“मां के नाम एक पौधा” अभियान के तहत किया गया पौधारोपण, हर माह सेक्टर स्तर पर बैठक आयोजित करने का लिया गया निर्णय
संवाददाता – संतोष कुमार चौहान लिबरा /
लैलूंगा | ग्रामीण भारत न्यूज
लिबरा/लैलूंगा। चौहान समाज लैलूंगा विकासखंड के अंतर्गत नवगठित चौहान समाज सेक्टर लिबरा की प्रथम बैठक सामाजिक एकता, संगठनात्मक मजबूती और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। बैठक के समापन अवसर पर समाज के महिला एवं युवा वर्ग सहित उपस्थित सामाजिक बंधुओं ने “मां के नाम एक पौधा” अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बैठक में समाज को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, आपसी भाईचारा बढ़ाने तथा सामाजिक गतिविधियों में प्रत्येक परिवार की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
सेक्टर लिबरा की इस पहली बैठक में लैलूंगा विकासखंड स्तर के पदाधिकारियों के साथ-साथ सेक्टर के अंतर्गत आने वाले आठ गांवों से महिला वर्ग, युवा वर्ग, वरिष्ठजन एवं सामाजिक बंधु बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक में समाज की वर्तमान स्थिति, संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने, सामाजिक समस्याओं पर सामूहिक रूप से विचार करने तथा आगामी गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
जिला संगठन के निर्देश पर सेक्टरों का गठन
प्राप्त जानकारी के अनुसार चौहान समाज जिला संगठन द्वारा समाज को जमीनी स्तर तक मजबूत एवं व्यवस्थित रूप से संगठित करने के उद्देश्य से प्रत्येक विकासखंड में सेक्टरों का गठन करने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में लैलूंगा विकासखंड में आठ सेक्टरों के गठन की प्रक्रिया के तहत सेक्टर लिबरा का गठन किया गया है।
सेक्टर के गठन के बाद आयोजित यह पहली बैठक संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में शामिल सामाजिक बंधुओं ने कहा कि समाज की वास्तविक मजबूती तभी संभव है, जब गांव-गांव और परिवार-पारिवारिक स्तर पर लोगों के बीच संवाद एवं समन्वय कायम हो। सेक्टर व्यवस्था के माध्यम से समाज के लोगों को एक मंच पर लाने और उनकी समस्याओं को संगठन के माध्यम से सामने रखने में मदद मिलेगी।
बैठक में सेक्टर के अंतर्गत आने वाले आठ गांवों से पहुंचे लोगों ने अपने-अपने विचार रखे तथा समाज को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इष्ट देव दूल्हा देव की पूजा-अर्चना के साथ हुई शुरुआत
चौहान समाज सेक्टर लिबरा की प्रथम बैठक की शुरुआत समाज के इष्ट देव दूल्हा देव की विधिवत पूजा-अर्चना एवं स्मरण के साथ की गई। उपस्थित पदाधिकारियों एवं सामाजिक बंधुओं ने इष्ट देव का आशीर्वाद लेकर बैठक का शुभारंभ किया।
पूजा-अर्चना के दौरान समाज की एकता, सुख-समृद्धि, आपसी भाईचारे और सामाजिक विकास की कामना की गई। इसके बाद बैठक की औपचारिक कार्यवाही शुरू हुई।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक संगठन केवल पदाधिकारियों से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक परिवार और प्रत्येक सदस्य की सक्रिय भागीदारी से मजबूत होता है। यदि समाज के लोग एकजुट होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें तो सामाजिक स्तर पर आने वाली अनेक समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयास से किया जा सकता है।
संगठन की मजबूती के लिए आपसी संवाद जरूरी
बैठक में विकासखंड स्तर से पहुंचे पदाधिकारियों ने सामाजिक बंधुओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी एकता, संगठन, अनुशासन और आपसी सहयोग से होती है। संगठन को मजबूत बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि सेक्टर स्तर पर नियमित बैठक आयोजित होने से गांव-गांव के लोगों के बीच संपर्क और संवाद मजबूत होगा। समाज के सामने आने वाली समस्याओं को बैठक के माध्यम से सामने रखा जा सकेगा और सामूहिक चर्चा के बाद उनके समाधान की दिशा में प्रयास किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल बैठक आयोजित करना या पदों का गठन करना नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक संगठन की गतिविधियों और योजनाओं को पहुंचाना भी है। इसके लिए प्रत्येक गांव एवं प्रत्येक परिवार को संगठन से जोड़ना आवश्यक है।
महिला एवं युवा वर्ग की भागीदारी पर विशेष जोर
बैठक में महिला एवं युवा वर्ग की भूमिका को समाज की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि युवा समाज की ऊर्जा और भविष्य हैं, जबकि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सामाजिक संगठन को मजबूत आधार प्रदान करती है।
वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक गतिविधियों में युवाओं को जिम्मेदारी देने के साथ-साथ महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए। समाज के कार्यक्रमों में महिला एवं युवा वर्ग की सक्रिय उपस्थिति से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी।
बैठक में युवाओं की शिक्षा, रोजगार, भविष्य निर्माण तथा सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी सामूहिक रूप से कार्य करने की आवश्यकता बताई गई। वहीं महिलाओं को सामाजिक निर्णय प्रक्रिया एवं विभिन्न गतिविधियों में अधिक से अधिक जोड़ने पर जोर दिया गया।
सामाजिक मतभेदों को पीछे छोड़ एकजुट होने का आह्वान
बैठक में वक्ताओं ने समाज के लोगों से आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर समाजहित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की प्रगति के लिए आपसी विश्वास, सहयोग और भाईचारा जरूरी है।
समाज के लोगों से अपील की गई कि व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर सामूहिक हित को प्राथमिकता दी जाए। सामाजिक कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी हो और समाज के प्रत्येक परिवार को संगठन की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाए।
बैठक में समाज के बच्चों की शिक्षा, युवाओं के भविष्य, महिलाओं की भागीदारी, सामाजिक संस्कार एवं समाज की भावी पीढ़ी को बेहतर दिशा देने जैसे विषयों पर भी सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता बताई गई।
हर माह होगी सेक्टर स्तर की बैठक
बैठक में संगठन को लगातार सक्रिय बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उपस्थित पदाधिकारियों एवं सामाजिक बंधुओं की सहमति से हर माह सेक्टर स्तर पर बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
इन बैठकों में समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही सामाजिक समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल, आगामी सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, महिला एवं युवा वर्ग की भागीदारी तथा संगठन के विस्तार जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का गठन कर देना ही पर्याप्त नहीं है। संगठन को लगातार सक्रिय रखना और समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक उसकी गतिविधियों को पहुंचाना भी उतना ही आवश्यक है। नियमित बैठकें इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
“मां के नाम एक पौधा” अभियान से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक पहलू “मां के नाम एक पौधा” अभियान के तहत किया गया पौधारोपण रहा। बैठक के समापन अवसर पर उपस्थित सामाजिक बंधुओं, महिला वर्ग एवं युवाओं ने मिलकर पौधारोपण किया।
इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं सुरक्षा का संकल्प लिया गया। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि पौधारोपण केवल फोटो खिंचवाने या एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए। पौधे को नियमित रूप से पानी देना, उसकी सुरक्षा करना और उसे वृक्ष के रूप में विकसित करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता है। समाज को सामाजिक एकता और संगठन की मजबूती के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
पौधों की देखभाल का लिया संकल्प
पौधारोपण के दौरान उपस्थित लोगों ने लगाए गए पौधों की देखभाल करने का संकल्प लिया। उपस्थित सामाजिक बंधुओं ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण तैयार करना सभी की जिम्मेदारी है।
“मां के नाम एक पौधा” अभियान को सामाजिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए समाज के लोगों ने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार अपने किसी प्रियजन या मां की स्मृति एवं सम्मान में एक पौधा लगाए और उसकी नियमित देखभाल करे, तो आने वाले वर्षों में इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा।
समाज के विकास के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर
बैठक के दौरान चौहान समाज को सामाजिक, शैक्षणिक एवं संगठनात्मक रूप से आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करने पर विशेष जोर दिया गया। समाज के लोगों ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए गांव स्तर से लेकर सेक्टर और विकासखंड स्तर तक आपसी समन्वय आवश्यक है।
समाज के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने, युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा सामाजिक संस्कारों को मजबूत करने के लिए भविष्य में विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति तभी संभव है, जब हर व्यक्ति संगठन के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझे और समाजहित के कार्यों में सक्रिय योगदान दे।
आठ गांवों की सहभागिता से बढ़ा उत्साह
सेक्टर लिबरा के अंतर्गत आने वाले आठ गांवों से महिला वर्ग, युवा वर्ग एवं वरिष्ठजनों की उपस्थिति ने बैठक को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। पहली बैठक में दिखाई दी सक्रियता और उत्साह से यह संदेश सामने आया कि समाज के लोग संगठन को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।
बैठक में उपस्थित लोगों ने सामाजिक गतिविधियों में नियमित भागीदारी करने तथा समाज के अन्य लोगों को भी संगठन से जोड़ने की बात कही। साथ ही आने वाली बैठकों में अधिक से अधिक सामाजिक बंधुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प
बैठक में यह भी कहा गया कि संगठन को केवल कुछ लोगों तक सीमित न रखकर गांव-गांव और परिवार-परिवार तक पहुंचाया जाना चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को संगठन से जोड़ने के लिए नियमित संपर्क और संवाद जरूरी है।
पदाधिकारियों ने कहा कि सेक्टर व्यवस्था समाज के लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। इससे सामाजिक समस्याओं की जानकारी समय पर मिलेगी और संगठन के माध्यम से सामूहिक समाधान की दिशा में कार्य किया जा सकेगा।
सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण का दिया दोहरा संदेश
चौहान समाज सेक्टर लिबरा की प्रथम बैठक ने एक ओर जहां सामाजिक एकता और संगठनात्मक मजबूती का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक पहल की गई।
बैठक में मौजूद समाज के लोगों ने संगठन को मजबूत बनाने, आपसी भाईचारा कायम रखने, महिला एवं युवा वर्ग की भागीदारी बढ़ाने और समाज की भावी पीढ़ी के हित में मिल-जुलकर काम करने का संकल्प लिया।
अंत में उपस्थित सभी सामाजिक बंधुओं का आभार व्यक्त किया गया। साथ ही आगामी माह में होने वाली सेक्टर स्तर की बैठक को लेकर आवश्यक चर्चा की गई।
बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु रहे उपस्थित
चौहान समाज सेक्टर लिबरा की प्रथम बैठक में चौहान समाज लैलूंगा विकासखंड के पदाधिकारी, सेक्टर लिबरा के पदाधिकारी, आठ गांवों से पहुंचे महिला एवं युवा वर्ग, समाज के वरिष्ठजन तथा बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सभी में संगठन को मजबूत बनाने और समाज को नई दिशा में आगे ले जाने को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
बैठक के साथ किया गया पौधारोपण कार्यक्रम इस आयोजन को सामाजिक एकता के साथ पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने वाली सार्थक पहल के रूप में सामने आया। समाज के लोगों ने आने वाले समय में भी इसी तरह सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
संवाददाता – संतोष कुमार चौहान लिबरा/
लैलूंगा | ग्रामीण भारत न्यूज





















