रायगढ़/छत्तीसगढ़ | संवाददाता विनोद चौहान
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटे छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति बनने की भी संभावना है।
मौसम में बदलाव का सबसे ज्यादा असर मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है। सरगुजा संभाग के कई जिलों के साथ रायपुर और बिलासपुर संभाग के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति बन सकती है।
कम दबाव के क्षेत्र से बढ़ी बारिश की गतिविधियां
बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के कारण प्रदेश में नमी का प्रवाह बढ़ा है। इसके चलते आसमान में घने बादल छाए रहने और कई क्षेत्रों में रुक-रुककर तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से कुछ स्थानों पर कम समय में अधिक बारिश भी हो सकती है।
उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जिलों में विशेष सतर्कता की जरूरत बताई जा रही है। वहीं मध्य छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, बेमेतरा और दुर्ग सहित आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
रायगढ़ समेत आसपास के जिलों में भी बढ़ सकती है बारिश
रायगढ़ और आसपास के जिलों में मानसूनी गतिविधियां तेज होने से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। लगातार बारिश की स्थिति में खेतों में पानी भरने, ग्रामीण सड़कों पर कीचड़ और आवागमन प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी, नाला, पुल-पुलिया और जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने की सलाह दी जाती है।
आकाशीय बिजली और तेज हवा से रहें सावधान
बारिश के साथ कई क्षेत्रों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदान, खेत, नदी किनारे और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहना अधिक सुरक्षित है।
तेज हवाओं के दौरान बिजली के खंभों, कमजोर पेड़ों, होर्डिंग और जर्जर निर्माणों के आसपास जाने से भी बचना चाहिए।
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। जहां पानी अधिक जमा हो रहा हो, वहां निकासी के रास्ते खुले रखने की जरूरत है। खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से खुले स्थान पर काम करने से बचना चाहिए।
प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, कच्चे मकानों को नुकसान और नदी-नालों में अचानक पानी बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में प्रशासनिक अमले के साथ आम नागरिकों को भी मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
ग्रामीण भारत न्यूज की अपील है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और तेज बारिश या आकाशीय बिजली के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। विशेष रूप से बच्चों को नदी-नालों, तालाबों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें।
संवाददाता — विनोद चौहान
ग्रामीण भारत न्यूज





















