⚡ रात 2:30 बजे दोस्त को भेजा था दर्द का मैसेज, सुबह 4 बजे घर पहुंचे तो बिगड़ चुकी थी हालत; अस्पताल ले जाते समय भी जारी रहा CPR
गोवा/मुंबई, 08 अक्टूबर 2026।
भारतीय सिनेमा के दिग्गज और अपनी दमदार अदाकारी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। गुरुवार तड़के गोवा के डोना पाउला स्थित उनके आवास पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया। इसके बाद उन्हें तत्काल मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, नाना पाटेकर को अस्पताल लाए जाने तक उनकी हालत बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट तक लगातार CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी धड़कन वापस नहीं आ सकी। उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया।
🚨 आखिरी रात क्या हुआ? 2:30 बजे दोस्त को भेजा था संदेश
नाना पाटेकर की मौत से पहले की रात बेहद भयावह रही। रिपोर्टों के मुताबिक, तड़के करीब 2:30 बजे उन्होंने अपने एक दोस्त को संदेश भेजकर तबीयत खराब होने और शरीर के बाईं ओर दर्द महसूस होने की जानकारी दी थी।
रात का समय होने के कारण दोस्त उस संदेश को तत्काल नहीं देख सके। करीब 4 बजे जब वे नाना पाटेकर के आवास पर पहुंचे, तो अभिनेता को सांस लेने में परेशानी हो रही थी और वे पसीने से पूरी तरह तरबतर थे।
इसके बाद तत्काल एम्बुलेंस बुलाई गई। घर से ही CPR शुरू किया गया और उन्हें मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। लेकिन स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि डॉक्टरों की करीब 45 मिनट की कोशिश भी उन्हें नहीं बचा सकी।
🏥 मौत के कारण को लेकर जांच जारी, पोस्टमार्टम कराया जाएगा
अस्पताल की ओर से बताया गया कि नाना पाटेकर को गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। मामले में मेडिको-लीगल केस (MLC) दर्ज किया गया है और मौत के सटीक कारण को लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
रिपोर्टों के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज (GMC) भेजा गया है। पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद मृत्यु की परिस्थितियों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
🎬 दमदार आवाज और अभिनय से करोड़ों दिलों पर किया राज
नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की एक अलग पहचान थे। उनकी संवाद अदायगी, चेहरे के भाव और किरदारों को जीवंत करने की क्षमता ने उन्हें बॉलीवुड के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में शामिल किया।
उन्होंने 1978 में ‘गमन’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद ‘अंकुश’, ‘प्रतिघात’, ‘परिंदा’, ‘प्रहार’, ‘तिरंगा’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘खामोशी: द म्यूजिकल’, ‘क्रांतिवीर’, ‘वेलकम’, ‘अपहरण’ और ‘राजनीति’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं।
गंभीर और आक्रामक किरदारों से लेकर कॉमेडी तक, नाना पाटेकर ने अभिनय की लगभग हर शैली में अपनी अलग छाप छोड़ी। ‘क्रांतिवीर’ में उनके दमदार अभिनय ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई दी, जबकि ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों ने उनकी कॉमिक टाइमिंग का भी लोहा मनवाया।
अभिनेता के अलावा उन्होंने लेखक और निर्देशक के तौर पर भी काम किया। ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ के जरिए उन्होंने निर्देशन में अपनी प्रतिभा दिखाई।
💔 सिनेमा जगत में शोक की लहर
नाना पाटेकर के अचानक निधन की खबर सामने आते ही बॉलीवुड और उनके करोड़ों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। पांच दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने जिस तरह के किरदार निभाए, वे आज भी दर्शकों के जेहन में जिंदा हैं।
उनकी अदाकारी की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि पर्दे पर वे किरदार नहीं निभाते थे, बल्कि उसे जीते हुए दिखाई देते थे। उनकी आवाज, संवाद बोलने का अंदाज और आंखों का भाव ही किसी दृश्य को यादगार बनाने के लिए काफी था।
⚠️ हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट एक नहीं!
नाना पाटेकर की मौत के बाद हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट को लेकर लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है।
हार्ट अटैक आम तौर पर तब होता है जब हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली किसी नस में रुकावट आ जाती है।
वहीं कार्डियक अरेस्ट में दिल की इलेक्ट्रिकल गतिविधि अचानक गड़बड़ा जाती है और हृदय प्रभावी ढंग से रक्त पंप करना बंद कर देता है। कई बार हार्ट अटैक भी कार्डियक अरेस्ट का कारण बन सकता है, लेकिन दोनों चिकित्सकीय रूप से एक ही स्थिति नहीं हैं।
🚨 कार्डियक अरेस्ट के संकेतों को नजरअंदाज न करें
कार्डियक अरेस्ट कई बार अचानक होता है। इसके प्रमुख संकेतों में—
🔴 अचानक बेहोश होकर गिर जाना
🔴 सामान्य रूप से सांस न लेना या सांस रुक जाना
🔴 नाड़ी महसूस न होना
🔴 कुछ मामलों में सीने में बेचैनी
🔴 सांस लेने में परेशानी
🔴 अचानक अत्यधिक कमजोरी या दिल की धड़कन में असामान्यता
ऐसे समय में एक-एक सेकंड बेहद महत्वपूर्ण होता है।
🆘 किसी के सामने ऐसी स्थिति आए तो क्या करें?
➡️ तुरंत इमरजेंसी सेवा/एम्बुलेंस को फोन करें।
➡️ व्यक्ति की प्रतिक्रिया और सांस की जांच करें।
➡️ सामान्य सांस न लेने पर तत्काल CPR शुरू करें।
➡️ छाती के बीच में तेज और लगातार दबाव दें—आम तौर पर 100–120 बार प्रति मिनट की दर से।
➡️ उपलब्ध होने पर AED (Automated External Defibrillator) का इस्तेमाल करें और उसके निर्देशों का पालन करें।
समय पर CPR और AED का इस्तेमाल कार्डियक अरेस्ट में जीवन बचाने की संभावना बढ़ा सकता है।
🕯️ एक युग का अंत…
नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है।
उनके संवाद, उनकी आवाज, उनका अंदाज और उनके निभाए किरदार लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगे।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏💐
संवाददाता:– विनोद कुमार चौहान
ग्रामीण भारत न्यूज रायगढ़ छत्तीसगढ़




















