🔥 रायगढ़ की शिक्षिका दीपा चौहान का जलवा! सितंबर में हासिल की तीन बड़े सम्मान, शिक्षा जगत में बढ़ाया तिलगा का मान
एक ही महीने में तीन सम्मान से सम्मानित हुईं दीपा चौहान, उत्कृष्ट शिक्षण, नवाचार, वृक्षारोपण और सामाजिक जागरूकता ने दिलाई खास पहचान
रायगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में अपने निरंतर प्रयासों और नवाचारों से पहचान बनाने वाली शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तिलगा की शिक्षिका दीपा चौहान ने सितंबर 2026 में एक के बाद एक तीन सम्मान हासिल कर उपलब्धियों की नई इबारत लिखी है। एक ही महीने में मिले इन तीन सम्मानों से न केवल तिलगा विद्यालय, बल्कि रायगढ़ जिले का नाम भी गौरवान्वित हुआ है। उनकी इस उपलब्धि की चर्चा शिक्षा जगत में खास महत्व रखती है।
🏆 सितंबर में तीन सम्मान, उपलब्धियों की शानदार हैट्रिक!
दीपा चौहान को सितंबर माह में शिक्षा, विद्यार्थी हित, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए तीन अलग-अलग मंचों पर सम्मानित किया गया। ये सम्मान उनके निरंतर प्रयासों और शिक्षा को नई दिशा देने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।
पहला सम्मान: राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत छत्तीसगढ़ सम्मान
दीपा चौहान को 19 सितंबर 2026 को रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा अंजोर भारत छत्तीसगढ़ सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान मुख्य अतिथि जगन्नाथ पाणिग्रही, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर, के हाथों दिया गया।
दूसरा सम्मान: एजुकेशन स्कल्प्टर अवार्ड छत्तीसगढ़
इसके बाद 26 सितंबर 2026 को राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें एजुकेशन स्कल्प्टर अवार्ड छत्तीसगढ़ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रायपुर के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
तीसरा सम्मान: गुरु गौरव सम्मान छत्तीसगढ़
इसी क्रम में बालोद के कला केंद्र में दर्शन एनटीसीएफ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में दीपा चौहान को गुरु गौरव सम्मान छत्तीसगढ़ प्रदान किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी वेणुराम साहू ने उन्हें सम्मानित किया।
📚 सिर्फ पढ़ाई नहीं, संस्कार और समाज जागरूकता पर भी जोर
दीपा चौहान के सम्मान के पीछे केवल शैक्षणिक गतिविधियां ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के हित में किए गए कार्य, शिक्षा में नवाचार, वृक्षारोपण और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण पहलू भी शामिल रहे।
वे शिक्षा को केवल किताबों और पाठ्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों में संस्कार विकसित करने, सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराने और समुदाय के साथ सकारात्मक जुड़ाव बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत रही हैं।
विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किए गए कार्य और शिक्षण में अपनाए गए नवाचार उनके चयन के प्रमुख आधारों में शामिल रहे। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को भी महत्व दिया गया।
🌱 शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों की मिसाल
आज शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। इसी सोच के अनुरूप दीपा चौहान के प्रयासों में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सामाजिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण को भी स्थान मिला है।
एक ही महीने में तीन अलग-अलग सम्मानों से नवाजा जाना उनके लिए उपलब्धि का महत्वपूर्ण पड़ाव है। इन सम्मानों के माध्यम से शिक्षा, नवाचार और सामाजिक सहभागिता से जुड़े उनके कार्यों को विभिन्न मंचों पर पहचान मिली है।
🎉 तिलगा विद्यालय और रायगढ़ के लिए गौरव का क्षण
सितंबर माह में मिली इन तीन उपलब्धियों ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तिलगा को चर्चा में ला दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास करने वाले शिक्षकों के लिए ऐसी उपलब्धियां प्रेरणा का माध्यम बन सकती हैं।
दीपा चौहान की यह उपलब्धि इस बात को रेखांकित करती है कि शिक्षा के साथ नवाचार, विद्यार्थी हित, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को जोड़कर व्यापक स्तर पर सकारात्मक योगदान दिया जा सकता है।
ग्रामीण भारत न्यूज की विशेष प्रस्तुति में दीपा चौहान की इस उपलब्धि को शिक्षा और समाज के प्रति समर्पित प्रयासों की उल्लेखनीय मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
संवाददाता:– विनोद कुमार चौहान
ग्रामीण भारत न्यूज, रायगढ़ (छत्तीसगढ़)




















