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# *सूरजपुर में फर्जी आधार कार्ड का बड़ा खेल: बेटे ने पिता का नाम बदलकर कराई आरोपियों की जमानत, पुलिस ने दबोचा, अंबिकापुर में भी खुला कनेक्शन*
*ग्रामीण भारत न्यूज | सूरजपुर, छत्तीसगढ़*
*रिपोर्ट: Poornima Raj
*प्रकाशन तिथि: 21 जुलाई 2026*
*हाइलाइट्स*
– सूरजपुर के देव प्रताप सिंह ने पिता के आधार कार्ड में किया फेरबदल
– फर्जी दस्तावेज से कोर्ट में पेश होकर कराई कई आरोपियों की जमानत
– कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा न्यायिक रिमांड पर
– अंबिकापुर में भी इसी तरीके से जमानत लेने का शक, जांच जारी
– आधार कार्ड में छेड़छाड़ BNS और आधार अधिनियम दोनों में बड़ा अपराध
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### *सूरजपुर: न्यायालय को भी धोखा देने की कोशिश*
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है। यहां एक बेटे ने अपने पिता के आधार कार्ड से छेड़छाड़ कर न सिर्फ पहचान बदली, बल्कि फर्जी दस्तावेज के सहारे न्यायालय को भी गुमराह करके कई आरोपियों की जमानत करवा दी।
ये मामला धोखाधड़ी, जालसाजी और न्यायिक प्रक्रिया से खिलवाड़ का है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब इस पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है कि इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
### *क्या है पूरा मामला? अजबनगर गांव का देव प्रताप सिंह*
मामला *सूरजपुर जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के अजबनगर गांव, रंगपारा* का है।
पुलिस ने *34 वर्षीय देव प्रताप सिंह* को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि देव प्रताप ने अपने पिता के असली आधार कार्ड में छेड़छाड़ की।
*कैसे किया फर्जीवाड़ा?*
1. *नाम बदला*: पिता के आधार कार्ड में “पिता का नाम” वाली जगह पर अपना नाम लिखवा दिया।
2. *फोटो-हस्ताक्षर*: कई दस्तावेजों में पिता की जगह खुद हस्ताक्षर कर दिया।
3. *फर्जी आधार बनाया*: पिता का नाम हटाकर अपना नाम दर्ज कर नया आधार कार्ड बनवा लिया।
### *कोर्ट में फर्जी जमानत का खेल*
सबसे गंभीर बात ये है कि देव प्रताप ने इस फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ खुद के लिए नहीं किया।
आरोप है कि उसने *न्यायालय में पेश होकर कई अन्य मामलों के आरोपियों की जमानत* कराई। वो खुद को पिता बताकर जमानतदार बन गया। कोर्ट को लगा कि एक सम्मानित व्यक्ति जमानत दे रहा है, लेकिन असल में वो फर्जी व्यक्ति था।
*पुलिस अधिकारी क्या कह रहे हैं?*
*एडिशनल एसपी सूरजपुर योगेश कुमार देवांगन* ने बताया:
“आरोपी द्वारा पिता के आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर फर्जी तरीके से जमानत लेने के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले में जांच जारी है।”
### *पुलिस को कैसे लगा शक?*
पुलिस ने बताया कि देव प्रताप को जब जांच के लिए बार-बार बुलाया गया तो वो लगातार जांच से बचता रहा। इसी से पुलिस को शक हुआ।
जब गहराई से जांच की गई तो पता चला कि:
1. *ऋण पुस्तिका पिता के नाम पर थी*। शायद इसी वजह से देव प्रताप ने पिता की पहचान का इस्तेमाल किया।
2. *अंबिकापुर में भी कनेक्शन*: जांच में ये भी सामने आया कि आरोपी ने अंबिकापुर जिले में भी इसी तरीके से फर्जी आधार कार्ड पेश करके जमानत कराई है। वहां भी पुलिस जांच कर रही है।
### *कौन-कौन धाराएं लगीं? कितनी बड़ी सजा*
देव प्रताप पर अब कई गंभीर धाराएं लगी हैं:
1. *BNS 2023 धारा 318(4)* – धोखाधड़ी और जालसाजी
2. *BNS धारा 336, 337* – फर्जी दस्तावेज बनाना, इस्तेमाल करना
3. *आधार अधिनियम 2016 की धारा 29, 30* – आधार डेटा से छेड़छाड़। इसमें 3 साल तक जेल और 10 हजार तक जुर्माना हो सकता है।
4. *BNS धारा 209* – न्यायालय को धोखा देना
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ये “न्यायिक प्रक्रिया में बाधा” का मामला है। इसलिए कोर्ट इस पर बहुत सख्त रुख अपनाएगा।
### *पुलिस की आगे की कार्रवाई*
कोतवाली पुलिस अब 3 बिंदुओं पर जांच कर रही है:
1. *कौन था सहयोगी*: अकेले आधार में छेड़छाड़ संभव नहीं। किसने मदद की? साइबर कैफे वाला, कोई अधिकारी या बिचौलिया?
2. *कितने केस प्रभावित*: किन-किन मामलों में इस फर्जी जमानत से आरोपी बाहर आए? उन जमानतों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
3. *अंबिकापुर कनेक्शन*: वहां किस अधिकारी के सामने पेश हुआ और कैसे पास हो गया।
### *आधार कार्ड से जुड़े अपराध क्यों बढ़ रहे हैं?*
छत्तीसगढ़ में बीते 1 साल में आधार से जुड़े 200+ फर्जीवाड़े के केस सामने आए हैं। वजह:
1. *ऑनलाइन सुविधा*: घर बैठे अपडेट के नाम पर फर्जी वेबसाइट
2. *जागरूकता की कमी*: लोग OTP और बायोमेट्रिक किसी को भी दे देते हैं
3. *लालच*: जमानत, लोन, सरकारी योजना का फायदा लेने के लिए
### *आम जनता के लिए 5 जरूरी सावधानी*
1. *OTP किसी को न दें*: बैंक, आधार, सरकारी कर्मचारी भी OTP नहीं मांगते
2. *आधार लॉक करें*: UIDAI की वेबसाइट से बायोमेट्रिक लॉक कर सकते हैं
3. *अपडेट सिर्फ सरकारी केंद्र से*: साइबर कैफे में आधार अपडेट न कराएं
4. *नियमित चेक करें*: mAadhaar ऐप से देखें कि आपके नाम पर कोई और तो इस्तेमाल नहीं कर रहा
5. *शक हो तो तुरंत शिकायत*: 1947 पर कॉल करें या नजदीकी थाने में FIR करें
### *स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया*
अजबनगर गांव के लोग इस घटना से हैरान हैं। एक ग्रामीण ने कहा:
“देव प्रताप को हम लोग जानते हैं। सोचा नहीं था कि वो कोर्ट तक को धोखा देगा। आधार कार्ड तो हमारी पहचान है। अगर उसमें ही गड़बड़ी होगी तो भरोसा किस पर करें?”
### *निष्कर्ष: सिस्टम में छेद बंद करने होंगे*
ये मामला सिर्फ एक व्यक्ति की गलती नहीं है। ये दिखाता है कि हमारे दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में अभी भी कमियां हैं।
न्यायालय, पुलिस और आधार विभाग को मिलकर एक सख्त SOP बनाना होगा ताकि जमानत के समय बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य हो।
*ग्रामीण भारत न्यूज* इस मामले पर नजर बनाए हुए है। जैसे ही कोर्ट से आगे की जानकारी आएगी हम आपको अपडेट करेंगे।
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