रायगढ़। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों की सोच को दिशा देकर समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करती है। इसी उद्देश्य को सम्मान देने के लिए राजधानी रायपुर के जेएन शांति नगर में आयोजित भव्य समारोह में देशभर के 250 उत्कृष्ट शिक्षकों को ‘स्व. श्री हरिवंश मिश्र राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया। इस राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के शिक्षक टिकेश्वर पटेल का सम्मान विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों और शिक्षकों के बीच रायगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और उपलब्धियों की व्यापक सराहना हुई। टिकेश्वर पटेल के प्रयासों ने न केवल जिले, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
शिक्षक सम्मानित होंगे तभी समाज आगे बढ़ेगा : डॉ. हिमांशु द्विवेदी
समारोह के मुख्य अतिथि एवं हरिभूमि समूह के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च रहा है। प्राचीन काल में राजा-महाराजा भी अपने गुरुओं के समक्ष सम्मानपूर्वक नतमस्तक होते थे, क्योंकि वे जानते थे कि राष्ट्र का चरित्र निर्माण कक्षा से ही शुरू होता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक को केवल एक कर्मचारी के रूप में देखने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जो चिंताजनक है। समाज को यह समझना होगा कि आने वाली पीढ़ी को गढ़ने वाले शिक्षक को उसका उचित सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों द्वारा शिक्षकों के सम्मान के लिए राष्ट्रीय मंच तैयार करने की पहल को सराहनीय बताया।
क्यों खास हैं ‘नवोदय गुरु’ टिकेश्वर पटेल
रायगढ़ जिले के शिक्षक टिकेश्वर पटेल, जिन्हें लोग प्रेम से ‘नवोदय गुरु’ के नाम से जानते हैं, वर्ष 2005 से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का संकल्प लिया और उसे निरंतर निभा रहे हैं।
गणित जैसे कठिन विषय को सरल मैथ्स ट्रिक्स के माध्यम से पढ़ाना उनकी विशेष पहचान है। वे नियमित विद्यालयीन समय के बाद भी विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग प्रदान करते हैं। उनके मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि प्रतिवर्ष 10 से 15 विद्यार्थी नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल और एकलव्य आवासीय विद्यालय जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में चयनित हो रहे हैं।
सरकारी स्कूल की बढ़ी पहचान
टिकेश्वर पटेल की मेहनत और समर्पण का प्रभाव इतना व्यापक है कि उनके विद्यालय शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला नवापारा टेंडा में अब केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि आसपास के ब्लॉकों और जिलों से भी अभिभावक अपने बच्चों का प्रवेश कराने पहुंच रहे हैं।
इस वर्ष उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के विद्यार्थियों जिगर राठिया, टंकित पटेल और टिकेश्वर पटेल का चयन नवोदय एवं सैनिक स्कूल में हुआ। वहीं एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में विद्यालय के 26 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त कर रायगढ़ और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया।
शिक्षा के आदर्शों को समर्पित आयोजन
राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पूर्णानंद मिश्रा ने की। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानपाठक स्व. श्री हरिवंश मिश्र के अनुशासन, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज सेवा की भावना को जीवित रखने के उद्देश्य से इस सम्मान की शुरुआत की गई है।
विशिष्ट अतिथि एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कहा कि शिक्षक का कार्य केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं, बल्कि अच्छे नागरिक और बेहतर इंसान तैयार करना है।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने सभी अतिथियों एवं सम्मानित शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी समर्पित शिक्षक का सम्मान वास्तव में पूरी शिक्षा व्यवस्था और देश के उज्ज्वल भविष्य का सम्मान है।
समारोह को सफल बनाने में दिजेंद्र कुर्रे, प्रेमचंद साव, डॉ. प्रज्ञा सिंह, रिंकल बग्गा, तरुण कुमार दास, पीतांबर मानिकपुरी, अजय कुमार जायसवाल, रुद्र नारायण तिवारी, वीरेंद्र कुमार कर, रीता पति, शैलेन्द्र नायक, मनोज मुच्छावड़, योगेश सिंह ठाकुर, गायत्री मिश्रा, एम.एन. वर्मा एवं आनंद शर्मा सहित अनेक पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
संवाददाता : विनोद चौहान
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