फसल नुकसान की आशंका के बीच सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता, वन अमले से सतर्कता बरतने की अपील
लैलूंगा/रायगढ़। लैलूंगा क्षेत्र के बनेकेला गांव में उस समय ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल निर्मित हो गया, जब गांव के आसपास स्थित खेतों में हाथियों का झुंड पहुंच गया। खेतों में हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई और लोग अपने स्तर पर सतर्क रहने लगे।
बताया जा रहा है कि हाथियों का झुंड गांव के आसपास के खेतों में पहुंचा, जिससे ग्रामीणों को अपनी जान-माल के साथ-साथ खड़ी फसलों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। ग्रामीण क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही हमेशा संवेदनशील विषय रही है, ऐसे में हाथियों के गांव के नजदीक पहुंचने से लोगों में भय का वातावरण देखा जा रहा है।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि हाथियों के झुंड को देखने के लिए मौके पर भीड़ एकत्र न करें और किसी भी परिस्थिति में उनके बेहद करीब जाने का प्रयास न करें।
हाथियों के सामने जाने, उनका रास्ता रोकने या उन्हें घेरने की कोशिश करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ग्रामीणों को हाथियों को पत्थर मारने, तेज आवाज करने, पटाखे फोड़ने अथवा किसी अन्य तरीके से उकसाने से पूरी तरह बचना चाहिए।
फोटो-वीडियो बनाने के चक्कर में न डालें जान जोखिम में
वर्तमान समय में घटनास्थल पर पहुंचकर फोटो और वीडियो बनाने की होड़ भी देखने को मिलती है। लेकिन जंगली हाथियों के मामले में यह लापरवाही गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। इसलिए ग्रामीणों और युवाओं से अपील है कि हाथियों का वीडियो या फोटो बनाने के लिए उनके पास जाने अथवा उनका पीछा करने की कोशिश बिल्कुल न करें।
विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को हाथियों की गतिविधि वाले क्षेत्र से दूर रखने तथा आवश्यकता न होने पर घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है।
फसलों को नुकसान की आशंका
हाथियों के खेतों में पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को अपनी फसलों के नुकसान की भी आशंका बनी हुई है। खेतों में हाथियों की आवाजाही से खड़ी फसल प्रभावित होने की संभावना रहती है। ऐसे में ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की मांग की है।
वन अमले को तत्काल सूचना दें
ग्रामीणों से अपील की गई है कि यदि हाथियों का झुंड किसी गांव, खेत, सड़क अथवा आबादी वाले क्षेत्र के आसपास दिखाई दे तो स्वयं कार्रवाई करने के बजाय तत्काल स्थानीय वन अमले अथवा संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। हाथियों को नियंत्रित करने या उन्हें दिशा देने का प्रयास प्रशिक्षित वनकर्मियों द्वारा ही किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की आवाजाही को देखते हुए क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
ग्रामीण भारत न्यूज की अपील:
हाथी जंगली जीव हैं और खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो सकते हैं। इसलिए उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें, भीड़ न लगाएं और वन विभाग के निर्देशों का पालन करें। जिज्ञासा में उठाया गया एक कदम जानलेवा साबित हो सकता है। सुरक्षा सर्वोपरि है।
संवाददाता — विनोद कुमार चौहान
ग्रामीण भारत न्यूज | रायगढ़, छत्तीसगढ़





















