सड़क पर बने गहरे गड्ढे ने खोली व्यवस्था की पोल, राहगीरों और वाहन चालकों में बढ़ी चिंता
धरमजयगढ़/रायगढ़। संवाददाता विनोद चौहान
धरमजयगढ़ शहर की पहचान माने जाने वाले गौरव पथ की सड़क इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर चर्चा में है। सड़क पर बने गहरे और बड़े गड्ढे में एक कार फंस जाने की घटना सामने आई है। स्थिति ऐसी बनी कि कार को सामान्य तरीके से बाहर निकालना संभव नहीं हुआ और आखिरकार जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। घटना ने सड़क के रखरखाव और नगर की यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि गौरव पथ पर एक स्थान पर सड़क काफी खराब हो चुकी है। बारिश के मौसम में सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाने के कारण उनकी गहराई का अंदाजा लगाना वाहन चालकों के लिए मुश्किल हो जाता है। इसी दौरान एक कार गड्ढे में फंस गई। कार को निकालने के लिए काफी प्रयास किए गए, लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो जेसीबी बुलानी पड़ी।
गौरव पथ बना परेशानी का रास्ता
जिस गौरव पथ को शहर की बेहतर और व्यवस्थित सड़कों में शामिल किया जाना चाहिए, वहीं सड़क की स्थिति वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनती दिखाई दे रही है। जगह-जगह बने गड्ढे न केवल वाहनों की आवाजाही प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बढ़ा रहे हैं।
विशेषकर बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। सड़क के गड्ढों में पानी भरने के बाद वाहन चालक यह समझ नहीं पाते कि सामने कितना गहरा गड्ढा है। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
कार फंसी तो जेसीबी की लेनी पड़ी मदद
गौरव पथ पर कार फंसने के बाद आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। कार को निकालने के लिए पहले सामान्य प्रयास किए गए, लेकिन गड्ढे की स्थिति ऐसी थी कि वाहन बाहर नहीं निकल सका। अंततः जेसीबी की सहायता से कार को खींचकर बाहर निकाला गया।
इस घटना ने लोगों के बीच सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर चर्चा छेड़ दी है। लोगों का सवाल है कि यदि एक सामान्य वाहन सड़क के गड्ढे में इस तरह फंस सकता है तो रात के समय या तेज बारिश के दौरान यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों की सुरक्षा का क्या होगा?
हादसे के बाद ही होगी मरम्मत या पहले जागेगा विभाग?
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत की आवश्यकता है। उनका मानना है कि यदि गड्ढों को समय रहते भर दिया जाए और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करा दी जाए तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि संबंधित जिम्मेदार विभाग सड़क की स्थिति सुधारने के लिए कब ठोस कदम उठाएगा। क्या किसी वाहन के फंसने के बाद ही गड्ढों की जानकारी सामने आएगी, या फिर प्रशासन संभावित दुर्घटना से पहले ही सड़क की मरम्मत कराएगा?
बारिश में बढ़ सकती है परेशानी
मानसून के दौरान सड़क की खराब स्थिति लोगों के लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। लगातार बारिश होने पर छोटे गड्ढे भी बड़े गड्ढों में तब्दील हो सकते हैं और उनमें पानी भरने से खतरा बढ़ सकता है।
गौरव पथ शहर के लोगों और वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। इसलिए लोगों की मांग है कि सड़क का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा जहां गड्ढे अधिक गहरे हैं, वहां आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी की जाए।
जिम्मेदार विभाग से कार्रवाई की उम्मीद
कार के गड्ढे में फंसने की घटना ने एक बार फिर धरमजयगढ़ की सड़क व्यवस्था को चर्चा में ला दिया है। स्थानीय नागरिक अब केवल अस्थायी तौर पर गड्ढे भरने के बजाय सड़क की स्थायी मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़ी होती हैं। इसलिए सड़क निर्माण और रखरखाव में लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
अब देखना होगा कि इस घटना के बाद संबंधित नगर पंचायत या जिम्मेदार विभाग गौरव पथ की बदहाल सड़क को लेकर क्या कदम उठाता है। फिलहाल एक कार को जेसीबी से निकालने की घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि अगर गौरव पथ पर कार निकालने के लिए जेसीबी की जरूरत पड़ने लगे, तो सड़क की वास्तविक स्थिति आखिर कितनी खराब है?
ग्रामीण भारत न्यूज
संवाददाता — विनोद चौहान





















