संवाददाता विनोद चौहान | ग्रामीण भारत न्यूज, बिलासपुर
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के लिए गौरव का क्षण सामने आया है। शहर की होनहार छात्रा शांभवी शर्मा ने पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग में आयोजित सीबीएसई फार ईस्ट जोन शूटिंग प्रतियोगिता 2026-27 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। अंडर-19 आयु वर्ग की पिस्टल शूटिंग स्पर्धा में शांभवी ने अपने अचूक निशाने, धैर्य, मानसिक एकाग्रता और निरंतर अभ्यास के दम पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
यह प्रतियोगिता दार्जिलिंग क्षेत्र के कालिम्पोंग स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल में आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में देश के पूर्वी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। करीब 67 स्कूलों के लगभग 1800 खिलाड़ियों के बीच शांभवी की यह सफलता विशेष उपलब्धि मानी जा रही है। इतनी बड़ी और प्रतिस्पर्धात्मक स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करना उनके खेल कौशल और कठिन परिश्रम को दर्शाता है।
11 राज्यों के खिलाड़ियों के बीच हासिल की उपलब्धि
सीबीएसई फार ईस्ट जोन शूटिंग प्रतियोगिता में करीब 11 राज्यों के खिलाड़ी शामिल हुए। अलग-अलग आयु वर्गों में खिलाड़ियों ने एयर राइफल और एयर पिस्टल की विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए मुकाबले आयोजित किए गए।
इसी प्रतियोगिता के अंडर-19 वर्ग में बिलासपुर की शांभवी शर्मा ने पिस्टल शूटिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरआल श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर स्वर्ण पदक हासिल किया। शांभवी की सफलता ने न केवल उनके स्कूल और परिवार का गौरव बढ़ाया, बल्कि बिलासपुर और छत्तीसगढ़ को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
पिस्टल शूटिंग में दिखाया शानदार कौशल
निशानेबाजी ऐसा खेल है जिसमें केवल निशाना साधना ही पर्याप्त नहीं होता। खिलाड़ी को अपने शरीर और मन दोनों पर नियंत्रण रखना पड़ता है। कुछ सेकंड के भीतर लक्ष्य पर सटीक निशाना लगाना, हाथों की स्थिरता बनाए रखना, सांसों को नियंत्रित करना और दबाव की स्थिति में भी मानसिक संतुलन कायम रखना इस खेल की महत्वपूर्ण आवश्यकताएं हैं।
शांभवी शर्मा ने इन्हीं गुणों का परिचय देते हुए प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया। बड़े स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए अनुभवी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच अपनी क्षमता साबित करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।
उनकी इस उपलब्धि को बिलासपुर में खेल प्रतिभाओं के लिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है।
कक्षा 12वीं की छात्रा हैं शांभवी
शांभवी शर्मा द न्यू इंडिया स्कूल में कक्षा 12वीं की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने शूटिंग जैसे तकनीकी और एकाग्रता आधारित खेल में अपनी पहचान बनाई है। पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सफलता हासिल करना उनकी मेहनत और अनुशासन को दर्शाता है।
खास बात यह है कि कक्षा 12वीं जैसी महत्वपूर्ण शैक्षणिक अवस्था में रहते हुए शांभवी ने खेल के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा को लगातार निखारा है। उनकी सफलता उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है जो शिक्षा के साथ खेल के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहते हैं।
बड़ी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक से बढ़ा बिलासपुर का मान
शूटिंग प्रतियोगिता में 11 राज्यों के करीब 67 स्कूलों के लगभग 1800 खिलाड़ियों की भागीदारी के बीच स्वर्ण पदक हासिल करना सामान्य उपलब्धि नहीं है। प्रतियोगिता का स्तर जितना बड़ा था, उतनी ही अधिक चुनौती खिलाड़ियों के सामने थी।
ऐसे माहौल में शांभवी द्वारा बेहतरीन प्रदर्शन कर शीर्ष स्थान हासिल करना बिलासपुर के लिए गौरव की बात है। उनकी उपलब्धि से शहर की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। साथ ही इससे यह भी साबित होता है कि छोटे-बड़े शहरों से निकलने वाली प्रतिभाएं उचित प्रशिक्षण, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
सफलता के पीछे धैर्य और मानसिक एकाग्रता महत्वपूर्ण
शूटिंग को दुनिया के उन खेलों में गिना जाता है जिनमें मानसिक मजबूती की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। खिलाड़ी को प्रतियोगिता के दौरान अपने आसपास के माहौल, दर्शकों, दबाव और परिणाम की चिंता से खुद को अलग रखते हुए केवल लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना पड़ता है।
शांभवी की सफलता में भी धैर्य, स्थिरता और मानसिक एकाग्रता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पिस्टल शूटिंग में मामूली सी अस्थिरता भी परिणाम को प्रभावित कर सकती है। इसके बावजूद उन्होंने प्रतियोगिता के दबाव में संतुलित प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक हासिल किया।
खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, हर बच्चे के लिए जरूरी है मानसिक संतुलन
शूटिंग जैसे खेलों में मानसिक एकाग्रता का महत्व विशेष रूप से दिखाई देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि योग, प्राणायाम, मेडिटेशन और त्राटक जैसी गतिविधियां बच्चों में एकाग्रता और मानसिक संतुलन विकसित करने में मददगार हो सकती हैं।
खेल चाहे शूटिंग हो, दौड़, क्रिकेट, बॉक्सिंग या कबड्डी—हर खिलाड़ी के लिए शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती भी जरूरी होती है। नियमित अभ्यास से बच्चे अपने ध्यान को बेहतर तरीके से नियंत्रित करना सीख सकते हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव उनकी पढ़ाई और दैनिक जीवन पर भी पड़ सकता है।
शांभवी की उपलब्धि से युवा खिलाड़ियों को मिलेगी प्रेरणा
बिलासपुर की शांभवी शर्मा की यह उपलब्धि शहर के उन बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा बन सकती है जो खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। शूटिंग जैसे खेलों में सफलता के लिए लगातार अभ्यास, अनुशासन, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार का सहयोग जरूरी होता है।
शांभवी ने जिस स्तर की प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया है, वह उनके खेल करियर में महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा सकता है। भविष्य में यदि वह इसी तरह निरंतर अभ्यास और मेहनत जारी रखती हैं तो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन करने की संभावनाएं मजबूत होंगी।
बिलासपुर के लिए गर्व का विषय
शांभवी शर्मा की सफलता केवल एक छात्रा की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह बिलासपुर की खेल प्रतिभा की क्षमता को भी सामने लाती है। शहर से विभिन्न खेलों में प्रतिभाएं सामने आती रही हैं। शूटिंग के क्षेत्र में शांभवी का स्वर्ण पदक इस कड़ी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
उनकी सफलता से अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच खेलों को लेकर सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद है। अक्सर विद्यार्थी केवल पढ़ाई को ही करियर का माध्यम मानते हैं, लेकिन शांभवी जैसी प्रतिभाएं यह संदेश देती हैं कि शिक्षा के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट भविष्य बनाया जा सकता है।
मेहनत और लक्ष्य पर ध्यान से मिली सफलता
शांभवी की उपलब्धि यह संदेश देती है कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ नियमित मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण जरूरी है। निशानेबाजी में एक छोटी सी गलती भी पूरे परिणाम को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में लगातार अभ्यास और मानसिक नियंत्रण ही खिलाड़ी को बेहतर बनाता है।
कालिम्पोंग में आयोजित इस बड़ी प्रतियोगिता में शांभवी ने अपने प्रदर्शन से साबित किया कि बिलासपुर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाने में सक्षम हैं।
ग्रामीण भारत न्यूज परिवार की ओर से शांभवी शर्मा को इस शानदार उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई और उनके उज्ज्वल खेल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।





















