नई दिल्ली/रायपुर। देशभर में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 22 अगस्त 2026 को देश के 24 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज आंधी की स्थिति बन सकती है। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम के इस बदलाव का असर मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी देखने को मिल सकता है। कई स्थानों पर भारी बारिश के कारण जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।
24 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, सिक्किम, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 22 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है।
इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक और आकाशीय बिजली की घटनाओं को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कुछ स्थानों पर आंधी के दौरान हवा की गति 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी तेज हवा के कारण कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने, कच्चे मकानों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की स्थिति पर विशेष नजर रखने की जरूरत है।
दिल्ली में बारिश और तेज हवा का अनुमान
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 22 अगस्त को भारी बारिश और आंधी का अलर्ट बताया गया है। इस दौरान करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंके चल सकते हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
बारिश के कारण दिल्ली के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। तेज हवाओं के कारण यातायात और बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ने की संभावना बनी रहेगी।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, झांसी, बिजनौर, आगरा, मिर्जापुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, गोरखपुर, प्रयागराज, बदायूं, इटावा, आजमगढ़, रायबरेली, जालौन, ललितपुर, महोबा और वाराणसी समेत कई इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है।
लखनऊ में 22 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बिहार में भी तेज बारिश और आंधी
बिहार के कई जिलों में भारी बारिश के साथ आंधी की संभावना जताई गई है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, सिवान, भोजपुर, बक्सर, पटना, गया, जहानाबाद, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, अररिया, बेगूसराय, लखीसराय और मुंगेर में मौसम खराब रहने की संभावना है।
इन क्षेत्रों में हवा की गति 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पटना में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
झारखंड में 22 और 23 अगस्त को सतर्कता
झारखंड के कई हिस्सों में 22 और 23 अगस्त को तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है। रांची, पलामू, गोड्डा, हजारीबाग, सिमडेगा, दुमका, गुमला, सरायकेला, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, रामगढ़, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर, चतरा और देवघर में बारिश और तेज हवा की संभावना है।
कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। रांची में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ भूस्खलन की आशंका बढ़ सकती है। उत्तराखंड के बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट बताया गया है।
हिमाचल प्रदेश में चंबा, कांगड़ा, मंडी, ऊना, किन्नौर, हमीरपुर, सोलन, कुल्लू और बिलासपुर में भी बारिश और तेज हवा की संभावना है। पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
जम्मू-कश्मीर में भी खराब रहेगा मौसम
जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में 22 अगस्त को भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई गई है। अनंतनाग, किश्तवाड़, पुंछ, कुपवाड़ा, जम्मू, रियासी, गांदरबल, उधमपुर, बांदीपोरा और बारामूला समेत कई क्षेत्रों में मौसम खराब रह सकता है।
कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
पश्चिम बंगाल और पंजाब में भी बारिश का दौर
पश्चिम बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद, कोलकाता, हावड़ा, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, कूचबिहार, दुर्गापुर, बीरभूम और अलीपुरद्वार में भारी बारिश और तेज हवा की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की गति करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पंजाब के फरीदकोट, फिरोजपुर, संगरूर, होशियारपुर, कपूरथला, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, गुरदासपुर, बठिंडा, बरनाला और फाजिल्का में भी भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है।
राजस्थान में भी बारिश का असर
राजस्थान के कई जिलों में 22 अगस्त को मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। श्रीगंगानगर, झुंझुनूं, करौली, जयपुर, उदयपुर, चूरू, बारां, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, दौसा, भरतपुर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, जैसलमेर, अलवर, झालावाड़ और जालौर में मौसम प्रभावित होने की संभावना है।
जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश के साथ करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश की संभावना
मध्य प्रदेश के बालाघाट, सिवनी, अनूपपुर, दमोह, विदिशा, नर्मदापुरम, कटनी, खरगोन, बैतूल, मंडला, खंडवा, नरसिंहपुर, देवास, हरदा, सागर और इंदौर समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।
इन इलाकों में हवा की गति 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। भोपाल में 22 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ में भी मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आकाशीय बिजली के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
किसानों के लिए भी जरूरी चेतावनी
तेज हवा और भारी बारिश का असर फसलों पर पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में धान, सब्जियों या अन्य खरीफ फसलों की खेती हो रही है, वहां तेज हवा के कारण पौधों को नुकसान पहुंच सकता है। खेतों में पानी भरने की स्थिति में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है।
किसानों को सलाह है कि मौसम खराब होने के दौरान खुले खेतों में अनावश्यक रूप से काम करने से बचें। बिजली चमकने और गरज-चमक के समय पेड़ के नीचे खड़े न हों तथा सुरक्षित स्थान पर रहें।
मछुआरों और यात्रियों को सावधानी की सलाह
तेज हवाओं और खराब मौसम के दौरान समुद्र, नदी और जलाशयों में जाने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मछुआरों को मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को भूस्खलन संभावित मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें
मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। इसलिए किसी भी क्षेत्र के लोगों को केवल सामान्य तापमान देखकर मौसम को हल्के में नहीं लेना चाहिए। बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना सबसे बेहतर विकल्प है।
ग्रामीण भारत न्यूज अपने पाठकों से अपील करता है कि 22 अगस्त को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। किसान भाई खेतों में काम करने से पहले मौसम की स्थिति जरूर देखें और तेज आंधी या बिजली चमकने की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहें।
रिपोर्ट: संवाददाता विनोद चौहान
ग्रामीण भारत न्यूज




















