जीबी न्यूज – रिपोर्ट विनोद चौहान
रायपुर: दिनांक -21/07/2026 -छत्तीसगढ़ में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उत्तर छत्तीसगढ़ पर बने दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से अगले 4 से 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में बादल छाए रहेंगे। सरगुजा और बिलासपुर संभाग में सबसे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
हालांकि अच्छी बारिश के बावजूद 1 जून से 21 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से 22 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा असर सरगुजा, बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग पर पड़ा है। लेकिन आने वाले दिनों में हुई बारिश से यह कमी पूरी होने की उम्मीद है।
*मौसम विभाग का पूर्वानुमान क्या कहता है*
मौसम वैज्ञानिक गायत्रीवाणी कांचीभोटला ने बताया कि अभी उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे उत्तर छत्तीसगढ़ में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। यह निम्न स्तर से मध्य स्तर तक फैला हुआ है और दक्षिण पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके अलावा दक्षिण उड़ीसा से लगे छत्तीसगढ़ क्षेत्र में भी दूसरा सिस्टम सक्रिय है।
इन दोनों सिस्टम के कारण प्रदेश में मानसून पूरे विस्तार के साथ सक्रिय रहेगा। अगले 24 घंटों के दौरान मध्य छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इसी वजह से मौसम विभाग ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा और बलौदाबाजार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर और बिलासपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मध्य छत्तीसगढ़ में तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। मंगलवार को तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
*सरगुजा और बिलासपुर में सबसे ज्यादा बारिश*
मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों तक मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा और बिलासपुर संभाग में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इन इलाकों में 50 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश एक दिन में हो सकती है।
नदी-नालों में उफान, निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की संभावना को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। सरगुजा संभाग के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा न करें।
*अब तक कितनी बारिश हुई*
1 जून से 21 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में औसत 22 प्रतिशत कम बारिश हुई है। लेकिन कुछ जिले ऐसे हैं जहां अच्छी बारिश हुई है।
सबसे अधिक बारिश वाले जिले: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 573.8 मिलीमीटर, जांजगीर-चांपा में 523.5 मिलीमीटर, मुंगेली में 478 मिलीमीटर और बलौदाबाजार में 451.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। रायपुर संभाग में बारिश सामान्य के आसपास रही है।
सबसे कम बारिश वाले जिले: बस्तर, बेमेतरा, बीजापुर, जशपुर, कबीरधाम, कांकेर, कोंडागांव, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मोहला-मानपुर-चौकी, रायगढ़, राजनांदगांव, सुकमा, सूरजपुर और सरगुजा में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में भी इस बार मानसून कमजोर रहा है। यहां धान की रोपाई प्रभावित हुई है। किसानों को बारिश का इंतजार था।
*किसानों के लिए क्या मायने रखती है यह बारिश*
कृषि विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में धान की खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर है। जून में बारिश कम होने से बुवाई लेट हो गई थी। अब जुलाई के तीसरे सप्ताह में हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है।
सरगुजा और बिलासपुर संभाग में धान की रोपाई तेजी से शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश फसल के लिए बहुत जरूरी थी। लेकिन लगातार बारिश से खेतों में जलभराव न हो इसका ध्यान रखना होगा। दलहनी और सब्जी की फसलों में फफूंद का खतरा बढ़ सकता है।
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें और पशुओं को खुले में न बांधें।
*शहरों में क्या स्थिति रहेगी*
रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना है। नगर निगम ने नालियों की सफाई और पंप सेट तैयार रखे हैं। स्कूलों में अभी छुट्टी की घोषणा नहीं हुई है लेकिन अभिभावकों को सतर्क रहने को कहा गया है।
दुर्ग पुलिस ने भी यातायात को लेकर एडवाइजरी जारी की है। बारिश के दौरान तेज गति से वाहन न चलाने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की अपील की गई है।
*विधानसभा का मानसून सत्र और मौसम*
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र भी इसी बीच चल रहा है। बारिश की वजह से विधायकों के आने-जाने में दिक्कत हो सकती है। सत्र में किसानों की समस्या और बाढ़ राहत को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
*आम जनता के लिए जरूरी सलाह*
1. ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में लोग घर से बाहर निकलते समय छाता और रेनकोट साथ रखें।
2. पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।
3. नदी और बांधों के पास न जाएं। बच्चों पर विशेष नजर रखें।
4. किसी भी आपात स्थिति में 1077 जिला कंट्रोल रूम पर संपर्क करें।
5. मछुआरों को समुद्र और नदी में न जाने की सलाह दी गई है।
*आगे कैसा रहेगा मौसम*
मौसम विभाग के अनुसार 26 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है। लेकिन महीने के अंत में फिर से एक नया सिस्टम बनने के आसार हैं। इससे अगस्त के पहले सप्ताह में फिर अच्छी बारिश हो सकती है।
कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। सरगुजा और बिलासपुर संभाग में अगले कुछ दिन गीले रहेंगे। यह बारिश जहां किसानों के लिए वरदान है वहीं प्रशासन के लिए चुनौती भी है।
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