पुसौर/रायगढ़ | संवाददाता झसकेतन राजहंस
विकासखंड पुसौर में शैक्षणिक गुणवत्ता को और मजबूत करने तथा आगामी वार्षिक परीक्षाओं में विद्यार्थियों के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, डिजिटल शिक्षा, विद्यार्थियों की उपस्थिति और परीक्षा परिणाम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के दिशा-निर्देशन तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्यामनंदन साहू के मार्गदर्शन में हुई इस समीक्षा बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी भुवनेश्वर पटेल ने पुसौर विकासखंड के विद्यालयों की स्थिति की जानकारी ली। बैठक में विकासखंड के 25 विद्यालयों के प्राचार्यों, संकुल प्राचार्यों तथा 31 संकुलों के शैक्षिक समन्वयकों ने भाग लिया।
कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस
बैठक में अधिकारियों ने विद्यालयवार विद्यार्थियों की शैक्षणिक स्थिति की समीक्षा की। विशेष रूप से ऐसे विद्यार्थियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए, जो पढ़ाई में अपेक्षाकृत कमजोर हैं और जिन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता है।
कक्षा 10वीं और 12वीं के कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके लिए सातवें कालखंड में अतिरिक्त शिक्षण व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए, ताकि विद्यार्थियों की विषयवार कठिनाइयों को दूर कर परीक्षा परिणाम में सुधार किया जा सके।
इसके साथ ही ऐसे विद्यार्थियों को भी चिन्हित करने को कहा गया, जिनमें मेरिट सूची में स्थान बनाने की क्षमता है। ऐसे प्रतिभावान विद्यार्थियों के लिए अलग से शैक्षणिक योजना तैयार कर उन्हें लगातार मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन देने की बात कही गई।
डिजिटल शिक्षा और विद्यालयीन व्यवस्थाओं की समीक्षा
समीक्षा बैठक में विद्यालयों में वीएसके एप पर पंजीयन एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, सीजी स्कूल पोर्टल पर पंजीयन और अवकाश स्वीकृति सहित डिजिटल व्यवस्थाओं की स्थिति की जानकारी ली गई।
वहीं स्मार्ट क्लास, आईसीटी उपकरण, पाठ्यक्रम की पूर्णता, पाठ्यपुस्तकों की स्कैनिंग और ऑनलाइन वितरण की स्थिति पर भी अधिकारियों ने चर्चा की। विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र बनाने, जर्जर विद्यालय भवनों, शौचालयों की स्वीकृति तथा मध्यान्ह भोजन व्यवस्था जैसे बुनियादी विषयों की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए और सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
आदर्श विद्यालय बनाने की दिशा में पहल
बैठक में पुसौर क्षेत्र के विद्यालयों को बेहतर सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। प्रत्येक क्षेत्र से एक प्राथमिक और एक माध्यमिक विद्यालय को आदर्श शाला के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने कहा कि केवल भवन और सुविधाओं से विद्यालय आदर्श नहीं बनता, बल्कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अनुशासन, बेहतर परीक्षा परिणाम और शिक्षकों की जिम्मेदारी भी इसके महत्वपूर्ण आधार हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी होगी
बैठक में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही विभिन्न प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
कक्षा 5वीं के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक शनिवार को जवाहर नवोदय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय और उत्कर्ष जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
इसी तरह कक्षा 8वीं के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय साधन-सह-प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा, प्रयास तथा श्रेष्ठा जैसी परीक्षाओं के लिए तैयार करने हेतु नियमित विशेष कक्षाएं संचालित करने पर जोर दिया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
स्कूलों की नियमित निगरानी के निर्देश
बैठक में विद्यालयों के नियमित निरीक्षण और शैक्षणिक गतिविधियों की लगातार निगरानी करने को कहा गया। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि शासन की योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ विद्यार्थियों को मिले।
प्रार्थना सभा के दौरान माइक एवं पेन ड्राइव के उचित उपयोग तथा मध्यान्ह भोजन तैयार करते समय आवश्यक सुरक्षा और सावधानियों का पालन करने के संबंध में भी दिशा-निर्देश दिए गए।
विद्यार्थियों की उपलब्धि सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान अधिकारियों ने प्राचार्यों और संकुल शैक्षिक समन्वयकों से कहा कि विद्यालयों में संचालित प्रत्येक योजना और गतिविधि की नियमित समीक्षा की जाए। विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कमजोर बच्चों को अतिरिक्त सहयोग और प्रतिभावान विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
शिक्षा विभाग की इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ आगामी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम हासिल करना और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मजबूत आधार उपलब्ध कराना रहा।
बैठक में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी मनीष सिन्हा, उतर सिदार, सभी संकुल प्राचार्य तथा संकुल शैक्षिक समन्वयक मौजूद रहे।





















