*बरसाती टमाटर की खेती – रायगढ़/छत्तीसगढ़ के लिए पूरी गाइड* 🍅🌧️
बरसात में टमाटर का भाव सबसे ज्यादा मिलता है। सही देखभाल करोगे तो 1 एकड़ से 60-80 हजार तक कमा सकते हो।
### *1. बरसाती टमाटर लगाने का सही समय*
*छत्तीसगढ़ – रायगढ़ के लिए: 15 जून से 30 जुलाई*
पहली बारिश के बाद। अक्टूबर-नवंबर में भाव 40-60 रु/किलो तक जाता है।
*नोट*: अगस्त के बाद मत लगाना। फल आने पर
ज्यादा बारिश से फट जाएगा।
### *2. टमाटर के लिए खेत कैसे तैयार करें*
1. *जमीन*: पानी निकास वाली बलुई-दोमट मिट्टी। जलजमाव बिल्कुल नहीं होना चाहिए
2. *जुताई*: 3-4 बार जुताई + पाटा। मिट्टी भुरभुरी करो
3. *मेंड बनाना*: रायगढ़ में जरूरी है। 1 मीटर चौड़ी क्यारी + 45 सेमी नाली। पानी न रुके
4. *खाद*: आखिरी जुताई में 10 टन गोबर खाद + 100 किलो नीम खली/एकड़ मिलाओ
### *3. पौधा कैसे तैयार करें – नर्सरी*
1. *समय*: खेत में लगाने से 25-30 दिन पहले नर्सरी डालो। यानी जून में लगाना है तो मई लास्ट में
2. *बीज*: 200 ग्राम/एकड़। किस्म: `Arka Rakshak`, `Arka Meghali`, `Pusa Ruby`, `Navin`
3. *क्यारी*: 1 मीटर चौड़ी, 10 मीटर लंबी। ऊपर छप्पर से ढक दो – ज्यादा बारिश से बचाव
4. *बीज उपचार*: 2 ग्राम थायरम/किलो बीज
5. *पौधा तैयार*: 25 दिन में 6-8 पत्ती का पौधा रोपाई लायक
### *4. पौधा कैसे लगायें – रोपाई*
1. *दूरी*: क्यारी से क्यारी 1 मीटर, पौधे से पौधा 45 सेमी
2. *समय*: शाम को या बादल वाला दिन। धूप में मत लगाना
3. *तरीका*: 10-12 सेमी गहरा गड्ढा। गोबर खाद + DAP डाल के पौधा लगाओ। तुरंत पानी
4. *मल्चिंग*: काली प्लास्टिक बिछा दो। खरपतवार + फल सड़न कम होगी
### *5. खाद क्या और कब डालें / विटामिन क्या डालें*
खाद/विटामिन मात्रा/एकड़ कब डालें
**गोबर खाद** 10 टन बुवाई से पहले
**DAP** 50 किलो रोपाई के समय
**यूरिया** 40 किलो 3 बार में – 20, 40, 60 दिन
**पोटाश** 30 किलो रोपाई + फल आने पर
**जिप्सम** 100 किलो फूल आने पर
**विटामिन/टॉनिक** बोरॉन 20% – 500ग्राम फूल पर स्प्रे
**विटामिन** कैल्शियम नाइट्रेट फल फटने से बचाने को 2 स्प्रे
*नोट*: बरसात में नाइट्रोजन कम। ज्यादा यूरिया = पत्ता ज्यादा, फल कम।
### *6. अधिक पैदावार के लिये क्या करें*
1. *स्टेकिंग*: 30 दिन पर लकड़ी/धागे से बांधो। पौधा गिरेगा नहीं
2. *साइड ब्रांच तोड़ो*: हर हफ्ते निचली टहनी तोड़ दो। हवा पास होगी
3. *पानी*: क्यारी में पानी मत भरने दो। 7-8 दिन में 1 बार हल्की सिंचाई
4. *फूल झड़ना रोको*: प्लानोफिक्स 2ml/15 लीटर का स्प्रे
### *7. बिमारी कौन-कौन सी हो सकती है + उपचार*
बरसात में फफूंद रोग सबसे ज्यादा
बिमारी लक्षण उपचार
**झुलसा रोग – Blight** पत्ते काले, फल सड़े मेंकोजेब 2ग्राम/लीटर। 10 दिन में 1 बार
**लीफ कर्ल वायरस** पत्ते मुड़ना इमिडाक्लोप्रिड से सफेद मक्खी मारो
**बैक्टीरियल विल्ट** पूरा पौधा मुरझाना नीम खली + ट्राइकोडर्मा। इलाज नहीं, बचाव करो
**फल फटना** बरसात में फल फटना कैल्शियम का स्प्रे + नियमित पानी
**फल छेदक कीट** फल में छेद इमामेक्टिन बेंजोएट 5gm/15 लीटर
### *8. तोड़ाई से आखरी तक*
1. *पहली तुड़ाई*: 65-75 दिन में। हरा-गुलाबी अवस्था में तोड़ो
2. *तुड़ाई*: हर 4-5 दिन में 6-8 बार। सुबह-सुबह
3. *उपज*: 120-150 क्विंटल/एकड़ अच्छी देखभाल से
4. *भंडारण*: छायादार जगह। ज्यादा दिन नहीं रुकता
### *9. 1 एकड़ का पूरा कैलकुलेशन – लाभ हानी*
खर्च रुपये
**नर्सरी + जुताई + मेंड** 8000
**बीज + पौधा** 3000
**खाद + दवाई + स्टेकिंग** 12000
**तुड़ाई + मजदूरी** 15000
**कुल खर्च** **38,000**
आमदनी रुपये
**उपज 130 क्विंटल x 2500** 3,25,000
**औसत भाव 25 रु/किलो**
*शुद्ध लाभ = 3,25,000 – 38,000 = 2,87,000 रु/एकड़*
_नोट: भाव 15-60 रु तक जाता है। औसत 25 मान के हिसाब है_
*हानि कब*:
1. लगातार 5 दिन बारिश = 50% फसल खराब
2. वायरस आ गया = पैदावार 40 क्विंटल
3. तब लाभ ∼50-60 हजार ही बचेगा। घाटा तभी जब पूरा खेत डूब जाए
### *रायगढ़ के लिए 3 खास टिप्स*
1. *जल निकासी* सबसे जरूरी। नाली हमेशा साफ रखो
2. *रोग रोधी किस्म* लगाओ – `Arka Rakshak`
3. *भाव के लिए* अक्टूबर में मंडी में लाओ। तब 50+ रु/किलो मिलता है
*सितंबर में टमाटर की खेती – रायगढ़/छत्तीसगढ़ के लिए पूरी डिटेल* 🍅
सितंबर में टमाटर लगाने का मतलब है “लेट बरसाती + अगेती रबी” फसल। दीपावली पर भाव सबसे ज्यादा 50-80 रु/किलो मिलता है।
### *1. सितंबर में लगाने का सही समय*
*1 सितंबर से 30 सितंबर तक*
इस समय लगाने पर नवंबर-दिसंबर में तुड़ाई शुरू। ठंड कम, रोग भी कम।
*
ध्यान*: 15 अक्टूबर के बाद मत लगाना। कोहरा + पाला से फसल खराब।
### *2. सितंबर में खेत की तैयारी कैसे करें*
1. *जमीन*: बरसात खत्म, मिट्टी में नमी है। 2 जुताई काफी
2. *मेंड-नाली*: 1 मीटर क्यारी + 30 सेमी नाली। सितंबर में हल्की बारिश होती है
3. *खाद*: आखिरी जुताई में 8 टन गोबर खाद + 100 किलो सरसों की खली/एकड़
4. *सोलराइजेशन*: खेत को 3-4 दिन धूप में खुला छोड़ दो। फफूंद मरेगी
### *3. पौधा कैसे तैयार करें – सितंबर के लिए नर्सरी*
1. *नर्सरी का समय*: 1-10 अगस्त को नर्सरी डालो। 25 दिन में पौधा तैयार
2. *किस्म*: `Arka Rakshak`, `Pusa 120`, `Kashi Aman`, `US-285` – रोग रोधी
3. *क्यारी*: 1 मीटर चौड़ी। ऊपर 50% शेडनेट लगा दो। तेज धूप से बचाव
4. *बीज दर*: 200 ग्राम/एकड़
5. *बीज उपचार*: ट्राइकोडर्मा 5gm + कार्बेन्डाजिम 2gm/किलो बीज
### *4. पौधा कैसे लगायें – सितंबर रोपाई*
1. *रोपाई*: 1-15 सितंबर। शाम 4 बजे के बाद
2. *दूरी*: क्यारी 1 मीटर, पौधा 50 सेमी। हवा पास होगी तो झुलसा कम होगा
3. *तरीका*: गड्ढे में 1 मुट्ठी गोबर खाद + 20 ग्राम DAP + पौधा। तुरंत हल्का पानी
4. *मल्चिंग*: पुआल/घास बिछा दो। मिट्टी की नमी बनी रहेगी
### *5. खाद क्या और कब डालें + विटामिन*
सितंबर की फसल में कैल्शियम + पोटाश ज्यादा चाहिए
खाद/विटामिन मात्रा/एकड़ कब डालें
**गोबर खाद** 8 टन बुवाई से पहले
**DAP** 50 किलो रोपाई के समय
**यूरिया** 30 किलो 2 बार – 20 दिन, 40 दिन
**पोटाश** 40 किलो 2 बार – रोपाई + फल आने पर
**कैल्शियम नाइट्रेट** 5 किलो 2 बार स्प्रे – फल सेटिंग पर
**विटामिन** बोरॉन 20% + जिंक फूल पर 2 स्प्रे
*नोट*: सितंबर में नाइट्रोजन कम। ज्यादा डाला तो पत्ता और कीट बढ़ेंगे।
### *6. अधिक पैदावार के लिये 4 काम*
1. *स्टेकिंग*: 25 दिन पर बांस से बांधो। फल जमीन पर न गिरे
2. *कीट नियंत्रण*: सफेद मक्खी सितंबर में ज्यादा। पीला स्टिकी ट्रैप लगाओ
3. *पानी*: 6-7 दिन में हल्की सिंचाई। ज्यादा पानी = फल फटना
4. *निराई*: 20 और 35 दिन पर। खरपतवार = रोग का घर
### *7. सितंबर में लगने वाली बिमारी + उपचार*
बिमारी लक्षण उपचार
**अगेती झुलसा** निचले पत्ते पीले-काले मेंकोजेब 2gm/लीटर। 12 दिन में 1 बार
**लीफ कर्ल वायरस** पत्ते ऊपर मुड़ना इमिडाक्लोप्रिड से सफेद मक्खी कंट्रोल
**फल छेदक** फल में छेद इमामेक्टिन 5gm/15 लीटर। 15 दिन में 1 बार
**फल फटना** पकते समय फटना कैल्शियम का 2 स्प्रे + नियमित पानी
### *8. तोड़ाई और बाजार*
1. *पहली तुड़ाई*: 60-70 दिन में। यानी नवंबर लास्ट
2. *पीक तुड़ाई*: दिसंबर-जनवरी। दीपावली से नया साल तक भाव हाई
3. *उपज*: 100-130 क्विंटल/एकड़
### *9. सितंबर वाली फसल का 1 एकड़ कैलकुलेशन*
खर्च रुपये
**नर्सरी + जुताई + मेंड** 7000
**बीज + पौधा** 3000
**खाद + दवाई + स्टेकिंग** 11000
**तुड़ाई + मजदूरी** 12000
**कुल खर्च** **33,000**
आमदनी रुपये
**उपज 120 क्विंटल x 4000** 4,80,000
**औसत भाव 40 रु/किलो**
*शुद्ध लाभ = 4,80,000 – 33,000 = 4,47,000 रु/एकड़*
_नोट: भाव 30-80 रु तक जाता है। औसत 40 मान के हिसाब है_
*हानि कब*:
1. अक्टूबर में लगातार बारिश = झुलसा = उपज 60 क्विंटल
2. वायरस आ गया = उपज 40 क्विंटल
3. तब लाभ ∼1.2-1.5 लाख ही बचेगा
### *सितंबर वाली फसल के 3 फायदे*
1. *भाव डबल*: बरसाती से 2 गुना भाव
2. *रोग कम*: बरसात कम, इसलिए फफूंद कम
3. *पानी कम*: सिंचाई 3-4 बार ही
*रायगढ़ के लिए खास*: `Arka Rakshak` किस्म लगाओ। वायरस नहीं लगता।






















