🚨 ग्रामीण भारत न्यूज
छत्तीसगढ़ के पामगढ़ में शराब पीने के बाद मचा हड़कंप, पार्षद समेत दो की मौत; एक अन्य की हालत बिगड़ी
जहरीले पदार्थ की आशंका के बीच पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट से होगा मौत के कारणों का खुलासा
संवाददाता: झसकेतन राजहंस
स्थान: जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़।
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ क्षेत्र में शराब सेवन के बाद दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतकों में एक जनप्रतिनिधि और एक निजी क्लिनिक संचालक शामिल हैं। बताया जा रहा है कि चार लोग एक साथ देसी शराब का सेवन कर रहे थे। शराब पीने के बाद उनमें से दो की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। हालत गंभीर होने पर दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, शराब सेवन में शामिल एक अन्य व्यक्ति की तबीयत भी बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मौतें शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी के कारण हुईं या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।
चार लोगों ने किया था शराब का सेवन
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 की रात पामगढ़ कस्बे में हुई। बताया गया है कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पार्षद रामखिलावन जांगड़े (55 वर्ष) और निजी क्लिनिक संचालक जोहित खरे (52 वर्ष) दो अन्य लोगों के साथ देसी शराब का सेवन कर रहे थे।
शराब सेवन के बाद सभी अपने-अपने घर लौट गए। इसी दौरान रामखिलावन जांगड़े और जोहित खरे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। दोनों को सांस लेने में परेशानी होने लगी, जिसके बाद परिजनों और आसपास के लोगों की मदद से उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
शुरुआत में दोनों को पामगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया। हालांकि, चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी।
बिलासपुर के अलग-अलग अस्पतालों में हुई मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पार्षद रामखिलावन जांगड़े को बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में भर्ती कराया गया था। वहीं, जोहित खरे को बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया।
दोनों की हालत गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।
एक जनप्रतिनिधि और निजी क्लिनिक संचालक की इस तरह अचानक मौत होने की खबर से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। घटना ने शराब के सेवन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों और संदिग्ध परिस्थितियों में होने वाली मौतों की जांच की आवश्यकता को भी सामने ला दिया है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि फिलहाल दोनों की मौत का कारण आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है। केवल शराब सेवन के बाद तबीयत बिगड़ने के आधार पर इसे जहरीली शराब से हुई मौत घोषित नहीं किया जा सकता। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
तीसरे व्यक्ति की तबीयत भी बिगड़ी
इस घटना में शराब सेवन करने वाले अन्य लोगों की स्थिति को लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कमल नाथ खरे उर्फ राजा नामक व्यक्ति की तबीयत शनिवार को बिगड़ गई। उसे बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहीं, घटना के समय मौजूद चौथे व्यक्ति मुकेश कश्यप उर्फ गोलू से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि चारों लोगों ने शराब कहां से प्राप्त की थी, उसका सेवन किन परिस्थितियों में किया गया और इसके बाद उनकी तबीयत किस प्रकार बिगड़ी।
जांच के दौरान इन लोगों के बयान और उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस का प्रयास है कि घटनाक्रम की पूरी कड़ी को समझकर मौतों की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।
मौके पर पहुंची पुलिस, कई पहलुओं पर जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पामगढ़ थाना प्रभारी राकेश सूर्यवंशी पुलिस टीम के साथ मामले की जांच में जुट गए। पुलिस शराब सेवन से लेकर दोनों व्यक्तियों की तबीयत बिगड़ने और अस्पताल में उनकी मौत होने तक की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि शराब का स्रोत क्या था और क्या सेवन की गई शराब में किसी हानिकारक या जहरीले पदार्थ की मौजूदगी थी। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों की मौत किसी विषैले पदार्थ के प्रभाव से हुई या कोई अन्य चिकित्सकीय कारण जिम्मेदार था।
पोस्टमार्टम और विसरा जांच से खुलेगा राज
दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ विसरा जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
विसरा जांच के माध्यम से शरीर में किसी विषैले पदार्थ की मौजूदगी के संबंध में वैज्ञानिक जानकारी मिल सकती है। रिपोर्ट और पुलिस की जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही यह तय किया जा सकेगा कि शराब में किसी प्रकार की मिलावट या जहरीले पदार्थ की भूमिका थी अथवा नहीं।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और क्षेत्र के लोगों की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर मामले की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना जरूरी है, ताकि अफवाहों पर रोक लगे और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
शराब सेवन को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर शराब सेवन से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर ध्यान आकर्षित किया है। संदिग्ध परिस्थितियों में शराब पीने के बाद सांस लेने में परेशानी, उल्टी, बेहोशी या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। संदिग्ध शराब का सेवन करने वाले अन्य लोगों को भी लक्षणों की प्रतीक्षा किए बिना चिकित्सा संबंधी सलाह लेनी चाहिए। शराब के किसी नमूने को स्वयं जांचने या उसका दोबारा सेवन करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता और वैज्ञानिक जांच ही ऐसे मामलों में वास्तविक कारण का पता लगाने में मदद कर सकती है।
निष्कर्ष: जांच रिपोर्ट का इंतजार
जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ में शराब सेवन के बाद पार्षद रामखिलावन जांगड़े और निजी क्लिनिक संचालक जोहित खरे की मौत का मामला गंभीर है। एक अन्य व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने और चौथे व्यक्ति से पूछताछ की जानकारी के बीच पुलिस घटना की सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है।
फिलहाल जहरीली शराब से मौत होने की पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम, विसरा जांच और पुलिस की पड़ताल पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
ग्रामीण भारत न्यूज की अपील: घटना से संबंधित किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह को साझा करने से बचें। आधिकारिक जांच रिपोर्ट और पुलिस के सत्यापित बयानों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालें।
✍️ संवाददाता: झसकेतन राजहंस
ग्रामीण भारत न्यूज | छत्तीसगढ़



















