5G से आगे अब भारत की नजर स्वदेशी टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और वैश्विक टेलीकॉम नेतृत्व पर
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2026।
ग्रामीण भारत न्यूज | संवाददाता – झसकेतन राजहंस
भारत के दूरसंचार और डिजिटल तकनीक क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में शामिल इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) के 10वें संस्करण का उद्घाटन गुरुवार को हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भारत की डिजिटल यात्रा, मोबाइल कनेक्टिविटी, 5G विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस, साइबर सुरक्षा, स्वदेशी टेलीकॉम तकनीक, सेमीकंडक्टर निर्माण और आने वाले दशक के तकनीकी रोडमैप पर विस्तार से बात की।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत ने पिछले एक दशक में केवल मोबाइल कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं किया है, बल्कि मोबाइल फोन और इंटरनेट को आम नागरिक की सुविधा, सरकारी सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, भुगतान और आर्थिक अवसरों से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अब भारत का लक्ष्य केवल तकनीक का उपभोक्ता बनना नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, डिजाइन और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में दुनिया के लिए समाधान तैयार करने वाला देश बनना है।
प्रधानमंत्री ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10 वर्ष पूरे होने को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह मंच समय के साथ भारत के टेलीकॉम क्षेत्र की प्रगति, नई तकनीकों, निवेश, स्टार्टअप, अनुसंधान और नवाचार के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हुआ है।
एयरफोर्स डे पर वीर जवानों को नमन
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत 8 अक्टूबर के महत्व का उल्लेख करते हुए की। उन्होंने कहा कि देश आज एयरफोर्स डे मना रहा है और इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के वीर जवानों को नमन किया।
उन्होंने देशवासियों को एयरफोर्स डे की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र की सुरक्षा में भारतीय वायुसेना के योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया।
प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्षों की सेवा का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि पिछले दिन ही उन्हें सरकार के प्रमुख के रूप में देश की सेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे हुए हैं। उन्होंने इस अवसर पर देशवासियों तथा दुनिया भर में भारत के मित्रों द्वारा दी गई शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि उनके लिए यह सेवा की निरंतर यात्रा रही है और देश की जनता की सेवा करना उनके लिए सर्वोच्च दायित्व है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10 वर्ष पूरे
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दसवें संस्करण को भारत के टेलीकॉम क्षेत्र की यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में इस आयोजन ने भारत की तकनीकी क्षमता और डिजिटल परिवर्तन को दुनिया के सामने रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि इस मंच पर समय-समय पर 5G, वैश्विक डिजिटल मानक, निवेश, नवाचार, भारत में निर्माण और टेलीकॉम क्षेत्र के भविष्य जैसे विषयों पर चर्चा हुई है।
इस वर्ष GSMA Board की बैठक के लिए भारत का चयन भी प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने दुनिया भर से भारत पहुंचे टेलीकॉम ऑपरेटरों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और स्टार्टअप से जुड़े लोगों का स्वागत किया।
नाना पाटेकर को प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान अभिनेता नाना पाटेकर के निधन का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार तथा प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नाना पाटेकर ने विभिन्न भूमिकाओं के माध्यम से दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई और सामाजिक विषयों तथा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को भी अपने अभिनय के माध्यम से सामने रखा।
5G विस्तार में भारत ने बनाया बड़ा आधार
प्रधानमंत्री ने भारत में 5G नेटवर्क के विस्तार को देश की डिजिटल यात्रा की बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया।
उन्होंने कहा कि 2022 में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के मंच से भारत में 5G सेवा की शुरुआत की गई थी। इसके बाद भारत ने केवल 5G रोलआउट तक सीमित रहने के बजाय इसे देश के अधिक से अधिक हिस्सों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री के अनुसार अब देश के हर जिले तक 5G कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है और भारत में साढ़े पांच लाख से अधिक बेस स्टेशन 5G नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2022 की तुलना में मोबाइल इंटरनेट की गति में लगभग दस गुना वृद्धि हुई है।
यह बदलाव विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जहां तेज इंटरनेट अब शिक्षा, व्यापार, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन सेवाओं और रोजगार के नए अवसरों का माध्यम बन रहा है।
डिजिटल इंडिया ने बदली आम नागरिक की जिंदगी
प्रधानमंत्री ने कहा कि टेलीकॉम की चर्चा अक्सर नेटवर्क, स्पेक्ट्रम, टावर, स्पीड और कनेक्टिविटी तक सीमित रहती है, लेकिन आम नागरिक के लिए मोबाइल फोन का महत्व इससे कहीं अधिक है।
उनके अनुसार पिछले 10 से 12 वर्षों में मोबाइल फोन केवल बातचीत और संदेश भेजने का साधन नहीं रहा, बल्कि यह गुड गवर्नेंस का महत्वपूर्ण उपकरण बन चुका है।
डिजिटल इंडिया के माध्यम से सरकार ने मोबाइल और इंटरनेट को नागरिक सेवाओं के साथ जोड़ने पर जोर दिया। इसका असर बैंकिंग, शिक्षा, स्वास्थ्य, भुगतान, सरकारी योजनाओं और विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं में दिखाई दे रहा है।
डिजिटल डिवाइड कम करने की कोशिश
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले भारत में डिजिटल डिवाइड एक बड़ी चुनौती थी। आधुनिक तकनीक तक पहुंच कई लोगों के लिए उनकी आर्थिक क्षमता पर निर्भर थी।
डिजिटल इंडिया अभियान के तहत सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए मोबाइल फोन और डिजिटल कनेक्टिविटी को केंद्र में रखा।
टेलीकॉम क्षेत्र में सुधार, नेटवर्क विस्तार और भारत में मोबाइल फोन तथा टेलीकॉम उपकरणों के निर्माण पर जोर देकर तकनीक को आम नागरिक तक पहुंचाने की दिशा में काम किया गया।
इसका परिणाम यह हुआ कि मोबाइल फोन और डेटा की उपलब्धता अधिक व्यापक हुई तथा डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल देश के छोटे शहरों, कस्बों और गांवों तक बढ़ा।
कोरोना काल में डिजिटल नेटवर्क की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान डिजिटल कनेक्टिविटी की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि जब सामान्य गतिविधियां बाधित हो गई थीं, तब डिजिटल नेटवर्क ने देश के कई महत्वपूर्ण कार्यों को जारी रखने में सहायता की।
ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग, स्वास्थ्य सेवाएं, डिजिटल भुगतान और सरकारी सेवाओं की उपलब्धता में इंटरनेट तथा मोबाइल कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण माध्यम बने।
इससे उन विद्यार्थियों और नागरिकों को भी डिजिटल संसाधनों तक पहुंच बनाने का अवसर मिला जो बड़े शहरों से दूर रहते हैं।
ऑनलाइन शिक्षा में बड़ा विस्तार
प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन शिक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले दीक्षा प्लेटफॉर्म का उदाहरण देते हुए कहा कि कोविड काल तक इस प्लेटफॉर्म पर करोड़ों की संख्या में लर्निंग सेशन दर्ज किए गए थे।
सरकार का लक्ष्य डिजिटल एवं ऑनलाइन शिक्षा के विभिन्न माध्यमों से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को जोड़ना है।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए डिजिटल शिक्षा का विस्तार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इंटरनेट आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर रहते हुए देश और दुनिया के शिक्षण संसाधनों तक पहुंच मिल सकती है।
गांव और गरीब तक पहुंच रही डिजिटल सुविधा
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की भौगोलिक और भाषाई विविधता के कारण लंबे समय तक नागरिकों को अनेक सेवाओं के लिए यात्रा करनी पड़ती थी।
बैंकिंग सेवाओं के लिए शहर जाना, अस्पतालों के लिए बड़े केंद्रों पर निर्भर रहना तथा सरकारी कार्यों के लिए ब्लॉक या जिला मुख्यालय पहुंचना कई नागरिकों के लिए समय और धन दोनों की मांग करता था।
डिजिटल सेवाओं के विस्तार से इन परिस्थितियों में बदलाव आया है।
अब अनेक सरकारी सेवाएं मोबाइल फोन के माध्यम से उपलब्ध हैं और सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर को बताया बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT व्यवस्था को सरकारी योजनाओं की राशि सही लाभार्थियों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत बड़ी मात्रा में धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंची है और डिजिटल व्यवस्था के कारण सरकारी भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि डिजिटल भुगतान और DBT व्यवस्था के कारण बड़ी राशि के संभावित लीकेज को रोकने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि जो पैसा पहले गलत हाथों में जाने की संभावना रखता था, उसे अब योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने और विकास कार्यों में उपयोग करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
पीएम किसान सम्मान निधि से करोड़ों किसानों को लाभ
प्रधानमंत्री ने पीएम किसान सम्मान निधि का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक चार लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि किसानों के बैंक खातों में भेजी जा चुकी है।
सरकार के अनुसार योजना की राशि निर्धारित अंतराल पर किसानों के खातों में पहुंचती है और मोबाइल फोन पर लाभार्थी को भुगतान संबंधी जानकारी भी मिल जाती है।
ग्रामीण भारत के लिए डिजिटल बैंकिंग और मोबाइल सूचना व्यवस्था का यह मॉडल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे किसानों को सरकारी भुगतान की जानकारी घर बैठे मिल सकती है।
मोबाइल फोन बना सुविधा का माध्यम
प्रधानमंत्री ने मोबाइल फोन की भूमिका को केवल संचार तक सीमित नहीं माना। उन्होंने इसे नागरिकों के लिए यात्रा कम करने, इंतजार घटाने, लागत कम करने और सुविधा बढ़ाने वाला माध्यम बताया।
यानी सरकारी सेवाओं, बैंकिंग, भुगतान, शिक्षा और अन्य डिजिटल सुविधाओं तक पहुंच के कारण नागरिक के समय और संसाधनों की बचत हो रही है।
टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार विस्तार
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में देश के दूरस्थ इलाकों में टेलीकॉम टावरों की संख्या बढ़ी है।
ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार और डेटा की उपलब्धता में सुधार के कारण देश के अनेक हिस्से डिजिटल नेटवर्क से अधिक मजबूती से जुड़े हैं।
इस विस्तार का असर केवल टेलीकॉम सेक्टर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे टेक्नोलॉजी, मनोरंजन, शिक्षा और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में नए बाजार भी विकसित हुए हैं।
गेमिंग सेक्टर में युवाओं की बढ़ती भागीदारी
प्रधानमंत्री ने भारत के गेमिंग इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग गेमिंग से जुड़े हैं और इसमें युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा भी गेमिंग और ई-स्पोर्ट्स से जुड़ रहे हैं।
अब युवा केवल गेम खेलने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गेमिंग कंटेंट तैयार कर रहे हैं, ई-स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं और नए गेमिंग कारोबार भी खड़े कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री के अनुसार मोबाइल फोन अब गेमिंग कंसोल के साथ-साथ कंटेंट और क्रिएशन का स्टूडियो भी बन चुका है।
सस्ता डेटा और तेज नेटवर्क से कंटेंट क्रिएशन को बढ़ावा
भारत में सस्ते डेटा और तेज इंटरनेट ने डिजिटल कंटेंट निर्माण के क्षेत्र को भी व्यापक बनाया है।
वीडियो प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और क्षेत्रीय OTT सेवाएं अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं हैं।
छोटे शहरों और गांव-कस्बों के युवा भी अपने स्थानीय भाषाई और क्षेत्रीय विषयों पर कंटेंट बना रहे हैं।
इससे स्थानीय भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय प्रतिभाओं को डिजिटल मंच मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने इसे कंटेंट क्रिएशन के लोकतंत्रीकरण के रूप में रेखांकित किया।
साइबर सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश
डिजिटल विस्तार के साथ प्रधानमंत्री ने साइबर सुरक्षा को भी अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बताया।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे मोबाइल फोन और नेटवर्क की सुरक्षा भी जरूरी हो गई है।
एक सामान्य नागरिक तकनीकी प्रोटोकॉल या नेटवर्क आर्किटेक्चर की भाषा में नहीं सोचता। उसके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात विश्वास है।
जब फोन पर कॉल आए तो उसे भरोसा होना चाहिए कि कॉल करने वाला कौन है।
जब कोई संदेश आए तो उसे पता होना चाहिए कि संदेश वास्तविक है या फर्जी।
जब वह ऑनलाइन भुगतान करे तो उसे विश्वास होना चाहिए कि उसका पैसा सुरक्षित है।
और जब वह किसी ऑनलाइन फॉर्म में व्यक्तिगत जानकारी दे तो उसे भरोसा होना चाहिए कि उसका डेटा सुरक्षित रहेगा।
साइबर अपराध की सीमाएं खत्म होने की चुनौती
प्रधानमंत्री ने कहा कि साइबर फ्रॉड और साइबर अपराध किसी देश की सीमा में सीमित नहीं हैं।
एक देश में बैठा अपराधी दूसरे देश की तकनीकी मदद लेकर किसी तीसरे देश में बैठे व्यक्ति को निशाना बना सकता है।
डीपफेक तकनीक को भी उन्होंने तेजी से उभरती चुनौती बताया।
ऐसी स्थिति में केवल किसी एक देश के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सरकारों, टेक्नोलॉजी कंपनियों, टेलीकॉम ऑपरेटरों और वित्तीय संस्थानों को मिलकर सुरक्षा तंत्र तैयार करना होगा।
वैश्विक स्तर पर साइबर फ्रॉड रोकने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने GSMA और दुनिया के टेलीकॉम ऑपरेटरों से ऐसा वैश्विक तंत्र विकसित करने का आह्वान किया जो फर्जी कॉल, संदेश और डिजिटल धोखाधड़ी को नागरिक तक पहुंचने से पहले रोकने में सक्षम हो।
उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभवों से काफी कुछ सीखा है और इन अनुभवों को दुनिया के साथ साझा करने के लिए तैयार है।
अब भारत केवल Consumer नहीं, Creator बनने की दिशा में
प्रधानमंत्री ने भारत की डिजिटल यात्रा के अगले चरण को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा।
उन्होंने कहा कि भारत ने Consumer से Creator बनने की दिशा में यात्रा शुरू कर दी है।
अब लक्ष्य यह है कि उत्पाद का डिजाइन भारत में हो, तकनीक भारत की हो और उससे जुड़ी बौद्धिक संपदा यानी IP भी भारत की हो।
यह बदलाव भारत के टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को वैश्विक बाजार में अधिक मजबूत भूमिका देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
टेलीकॉम सेक्टर में सुधारों पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार टेलीकॉम सेक्टर में पुराने नियमों और व्यवस्थाओं को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बदल रही है।
Telecommunications Act के माध्यम से आधुनिक नियामक व्यवस्था तैयार करने की दिशा में काम हुआ है।
उन्होंने AGR और बैंक गारंटी जैसे संरचनात्मक बोझों को तर्कसंगत बनाने की बात भी कही।
इसके साथ ही गतिशक्ति संचार पोर्टल के माध्यम से Right of Way यानी टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए आवश्यक अनुमोदनों की प्रक्रिया को डिजिटल और तेज बनाने का उल्लेख किया।
सेमीकंडक्टर निर्माण में भारत की बढ़ती भूमिका
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को भी प्रधानमंत्री ने भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि देश में सेमीकंडक्टर और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का इकोसिस्टम गति पकड़ रहा है।
प्रधानमंत्री के अनुसार कई स्थानों पर वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है और India Semiconductor Mission के अगले चरण में पूरी सप्लाई चेन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इसका उद्देश्य भारत को केवल तैयार इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का बाजार बनाने के बजाय उनके निर्माण और तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला में भी मजबूत भागीदार बनाना है।
अगले दशक की तकनीकी दिशा तय करेगा IMC
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दशक में अब कुछ ही वर्ष शेष हैं और आने वाले वर्षों की तकनीकी दिशा तय करने में इंडिया मोबाइल कांग्रेस जैसे मंचों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
इस वर्ष सम्मेलन की थीम “Scale without boundaries” यानी सीमाओं से परे विस्तार है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का अनुभव बताता है कि यदि तकनीक को व्यापक स्तर पर आम नागरिक तक पहुंचाया जाए तो उसका प्रभाव केवल उद्योग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देता है।
विकसित भारत के लक्ष्य में डिजिटल तकनीक की बड़ी भूमिका
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के संकल्प से डिजिटल और टेलीकॉम क्षेत्र को जोड़ते हुए कहा कि आने वाले समय में तकनीक, अनुसंधान, उद्योग, निवेश और नवाचार को एक साथ आगे बढ़ाना होगा।
उनके अनुसार इंडिया मोबाइल कांग्रेस को केवल नई तकनीक प्रदर्शित करने वाला आयोजन नहीं रहना चाहिए।
इसे ऐसे मंच के रूप में विकसित होना चाहिए जहां नई साझेदारियां बनें, रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू हों, भारत में तैयार उत्पाद दुनिया के बाजार तक पहुंचें और ऐसे नवाचार सामने आएं जो मानवता के लिए उपयोगी साबित हों।
ग्रामीण भारत के लिए डिजिटल क्रांति के मायने
भारत की डिजिटल यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है।
तेज मोबाइल नेटवर्क, डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, सरकारी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता और डिजिटल बाजार ग्रामीण नागरिकों को स्थानीय सीमाओं से बाहर जोड़ने की क्षमता रखते हैं।
किसानों के लिए डिजिटल मौसम जानकारी, कृषि संबंधी सलाह, सरकारी योजनाओं की जानकारी और ऑनलाइन भुगतान से लेकर ग्रामीण युवाओं के लिए ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल कौशल और कंटेंट निर्माण तक कई नए अवसर पैदा हुए हैं।
यदि आने वाले वर्षों में 5G और उसके बाद की तकनीकों का विस्तार गांवों तक मजबूत रूप से होता है, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी डिजिटल परिवर्तन की गति और तेज हो सकती है।
डिजिटल भारत से आत्मनिर्भर भारत की ओर
प्रधानमंत्री के संबोधन का व्यापक संदेश यही रहा कि भारत अब केवल दुनिया में उपलब्ध डिजिटल तकनीक का उपयोग करने वाला बाजार नहीं रहना चाहता।
देश की प्राथमिकता अब अपनी तकनीक, अपना डिजाइन, अपना निर्माण, अपना IP और अपनी वैश्विक प्रतिस्पर्धी क्षमता विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने की है।
टेलीकॉम, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, साइबर सुरक्षा, गेमिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑनलाइन सेवाओं जैसे क्षेत्रों में तेजी से हो रहा विस्तार आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसरों को प्रभावित कर सकता है।
IMC को वैश्विक तकनीकी साझेदारी का केंद्र बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस की पहचान केवल यहां प्रदर्शित तकनीकों से नहीं होनी चाहिए।
बल्कि इसे उन साझेदारियों के लिए याद किया जाना चाहिए जो यहां बनें, उन अनुसंधान परियोजनाओं के लिए याद किया जाना चाहिए जो यहां से शुरू हों, उन उत्पादों के लिए याद किया जाना चाहिए जो भारत से दुनिया तक पहुंचें और उन नवाचारों के लिए याद किया जाना चाहिए जो मानवता की सेवा करें।
उन्होंने इंडिया मोबाइल कांग्रेस को टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इंडस्ट्री, इन्वेस्टमेंट और आइडिया का ऐसा जंक्शन बनाने का आह्वान किया, जहां भारत और दुनिया मिलकर भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर सकें।
निष्कर्ष
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण में प्रधानमंत्री का संबोधन भारत की डिजिटल यात्रा के अगले चरण का संकेत देता है। 5G कनेक्टिविटी के विस्तार से लेकर स्वदेशी टेलीकॉम तकनीक, सेमीकंडक्टर निर्माण, साइबर सुरक्षा और डिजिटल सेवाओं तक, भारत की प्राथमिकता अब डिजिटल पहुंच को व्यापक बनाने के साथ-साथ तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल करना दिखाई देती है।
ग्रामीण भारत के लिए इसका महत्व और भी अधिक है, क्योंकि डिजिटल कनेक्टिविटी गांवों के नागरिकों को शिक्षा, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के नए अवसरों से जोड़ सकती है।
आने वाला दशक यह तय करेगा कि भारत डिजिटल तकनीक का कितना बड़ा उपभोक्ता बनता है और वैश्विक स्तर पर कितना बड़ा टेक्नोलॉजी निर्माता और नवाचार केंद्र बन पाता है।
ग्रामीण भारत न्यूज
संवाददाता – झसकेतन राजहंस




















