*बरसात में खीरा की खेती – 20 डिस्मिल जमीन के लिए पूरी जानकारी* 🌧️🥒
बरसात में खीरा 45-50 दिन में तैयार हो जाता है।
20 बिस्मिल = लगभग 1/5 एकड़ = 800 वर्ग मीटर
### *1. खेत की तैयारी*
– *समय*: जून-जुलाई में पहली बरसात के बाद सबसे बढ़िया
– *जमीन*: बलुई-दोमट मिट्टी, पानी निकासी अच्छी हो। जलभराव बिल्कुल नहीं होना चाहिए
– *जुताई*: 2-3 बार गहरी जुताई + पाटा लगा दो। मिट्टी भुरभुरी कर दो
– *खाद*:
– गोबर की सड़ी खाद: 10-12 क्विंटल
– DAP: 8-10 kg
– पोटाश: 4-5 kg
– नीम खली: 10 kg – दीमक/फंगस से बचाव के लिए
– *क्यारी/नाली*: 1.5 मीटर की दूरी पर मेड़ बना दो। बारिश का पानी निकल जाए
### *2. बीज और बुवाई*
– *बीज की मात्रा*: 20 डिस्मिल के लिए 400-500 ग्राम बीज
– *किस्में*: पूसा संयोग, प्रिया, स्वर्ण पूर्णिमा, हाइब्रिड – हिमांगी, मल्टीस्टार बरसात के लिए बेस्ट
– *बीज उपचार*: बुवाई से पहले बीज को 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम/किलो बीज से उपचारित करो
– *बुवाई का तरीका*: मेड़ के दोनों तरफ 60cm x 30cm की दूरी पर 2-2 बीज बो दो। 1-2 cm गहरा
– *गहराई*: ज्यादा गहरा नहीं बोना वरना सड़ जाएगा
### *3. देखभाल*
– *निराई-गुड़ाई*: 15 दिन बाद पहली, फिर 30 दिन पर दूसरी
– *सिंचाई*: बरसात में जरूरत नहीं। अगर 7 दिन तक बारिश न हो तो हल्की सिंचाई
– *सहारा*: बेल वाली किस्म है तो 4 फीट की जाली/मचान बना दो। फल सीधा और साफ रहेगा, बीमारी कम होगी
– *तुड़ाई*: फूल आने के 8-10 दिन बाद तोड़ना शुरू। 2-3 दिन में एक बार तोड़ो
### *4. प्रमुख बीमारी और निदान*
**बीमारी** **पहचान** **निदान/इलाज**
**चूर्णिल आसिता** पत्ते पर सफेद पाउडर सल्फर 80% WP – 2 ग्राम/लीटर पानी
**तना गलन** तना काला होकर गलना कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 3 ग्राम/लीटर + जलनिकासी ठीक करो
**विषाणु रोग – मोजेक** पत्ते सिकुड़ना, धारियां सफेद मक्खी/माहू को मारो। इमिडाक्लोप्रिड 0.5ml/लीटर। रोगी पौधा उखाड़ दो
**फल मक्खी** फल में छेद, कीड़े मिथाइल यूजेनॉल फेरोमोन ट्रैप + स्पिनोसैड 1ml/4 लीटर
*कीट*: माहू, सफेद मक्खी, भुंडी – नीम तेल 5ml/लीटर या एसीटामिप्रिड 0.5ml/लीटर
### *5. अधिक पैदावार के टिप्स*
1. *मचान विधि* अपनाओ – 30% ज्यादा पैदावार
2. *मल्चिंग*: काली पन्नी बिछा दो – नमी बनी रहेगी, खरपतवार नहीं होगा
3. *बोरॉन का स्प्रे*: फूल आने पर 0.2% बोरॉन – फल ज्यादा लगेंगे
4. *समय पर तुड़ाई*: फल बड़ा न होने दो वरना नए फल कम आएंगे
### *6. लागत और लाभ – 20 डिस्मिल*
– *खर्च*: बीज + खाद + दवाई + मजदूरी = लगभग 3000-4000 रुपये
– *पैदावार*: 25-30 क्विंटल तक
– *बिक्री*: बरसात में भाव 15-25 रु/kg
– *आय*: 37500 – 75000 रुपये
– *शुद्ध लाभ*: 35,000 – 70,000 रुपये तक 2 महीने में
### *हानी / नुकसान से बचाव*
– *ज्यादा बारिश = जड़ गलन* → ऊंची मेड़ और नाली जरूरी
– *रोग जल्दी फैलता है* → हफ्ते में 1 बार खेत चेक करो
– *भाव गिरना* → थोड़ा-थोड़ा तोड़कर बेचो, एक साथ मंडी मत लाओ
*जरूरी बात*: बरसात में फंगस सबसे बड़ा दुश्मन है। इसलिए बीज उपचार + जल निकासी + 10 दिन में 1 बार फफूंदीनाशक का छिड़काव जरूर करो।





















