🐘 BREAKING NEWS | रायगढ़ में हाथियों का आतंक!
🌾 अंधेरा होते ही खेतों में उतर रहा हाथियों का दल, 16 किसानों की धान की फसल तबाह — गांवों में दहशत
रायगढ़। जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। अंधेरा होते ही हाथियों के दल खेतों की ओर पहुंच रहे हैं और खड़ी धान की फसल को रौंदकर किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। रायगढ़ और धरमजयगढ़ दोनों वन मंडलों के अलग-अलग इलाकों में अब तक 16 किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। लगातार हो रहे फसल नुकसान से किसानों में चिंता और दहशत का माहौल है।
🚨 तमनार में 5 किसानों की फसल बर्बाद
रायगढ़ वन मंडल के तमनार रेंज के सामारूमा गांव में हाथियों के दल ने पांच किसानों के खेतों में पहुंचकर खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। वहीं घरघोड़ा रेंज के कमतरा में भी एक किसान की धान की फसल हाथियों की चपेट में आ गई।
🌾 धरमजयगढ़ वन मंडल में भी भारी नुकसान
धरमजयगढ़ वन मंडल के नलकालो क्षेत्र में कुसुम और श्रवण कुमार के खेतों को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया। वहीं प्रेमनगर और मेढरमार क्षेत्र में हाथियों के दल ने विजय राय, चैतराम, रथ्थूलाल और दिलीप की धान की फसल रौंद दी।
इसी तरह लैलूंगा और गमेकेला क्षेत्र में प्रशांत भगत, खेमचंद, मूसतराम और लालोनी शर्मा की धान की फसल को भी हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है।
⚠️ वन विभाग अलर्ट, गांवों में मुनादी
लगातार बढ़ रहे हाथी-मानव संघर्ष को देखते हुए वन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फसल नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हाथियों के दल की लगातार निगरानी की जा रही है और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
🌙 शाम होते ही बढ़ जाता है खतरा
वन विभाग ने ग्रामीणों को खास तौर पर शाम और रात के समय जंगल एवं हाथी प्रभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों से कहा गया है कि हाथियों के करीब जाने, उन्हें छेड़ने या उनका पीछा करने की कोशिश न करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना और जनहानि को रोका जा सके।
धान की फसल तैयार होने के समय हाथियों की खेतों में बढ़ती आवाजाही ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अब किसानों की नजर वन विभाग की निगरानी और नुकसान के आकलन के बाद होने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी है।
संवाददाता:– विनोद कुमार चौहान
ग्रामीण भारत न्यूज रायगढ़




















