नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के घरेलू उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नेशनल PNG ड्राइव 3.0 की शुरुआत कर दी है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) के 20वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान इस राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ किया। अभियान 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक चलेगा।
संवाददाता — विनोद चौहान
50 लाख नए घरेलू PNG कनेक्शन का लक्ष्य
नेशनल PNG ड्राइव 3.0 के तहत देशभर में 50 लाख नए घरेलू PNG कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही पहले से मौजूद लेकिन निष्क्रिय पड़े लगभग 40 लाख PNG कनेक्शनों को फिर से सक्रिय करने और अतिरिक्त 50 लाख घरेलू PNG पंजीकरण कराने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का फोकस केवल नए कनेक्शन देने तक सीमित नहीं है। अभियान के माध्यम से उन क्षेत्रों में भी PNG के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जहां पाइपलाइन नेटवर्क पहले से पहुंच चुका है लेकिन उसकी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो रहा है।
LPG सिलेंडर के विकल्प के रूप में PNG को बढ़ावा
PNG Drive 3.0 का एक प्रमुख उद्देश्य घरेलू रसोई में पाइप के माध्यम से प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ाना है। PNG व्यवस्था में गैस पाइपलाइन के जरिए सीधे घर तक पहुंचती है, जिससे उपभोक्ता को पारंपरिक सिलेंडर की तरह बुकिंग और डिलीवरी व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।
हालांकि, किसी उपभोक्ता को PNG उपलब्ध होगी या नहीं, यह उसके क्षेत्र में City Gas Distribution (CGD) नेटवर्क की उपलब्धता पर निर्भर करता है। इसलिए अभियान का वास्तविक लाभ उन्हीं क्षेत्रों में मिलेगा जहां अधिकृत PNG नेटवर्क मौजूद है या विस्तार की योजना है।
मौजूदा नेटवर्क का अधिकतम इस्तेमाल
सरकार और PNGRB का जोर पहले से तैयार गैस वितरण ढांचे के बेहतर इस्तेमाल पर भी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार देश में लगभग 6,87,966 इंच-किलोमीटर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और मौजूदा नेटवर्क में लगभग 1.30 करोड़ अतिरिक्त कनेक्शनों की संभावित क्षमता बताई गई है।
PNG Drive 3.0 में इसी मौजूदा आधारभूत ढांचे का उपयोग करते हुए अधिक से अधिक परिवारों को पाइप वाली प्राकृतिक गैस से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
शहरी के साथ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों पर भी जोर
अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में PNG का विस्तार है। सरकार का लक्ष्य ऐसे क्षेत्रों में भी PNG की पहुंच बढ़ाना है जहां गैस वितरण नेटवर्क पहुंच चुका है या जहां विस्तार की पर्याप्त संभावना मौजूद है।
इससे भविष्य में केवल बड़े शहरों तक सीमित रहने के बजाय PNG सुविधा को छोटे शहरों और अन्य विकसित हो रहे क्षेत्रों तक ले जाने की दिशा में काम किया जा सकता है।
प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने पर सरकार का जोर
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार भारत के प्राथमिक ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी वर्तमान में लगभग 6 प्रतिशत है। सरकार ने इसे बढ़ाने की दिशा में लक्ष्य निर्धारित किया है। PNG Drive 3.0 को इसी व्यापक ऊर्जा नीति के एक हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार प्राकृतिक गैस को स्वच्छ, विश्वसनीय और सुविधाजनक ऊर्जा विकल्प के रूप में बढ़ावा देने के साथ-साथ देश के गैस वितरण ढांचे का बेहतर उपयोग करना भी अभियान का उद्देश्य है।
PNGRB के 20वें स्थापना दिवस पर लॉन्च हुआ अभियान
नेशनल PNG ड्राइव 3.0 की शुरुआत Petroleum and Natural Gas Regulatory Board (PNGRB) के 20वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर हुई। कार्यक्रम नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी तथा गैस क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में गैस वितरण, पाइपलाइन, सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
‘MyPNG Portal’ भी लॉन्च
PNG Drive 3.0 के साथ PNGRB ने MyPNG Portal नाम से एक राष्ट्रीय डिजिटल उपभोक्ता पोर्टल भी लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य PNG से संबंधित सेवाओं और जानकारी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना तथा उपभोक्ताओं और City Gas Distribution कंपनियों के बीच संपर्क को आसान बनाना है।
इससे PNG उपभोक्ताओं को कनेक्शन, सेवा संबंधी जानकारी और संबंधित CGD कंपनी से संपर्क जैसी सुविधाओं तक डिजिटल माध्यम से पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
PNG Drive 2.0 में मिले थे महत्वपूर्ण परिणाम
नेशनल PNG Drive 3.0 से पहले PNG Drive 2.0 जनवरी से जून 2026 तक छह महीने चलाया गया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस दौरान लगभग 12.10 लाख नए PNG कनेक्शन और 15.31 लाख घरेलू PNG पंजीकरण दर्ज किए गए।
इसी अवधि में प्रतिदिन नए घरेलू PNG कनेक्शन जोड़ने की गति लगभग 4,702 से बढ़कर करीब 7,000 प्रतिदिन हुई। वहीं बिल किए जाने वाले नए उपभोक्ताओं की दैनिक संख्या लगभग 2,781 से बढ़कर करीब 7,500 तक पहुंची।
इन्हीं आंकड़ों को आगे बढ़ाते हुए अब तीसरे चरण में बड़े स्तर पर नए कनेक्शन, निष्क्रिय कनेक्शनों को सक्रिय करने और नए उपभोक्ताओं के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है।
उपभोक्ताओं के लिए PNG से क्या बदल सकता है?
PNG व्यवस्था शुरू होने के बाद उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की तरह बार-बार बुकिंग और डिलीवरी का इंतजार नहीं करना पड़ता। पाइपलाइन नेटवर्क उपलब्ध होने पर गैस सीधे घरेलू पाइपलाइन के जरिए पहुंचाई जाती है।
इसके अलावा मीटर के आधार पर खपत दर्ज की जाती है और उपभोक्ता द्वारा उपयोग की गई गैस के अनुसार बिल तैयार किया जाता है। इससे नियमित गैस आपूर्ति और खपत के हिसाब से भुगतान की व्यवस्था मिलती है।
हालांकि PNG को हर जगह स्वतः LPG से सस्ता मानना उचित नहीं होगा। वास्तविक खर्च स्थानीय PNG दर, कनेक्शन शुल्क, मीटर/इंस्टॉलेशन से जुड़े शुल्क और उपभोग पर निर्भर कर सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र की अधिकृत CGD कंपनी से वर्तमान दर और शुल्क की जानकारी लेनी चाहिए।
सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा पर भी जोर
PNG को घरेलू उपयोग के लिए एक सुविधाजनक गैस ईंधन के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राकृतिक गैस आधारित व्यवस्था के विस्तार का उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति को अधिक पाइपलाइन आधारित बनाना और गैस के उपयोग को बढ़ाना है।
हालांकि किसी भी गैस प्रणाली में सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है। उपभोक्ताओं को अधिकृत एजेंसी द्वारा लगाए गए उपकरणों का ही इस्तेमाल करना चाहिए और गैस की गंध, पाइपलाइन या उपकरण में खराबी जैसी स्थिति में संबंधित गैस वितरण कंपनी से तत्काल संपर्क करना चाहिए।
274 गैस वितरण क्षेत्रों में अभियान पर विशेष ध्यान
रिपोर्टों के अनुसार देश में City Gas Distribution नेटवर्क के लिए 309 भौगोलिक क्षेत्रों (Geographical Areas) को अधिकृत किया गया है। PNG Drive 3.0 का सक्रिय अभियान उन 274 क्षेत्रों में चलाया जाएगा जहां पाइपलाइन नेटवर्क पहुंच चुका है। इनमें लगभग 80 क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिए जाने की जानकारी सामने आई है, जहां LPG उपभोक्ताओं को PNG से जोड़ने और निष्क्रिय कनेक्शनों को सक्रिय करने की अधिक संभावना है।
इसका अर्थ है कि देश के प्रत्येक गांव या शहर में तत्काल PNG कनेक्शन उपलब्ध होना जरूरी नहीं है। कनेक्शन के लिए आवेदन करने से पहले यह देखना आवश्यक होगा कि संबंधित क्षेत्र में अधिकृत CGD कंपनी का PNG नेटवर्क उपलब्ध है या नहीं।
प्रतिदिन हजारों नए कनेक्शन जोड़ने की चुनौती
50 लाख नए घरेलू कनेक्शन का लक्ष्य लगभग छह महीने की अवधि में हासिल किया जाना है। इसके अलावा 40 लाख निष्क्रिय कनेक्शनों को सक्रिय करना और 50 लाख अतिरिक्त पंजीकरण भी अभियान का हिस्सा हैं।
इस बड़े लक्ष्य के लिए पाइपलाइन नेटवर्क, स्थानीय गैस वितरण कंपनियों, उपभोक्ता आवेदन, मीटर स्थापना, सुरक्षा जांच और बिलिंग व्यवस्था के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक होगा।
सरकार की ओर से अभियान में MoPNG, PNGRB, City Gas Distribution कंपनियों, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों तथा अन्य संबंधित संस्थाओं की भागीदारी रखी गई है।
उपभोक्ता आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
यदि आपके शहर, कस्बे या गांव में PNG नेटवर्क उपलब्ध है तो उपभोक्ता संबंधित अधिकृत CGD कंपनी से कनेक्शन की उपलब्धता की जानकारी ले सकते हैं। आवेदन करते समय कंपनी द्वारा निर्धारित पहचान, पते और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
उपभोक्ताओं को किसी अनधिकृत व्यक्ति को नकद भुगतान करने से बचना चाहिए और कनेक्शन के लिए केवल अधिकृत कंपनी या आधिकारिक डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल करना चाहिए।
MyPNG Portal के लॉन्च के बाद PNG से संबंधित डिजिटल सेवाओं और जानकारी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक अतिरिक्त डिजिटल माध्यम भी उपलब्ध कराया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार की दिशा में एक और कदम
PNG Drive 3.0 ऐसे समय शुरू किया गया है जब सरकार देश में प्राकृतिक गैस के उपयोग और गैस आधारित बुनियादी ढांचे को बढ़ाने पर जोर दे रही है। मंत्रालय के अनुसार देश के लगभग पूरे हिस्से को City Gas Distribution के लिए अधिकृत किया जा चुका है और करीब 35,000 किलोमीटर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन अधिकृत है।
अब चुनौती पाइपलाइन नेटवर्क तैयार करने के साथ-साथ उससे वास्तविक उपभोक्ताओं को जोड़ने और मौजूदा क्षमता का प्रभावी इस्तेमाल करने की है। PNGRB के स्थापना दिवस कार्यक्रम में भी इस बात पर जोर दिया गया कि गैस क्षेत्र की प्रगति को केवल बिछाई गई पाइपलाइन की लंबाई से नहीं, बल्कि वास्तविक गैस खपत और घरेलू PNG कनेक्शनों के विस्तार से भी देखा जाना चाहिए।
31 मार्च 2027 तक चलेगा अभियान
नेशनल PNG ड्राइव 3.0 की निर्धारित अवधि 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक है। इस दौरान 50 लाख नए घरेलू PNG कनेक्शन, 40 लाख निष्क्रिय कनेक्शनों को सक्रिय करने और 50 लाख अतिरिक्त पंजीकरण के लक्ष्य पर काम किया जाएगा।
देश के जिन इलाकों में PNG नेटवर्क पहले से मौजूद है, वहां इस अभियान से उपभोक्ताओं के लिए नए कनेक्शन और निष्क्रिय कनेक्शन को पुनः चालू कराने के अवसर बढ़ सकते हैं। वहीं ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अभियान का विस्तार गैस वितरण नेटवर्क की उपलब्धता और स्थानीय CGD कंपनियों की क्षमता पर निर्भर करेगा।
ग्रामीण भारत न्यूज के लिए संवाददाता — विनोद चौहान




















