ग्रामीण भारत न्यूज विशेष:-ब्यरो रिपोर्ट
रायपुर, 23 जुलाई 2026
मौसम केंद्र रायपुर द्वारा आज जारी ताजा मौसम बुलेटिन के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर अपनी पूरी रफ्तार पकड़ने के लिए तैयार है। मौसम वैज्ञानिकों ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक अच्छी वर्षा की संभावना जताई है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। यह खबर खरीफ फसलों के लिए बेहद सकारात्मक मानी जा रही है, खासकर धान की रोपाई और बियासी के कार्यों के लिए यह बारिश अमृत समान साबित हो सकती है।
क्या कहती है मौसम की तकनीकी स्थिति?
मौसम केंद्र रायपुर द्वारा जारी सुबह के निष्कर्षों के अनुसार, समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका (मानसून ट्रफ) इस समय जैसलमेर, कोटा, गुना, दमोह, डाल्टनगंज, कन्टाई से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। यह द्रोणिका ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुकी हुई है और समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक स्थित है।

इसके अतिरिक्त, एक अन्य महत्वपूर्ण मौसम प्रणाली, “ईस्ट-वेस्ट शीयर ज़ोन”, 23°N अक्षांश पर उत्तर-पूर्वी अरब सागर से मणिपुर तक सक्रिय है। यह शीयर ज़ोन गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड, गंगा के पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश से होकर गुजर रहा है। यह समुद्र तल से 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच स्थित है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के मजबूत होने के कारण ही प्रदेश में अच्छी वर्षा की परिस्थितियां बनी हैं।
अगले 7 दिनों का विस्तृत वर्षा पूर्वानुमान
मौसम विभाग द्वारा जारी सात दिवसीय वर्षा पूर्वानुमान (23 जुलाई से 29 जुलाई तक) अत्यंत उत्साहजनक है:
23 जुलाई से 27 जुलाई तक: इन पांच दिनों के दौरान, प्रदेश के “अनेक स्थानों पर” (FWS) वर्षा होने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग की शब्दावली (इमेज ‘1000024490.jpg’ के अनुसार) में ‘अनेक स्थानों पर’ का अर्थ है कि लगभग 51% से 75% मौसम स्टेशनों पर मध्यम वर्षा दर्ज की जाएगी।
28 जुलाई और 29 जुलाई: इन दो दिनों में भी वर्षा की गतिविधि बनी रहेगी, लेकिन इसका विस्तार थोड़ा कम होकर ‘कुछ स्थानों पर’ (SCT – 26-50% स्टेशनों पर) से ‘एक-दो स्थानों पर’ (ISOL – 01-25% स्टेशनों पर) रह सकता है। हालांकि, मुख्य बुलेटिन के सारिणी के अनुसार इन दिनों भी “अनेक स्थानों पर” ही वर्षा दर्शाई गई है, जो अच्छी बात है।
येलो वॉच: सतर्क रहें, वज्रपात का खतरा
यद्यपि अच्छी वर्षा का पूर्वानुमान है, मौसम विभाग ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से अगले पांच दिनों (23 से 27 जुलाई) के लिए प्रदेश भर में “येलो वॉच” (पीली चेतावनी) जारी की है। इस चेतावनी का अर्थ (जैसा कि निर्देशिका ‘1000024490.jpg’ में स्पष्ट किया गया है) है “निगरानी रखें और जागरूक रहें”।
विशेष रूप से चेतावनी दी गई है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) की संभावना बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतें। यदि गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो, तो तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान की शरण लें। पेड़ के नीचे, ऊँचे खंभों के पास या खुले मैदान में खड़े न हों। पानी से भरी जगहों और धातु की वस्तुओं से दूर रहें।
तापमान में मामूली वृद्धि की संभावना
मौसम बुलेटिन के अनुसार, आगामी दो दिनों में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। हालांकि, उसके बाद के 2-3 दिनों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की मामूली वृद्धि हो सकती है, जिससे उमस बढ़ने की संभावना है।
राजधानी रायपुर का हाल
रायपुर शहर के लिए अगले 72 घंटों का विशिष्ट पूर्वानुमान इस प्रकार है:
अगले 24 घंटे (23 जुलाई तक): आसमान मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा। शहर में एक-दो बार हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। तापमान अधिकतम 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।
अगले 48 घंटे (24 जुलाई तक): स्थिति समान बनी रहेगी। वर्षा जारी रहने की संभावना है। तापमान थोड़ा बढ़कर अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस हो सकता है।
अगले 72 घंटे (25 जुलाई तक): बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तापमान में और मामूली वृद्धि दर्ज की जा सकती है, जिसके अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है।
किसानों के लिए कृषि सलाह
धान की खेती: कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, यह समय धान की रोपाई या बियासी कार्यों के लिए अनुकूल है। प्राप्त होने वाली बारिश का पूरा उपयोग करें। जिन खेतों में पानी की कमी थी, वहां रोपाई का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
जल निकास: जिन खेतों में सोयाबीन, मक्का या अन्य दलहनी फसलें लगी हुई हैं, वहां भारी बारिश की स्थिति में जल निकास की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे।
रोग-कीट प्रबंधन: बारिश के बाद उमस भरी स्थिति में फसलों पर कीटों और रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। किसान अपने खेतों की नियमित निगरानी करें और लक्षण दिखने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह लें।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मौसम केंद्र रायपुर का यह बुलेटिन ग्रामीण छत्तीसगढ़ के लिए खुशी की खबर लेकर आया है। मानसून की इस नई सक्रियता से कृषि कार्यों को गति मिलेगी। हालांकि, ‘येलो वॉच’ और वज्रपात की चेतावनी को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए ताकि कोई अनहोनी न हो। ‘ग्रामीण भारत न्यूज’ सभी किसान भाइयों से सतर्क रहने और मौसम विभाग के अपडेट का पालन करने की अपील करता है। नवीनतम जानकारी के लिए आप आकाशवाणी के समाचार और स्थानीय मौसम केंद्र की वेबसाइट का अवलोकन कर सकते हैं।
.: जिला (क्षेत्र)मौसम की स्थितिअनुमानित तापमान
रायपुररुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश24°C – 30°C
बिलासपुरगरज-चमक के साथ बौछारें24°C – 31°C
दुर्गहल्की से मध्यम बारिश25°C – 31°C
अंबिकापुर (उत्तर)भारी बारिश की संभावना23°C – 29°C
जगदलपुर (दक्षिण)अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट24°C – 29°C
.: चेतावनी: भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने (Thunderstorm) की चेतावनी दी है।
राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान और संभावित वर्षा की तुलना करने के लिए आप नीचे दिए गए इंटरैक्टिव डैशबोर्ड का उपयोग कर सकते हैं:
: रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, 24 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस पूरे सप्ताह के दौरान राज्य के अधिकांश जिलों में व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश (Fairly Widespread to Widespread rainfall) होने की संभावना है।
आगामी सप्ताह का दैनिक मौसम पूर्वानुमान (24 – 30 जुलाई 2026)
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ के लिए अगले एक सप्ताह का पूर्वानुमान इस प्रकार है:
24 और 25 जुलाई: प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने (वज्रपात) की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही एक-दो स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
26 और 27 जुलाई: राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान भी कुछ अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना बनी रहेगी।
28 से 30 जुलाई: मानसून की सक्रियता बरकरार रहेगी, जिससे प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी और लोगों को गर्मी तथा उमस से राहत मिलेगी।
जिलों के अनुसार अलर्ट और प्रभाव
चूंकि मानसून प्रणाली पूरे मध्य भारत में सक्रिय है, इसलिए मौसम विभाग ने किसी एक विशेष जिले तक इसे सीमित न रखकर व्यापक स्तर पर चेतावनियां जारी की हैं:
संभावित प्रभाव वाले क्षेत्र: रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा संभागों के अंतर्गत आने वाले कई जिलों में 24 से 26 जुलाई के बीच गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तापमान में बदलाव: लगातार बारिश और घने बादलों के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे पूरे राज्य का मौसम खुशनुमा बना रहेगा।
चेतावनी: भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। बिजली गिरने की आशंका के चलते मौसम विभाग ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और खराब मौसम के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे न जाने की सलाह दी है।





















