पानी रखो, खरपतवार निकालो, यूरिया किश्तों में दो”।
तुम रोपा कर रहे हो या बियासी? और कौन सी वैरायटी लगाई है? नाम बता दो तो दवा-खाद का एकदम सटीक डोज बता दूं।
















