कुनकुरी-पत्थलगांव मार्ग निर्माण ने पकड़ी रफ्तार: 125 करोड़ की लागत से सुधरेगी जिले की ‘लाइफलाइन’, ग्रामीणों को मिलेगी जर्जर राह से मुक्ति
विशेष रिपोर्ट: झसकेतन राजहंस (ग्रामीण भारत न्यूज) कुनकुरी / पत्थलगांव (जशपुर)
जशपुर जिले की प्रमुख और बहुप्रतीक्षित कुनकुरी–पत्थलगांव सड़क परियोजना को लेकर क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कड़े निर्देशों के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण कार्य अब पूरी गति से शुरू हो चुका है। करीब 125 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार होने वाली इस 65 किलोमीटर लंबी सड़क के बन जाने से न केवल क्षेत्र के यातायात को नई दिशा मिलेगी, बल्कि वर्षों से खस्ताहाल सड़कों की मार झेल रही ग्रामीण आबादी को आवागमन में सुगमता का सीधा लाभ मिलेगा।
जिले की लाइफलाइन है यह मार्ग कुनकुरी से शुरू होकर कांसाबेल होते हुए पत्थलगांव तक जुड़ने वाली यह सड़क भौगोलिक और आर्थिक दृष्टिकोण से पूरे जशपुर जिले की जीवनरेखा मानी जाती है। पत्थलगांव, जो जिले का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र और बड़ा कृषि मंडी क्षेत्र है, से कुनकुरी व जिला मुख्यालय का सीधा संपर्क इसी मार्ग पर निर्भर करता है। लंबे समय से सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों, उड़ती धूल और बारिश के दिनों में कीचड़ के जमाव के कारण दैनिक यात्रियों, स्कूली छात्र-छात्राओं, किसानों और गंभीर मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
पुल-पुलियों का भी हो रहा चौतरफा निर्माण इस बार सड़क निर्माण के साथ-साथ मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख नालों और जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों पर नए पुल-पुलियों का निर्माण कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मानसून और तेज बारिश के दौरान आवागमन ठप न पड़े और पानी के तेज बहाव से सड़क को कोई नुकसान न पहुंचे। तकनीकी मानकों को ध्यान में रखते हुए निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की हिदायत दी गई है।
स्थानीय व्यापार और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया संबल ग्रामीण भारत न्यूज से बातचीत के दौरान स्थानीय ग्रामीणों, छोटे व्यापारियों और वाहन चालकों ने सड़क निर्माण में आई तेजी पर खुशी जाहिर की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के पूरी तरह तैयार हो जाने से न सिर्फ यात्रा का समय आधा रह जाएगा, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए मरीजों को पत्थलगांव या उच्च चिकित्सा केंद्रों तक ले जाना बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा। इसके अलावा सब्जी व उपज मंडियों तक किसानों की सीधी पहुंच बनने से उनकी परिवहन लागत में भी बड़ी कमी आएगी।
प्रशासन की निगरानी में जारी इस कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए मशीनरी और श्रमिकों की संख्या बढ़ा दी गई है, ताकि जिले की इस मुख्य धमनी को जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ आम जनता के हवाले किया जा सके।




















