अलग-अलग गांवों में हाथियों के दल ने मचाया उत्पात, ग्रामीणों में बढ़ी दहशत; वन विभाग ड्रोन से रख रहा नजर
रायगढ़ | संवाददाता अतुल अग्निहोत्री
रायगढ़ जिले के ग्रामीण अंचलों में हाथियों की बढ़ती सक्रियता ने किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। रविवार रात हाथियों के दल ने जिले के अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर खेतों में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान करीब 21 किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। वहीं, रैरूमा गांव में एक हाथी ग्रामीण बस्ती तक पहुंच गया और एक कच्चे मकान की दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।
कई गांवों में फसल को भारी नुकसान
धरमजयगढ़ वन मंडल के लैलूंगा रेंज के बनेकेला और झगरपुर क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। यहां तीन किसानों की धान की फसल हाथियों ने रौंद दी।
इसी तरह धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के धरमपुर में हाथियों के दल ने घनश्याम और कृष्ण यादव के खेतों में पहुंचकर धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद हाथी कोयलार गांव की ओर बढ़े, जहां धनाराम, लुधुराम, रत्नाराम और कुमार राठिया के खेत प्रभावित हुए। हाथियों का दल आगे गेरसा गांव पहुंचा, जहां किसान बैजनाथ की धान की फसल को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी है।
पोरिया, बताती और किंध्रा में भी मचा हड़कंप
बोरो रेंज के पोरिया, बताती और किंध्रा गांवों में भी हाथियों के दल ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी। बताया गया है कि करीब 14 हाथियों के समूह ने इन क्षेत्रों में कई खेतों में लगी धान की फसल को रौंद दिया।
प्रभावित किसानों में रामप्रसाद, राजेश्वर, बुधराम, रामलाल, रामकुमार, विनोद, मोहर, राम प्रधान और रामकुमार सान के नाम सामने आए हैं। फसल तैयार होने के समय हाथियों के खेतों में पहुंचने से किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सताने लगी है।
बस्ती में घुसा हाथी, कच्चे मकान की दीवार तोड़ी
हाथियों की मौजूदगी केवल खेतों तक सीमित नहीं रही। बकरूमा रेंज के रैरूमा गांव में रात के समय एक हाथी ग्रामीण बस्ती तक पहुंच गया। हाथी ने गांव निवासी सुंदर साय के कच्चे मकान की दीवार को तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया।
अचानक हाथी के बस्ती में पहुंचने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालांकि, समय रहते किसी बड़ी घटना के होने से बचाव हो गया।
जिले में 139 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में रायगढ़ जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में कुल 139 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इनमें सबसे अधिक 112 हाथी धरमजयगढ़ वन मंडल में विचरण कर रहे हैं। इनमें 36 नर, 47 मादा और 29 शावक बताए गए हैं।
वहीं रायगढ़ वन मंडल के बंगुरसिया पश्चिम क्षेत्र में 27 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इस दल में छह नर, 16 मादा और पांच शावक शामिल बताए गए हैं।
ड्रोन से निगरानी, मुनादी कर ग्रामीणों को किया जा रहा सतर्क
हाथियों की बड़ी संख्या को देखते हुए वन विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। हाथियों की गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिन गांवों के आसपास हाथियों की मौजूदगी मिल रही है, वहां ग्रामीणों को मुनादी के माध्यम से सावधान किया जा रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें और अकेले जंगल अथवा हाथियों के विचरण वाले इलाके में जाने से बचें। रात के समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह भी दी जा रही है।
किसानों के सामने फसल सुरक्षा की चुनौती
धान की फसल के महत्वपूर्ण समय में हाथियों का खेतों तक पहुंचना किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। एक ओर किसान फसल को तैयार करने में मेहनत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हाथियों के झुंड से फसल नुकसान का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करे, ताकि किसानों की मेहनत से तैयार हो रही फसल को बचाया जा सके और मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी तरीके से नियंत्रण किया जा सके।
ग्रामीण भारत न्यूज | संवाददाता अतुल अग्निहोत्री | रायगढ़, छत्तीसगढ़





















