रायपुर। संवाददाता विनोद चौहान | ग्रामीण भारत न्यूज
छत्तीसगढ़ में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के स्तर पर अगस्त 2026 में प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला जारी है। राज्य शासन ने वन विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने, वन संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन को मजबूत करने तथा विभिन्न वनमंडलों और संरक्षित क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव किया है।
सबसे पहले 8 अगस्त 2026 को 24 IFS अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नवीन पदस्थापना का आदेश जारी किया गया था। इस आदेश में मंत्रालय स्तर से लेकर जिला वनमंडलों, राज्य वन विकास निगम तथा लघु वनोपज संघ तक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया। इसके बाद 21 अगस्त 2026 को 11 और IFS अधिकारियों की नवीन पदस्थापना एवं प्रभार परिवर्तन का आदेश सामने आया है। इस तरह अगस्त महीने में वन विभाग के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण स्तर पर बदलाव देखने को मिल रहा है।
8 अगस्त के आदेश में 24 IFS अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी
8 अगस्त को जारी आदेश के अनुसार भारतीय वन सेवा के कुल 24 अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गईं। आदेश राज्यपाल के नाम से वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव जे.पी. पाठक द्वारा जारी किया गया था। आदेश में प्रशासनिक एवं प्रादेशिक वन अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया गया और इसे प्रशासनिक दृष्टिकोण से तत्काल प्रभाव से लागू किया गया।
गणवीर धम्मशील बने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव
2013 बैच के IFS अधिकारी गणवीर धम्मशील को बलौदाबाजार से स्थानांतरित कर मंत्रालय, नवा रायपुर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव पद पर प्रतिनियुक्ति दी गई है। वन विभाग के नीति निर्धारण और प्रशासनिक स्तर पर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मानी जा रही है।
उत्तम कुमार गुप्ता को इंद्रावती टाइगर रिजर्व की कमान
2013 बैच के अधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता को बस्तर से स्थानांतरित कर इंद्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर के प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) एवं क्षेत्र निदेशक की जिम्मेदारी दी गई। इंद्रावती टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण वन्यजीव क्षेत्रों में शामिल है, इसलिए यह पद वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
अन्य प्रमुख पदस्थापनाएं
आदेश के अनुसार—
- दुलेश्वर प्रसाद साहू (2013) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मनेन्द्रगढ़ बनाया गया।
- पंकज राजपूत (2014) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), रायपुर की जिम्मेदारी दी गई।
- प्रभाकर खलखो (2014) को प्रभारी वन संरक्षक, कार्य आयोजना वनमंडल, सरगुजा-अंबिकापुर बनाया गया।
- संदीप बलगा (2015) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), पूर्व भानुप्रतापपुर की जिम्मेदारी मिली।
- मयंक पांडे (2015) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), गरियाबंद बनाया गया।
- सत्यदेव शर्मा (2015) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), धरमजयगढ़ भेजा गया।
- श्रीनिवास तन्नेटी (2015) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), महासमुंद की जिम्मेदारी मिली।
- जितेन्द्र कुमार उपाध्याय (2015) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), कटघोरा पदस्थ किया गया।
- संजय यादव (2015) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), खैरागढ़ की जिम्मेदारी दी गई।
- कुमार निशांत (2016) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मरवाही बनाया गया।
- पंकज कुमार कमल (2016) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), बलौदाबाजार की जिम्मेदारी मिली।
- पुष्पलता टंडन (2016) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), सारंगढ़-बिलाईगढ़ बनाया गया।
- लोकनाथ पटेल (2016) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), सरगुजा-अंबिकापुर पदस्थ किया गया।
- शशिगानंदन के. (2017) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), कांकेर की जिम्मेदारी दी गई।
- अभिषेक जोगावत (2017) को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ, नवा रायपुर में उप महाप्रबंधक बनाया गया।
- रौनक गोयल (2020) को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय, नवा रायपुर में वन उप संरक्षक बनाया गया।
- ग्रीष्मी चांद (2020) को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में प्रतिनियुक्ति दी गई।
- चंद्रशेखर शंकरसिंग परदेशी (2020) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), कोरिया बनाया गया।
- दिपेश कपिल (2022) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), बस्तर-जगदलपुर की जिम्मेदारी मिली।
- चंद्र कुमार अग्रवाल (2022) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), दुर्ग पदस्थ किया गया।
- ऋषभ जैन (2022) को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम में प्रतिनियुक्त किया गया।
- विपुल अग्रवाल (2022) को वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), सूरजपुर बनाया गया।
धरमजयगढ़ और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भी महत्वपूर्ण बदलाव
अगस्त के इस प्रशासनिक फेरबदल में रायगढ़ संभाग से जुड़े वन क्षेत्रों को भी महत्वपूर्ण नई पदस्थापनाएं मिली हैं।
सत्यदेव शर्मा को धरमजयगढ़ वनमंडल की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि पुष्पलता टंडन को सारंगढ़-बिलाईगढ़ वनमंडल का वन उप संरक्षक बनाया गया है। इन वनमंडलों में वन संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष, अवैध कटाई पर नियंत्रण, वन क्षेत्रों की सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय जैसे विषय प्रमुख प्रशासनिक चुनौतियां रहते हैं।
इसी तरह रायपुर, गरियाबंद, महासमुंद, मनेन्द्रगढ़, भानुप्रतापपुर, सरगुजा, कांकेर, कोरिया, बस्तर, दुर्ग और सूरजपुर सहित कई क्षेत्रों में अधिकारियों के बदलाव किए गए हैं। इससे प्रदेश के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में वन विभाग के प्रशासनिक ढांचे में व्यापक परिवर्तन हुआ है।
21 अगस्त को फिर बदला वन विभाग का प्रशासनिक ढांचा
वन विभाग में फेरबदल यहीं नहीं रुका। 21 अगस्त 2026 को राज्य शासन ने 11 और भारतीय वन सेवा अधिकारियों को नवीन पदस्थापना दी है। इस ताजा आदेश में विशेष रूप से टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े पदों पर बदलाव किए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इनमें ज्यादातर अधिकारी टाइगर रिजर्व अथवा वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े पदों पर हैं।
सौरभ सिंह ठाकुर को हाथी रिजर्व सरगुजा की जिम्मेदारी
सौरभ सिंह ठाकुर (2017) को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुण्ठपुर के उप संचालक पद से स्थानांतरित कर उप संचालक, हाथी रिजर्व, सरगुजा-अंबिकापुर बनाया गया है।
सरगुजा क्षेत्र में हाथी-मानव संघर्ष लंबे समय से वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में हाथी रिजर्व की जिम्मेदारी वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आबादी की सुरक्षा और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी।
दिनेश कुमार पटेल को अचानकमार टाइगर रिजर्व की जिम्मेदारी
दिनेश कुमार पटेल (2018) को मोहला से स्थानांतरित कर उप संचालक, अचानकमार टाइगर रिजर्व, लोरमी बनाया गया है।
अचानकमार क्षेत्र जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नई पदस्थापना के साथ अधिकारी के सामने टाइगर रिजर्व के संरक्षण, वन्यजीवों की निगरानी और वन क्षेत्र की सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
गणेश यू.आर. को अनुसंधान एवं विस्तार वनमंडल बिलासपुर की जिम्मेदारी
गणेश यू.आर. (2019) को अचानकमार टाइगर रिजर्व के उप संचालक पद से स्थानांतरित कर वनमंडल अधिकारी, अनुसंधान एवं विस्तार वनमंडल बिलासपुर बनाया गया है। इसके साथ उन्हें संचालक, अचानकमार-अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व, बिलासपुर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
अभिनव कुमार को मोहला वनमंडल की जिम्मेदारी
अभिनव कुमार (2021) को मुंगेली से स्थानांतरित कर वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मोहला बनाया गया है।
एस. नवीन कुमार को पश्चिम भानुप्रतापपुर
एस. नवीन कुमार (2022) को कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के संचालक पद से हटाकर वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), पश्चिम भानुप्रतापपुर की जिम्मेदारी दी गई है।
गौतम पादीभर बने कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के संचालक
गौतम पादीभर (2023) को गौरेला-मरवाही वनमंडल से स्थानांतरित कर संचालक, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, जगदलपुर बनाया गया है।
श्वेता कम्बोज को गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व
श्वेता कम्बोज (2023) को अंबिकापुर वनमंडल से स्थानांतरित कर उप संचालक, गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व, बैकुण्ठपुर की जिम्मेदारी दी गई है।
सुमेध संजय सुरवणे को इंद्रावती टाइगर रिजर्व
सुमेध संजय सुरवणे (2023) को सुकमा वनमंडल के उप वनमंडलाधिकारी पद से स्थानांतरित कर उप संचालक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर बनाया गया है।
तन्मय कौशिक को मुंगेली वनमंडल
रायगढ़ वनमंडल में उप वनमंडलाधिकारी के रूप में पदस्थ तन्मय कौशिक (2023) को स्थानांतरित कर वन उप संरक्षक (प्रादेशिक), मुंगेली बनाया गया है।
स्टायलो मंडावी का प्रभार भी बदला
स्टायलो मंडावी (2011) के पास इंद्रावती टाइगर रिजर्व, जगदलपुर के प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) एवं क्षेत्र निदेशक के साथ मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक), जगदलपुर का अतिरिक्त प्रभार था। आदेश के अनुसार उत्तम कुमार गुप्ता के कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्हें जगदलपुर के मुख्य वन संरक्षक (प्रादेशिक) के प्रभार को छोड़कर शेष प्रभारों से मुक्त किया जाना है।
टाइगर रिजर्व और वन्यजीव संरक्षण पर विशेष जोर
अगस्त में जारी दोनों चरणों के आदेशों को देखा जाए तो वन विभाग की प्रशासनिक प्राथमिकताओं में वन्यजीव संरक्षण, टाइगर रिजर्व प्रबंधन, हाथी रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और क्षेत्रीय वन प्रशासन प्रमुख रूप से दिखाई देते हैं।
एक ओर 8 अगस्त के आदेश में मंत्रालय, वन विकास निगम, लघु वनोपज संघ और विभिन्न वनमंडलों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गईं, वहीं 21 अगस्त के आदेश में टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़े कई अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गईं।
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब छत्तीसगढ़ में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष, हाथी प्रभावित क्षेत्र, बाघ एवं अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा, अवैध कटाई और वन क्षेत्रों में विकास गतिविधियों के बीच संतुलन जैसे विषय लगातार महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
वनमंडलों में प्रशासनिक कसावट की उम्मीद
वन विभाग का जिला स्तर का वनमंडल सीधे तौर पर जंगलों की सुरक्षा और स्थानीय स्तर पर वन प्रशासन से जुड़ा होता है। DFO/वन उप संरक्षक के स्तर पर अधिकारी वन क्षेत्रों की सुरक्षा, अवैध कटाई एवं अतिक्रमण पर कार्रवाई, वन्यजीव संरक्षण, पौधरोपण, वन प्रबंधन, वन अधिकार कानून से जुड़े प्रशासनिक कार्यों और ग्रामीणों के साथ समन्वय जैसे अनेक कार्यों की निगरानी करते हैं।
इस लिहाज से लगातार हो रहे स्थानांतरण को केवल अधिकारियों के तबादले के रूप में नहीं, बल्कि वन प्रशासन की जिम्मेदारियों के पुनर्विन्यास के रूप में भी देखा जा रहा है।
विशेष रूप से जिन अधिकारियों को टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और हाथी रिजर्व में जिम्मेदारी दी गई है, उनके सामने वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय ग्रामीण आबादी के हितों और सुरक्षा का संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।
रायगढ़ संभाग की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बदलाव
रायगढ़ क्षेत्र के लिए भी यह फेरबदल महत्वपूर्ण है। 8 अगस्त के आदेश में सत्यदेव शर्मा को धरमजयगढ़ वनमंडल की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं 21 अगस्त के आदेश में रायगढ़ वनमंडल में उप वनमंडलाधिकारी के रूप में पदस्थ तन्मय कौशिक को मुंगेली वनमंडल का वन उप संरक्षक बनाया गया है।
धरमजयगढ़ क्षेत्र वन संपदा, हाथी आवागमन और मानव-वन्यजीव संघर्ष की दृष्टि से महत्वपूर्ण इलाका है। इसलिए यहां नए वनमंडलाधिकारी के सामने वन संरक्षण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों से जुड़ी घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया और विभागीय समन्वय की बड़ी जिम्मेदारी रहेगी।
प्रशासनिक फेरबदल का उद्देश्य क्या?
सरकारी तबादलों में सामान्यतः प्रशासनिक दक्षता, कार्य की आवश्यकता, विभागीय हित और अधिकारियों की विशेषज्ञता के आधार पर जिम्मेदारियों में बदलाव किया जाता है। अगस्त 2026 में छत्तीसगढ़ वन विभाग में हुए इन फेरबदल में भी अलग-अलग स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
एक ओर अनुभवी अधिकारियों को मंत्रालय और उच्च वन प्रशासन में जिम्मेदारी मिली है, वहीं दूसरी ओर कई अधिकारियों को वनमंडलों और संरक्षित वन क्षेत्रों में पदस्थ किया गया है। इससे वन विभाग के मैदानी प्रशासन और मुख्यालय स्तर के बीच समन्वय को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
वन्यजीव संरक्षण के साथ मानव सुरक्षा भी बड़ी चुनौती
छत्तीसगढ़ देश के महत्वपूर्ण वन क्षेत्रों वाले राज्यों में शामिल है। राज्य के बस्तर, सरगुजा, बिलासपुर, रायगढ़ और अन्य वन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी जंगलों के आसपास निवास करती है। ग्रामीणों की आजीविका भी कई स्तर पर जंगलों से जुड़ी है।
ऐसे में वन विभाग के सामने केवल जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि जंगल से जुड़े ग्रामीण समुदायों के साथ संतुलित एवं संवेदनशील प्रशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है।
हाथी रिजर्व और टाइगर रिजर्व में पदस्थ अधिकारियों के लिए यह चुनौती और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में फसल नुकसान, ग्रामीण सुरक्षा, वन्यजीवों की निगरानी और त्वरित राहत व्यवस्था जैसे विषय सीधे ग्रामीण जीवन से जुड़े हैं।
अगस्त में दो चरणों में हुआ बड़ा फेरबदल
यदि अगस्त 2026 के घटनाक्रम को क्रमवार देखा जाए तो वन विभाग में प्रशासनिक बदलाव दो प्रमुख चरणों में सामने आया है।
8 अगस्त 2026: 24 IFS अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नवीन पदस्थापना का आदेश। इसमें मंत्रालय, DFO स्तर, वन संरक्षक, वन विकास निगम और लघु वनोपज संघ सहित विभिन्न स्थानों पर जिम्मेदारियां बदली गईं।
21 अगस्त 2026: 11 और IFS अधिकारियों की नवीन पदस्थापना एवं प्रभार परिवर्तन। इसमें टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान, हाथी रिजर्व और क्षेत्रीय वनमंडलों से जुड़े पदों में बदलाव प्रमुख रहा।
इस प्रकार अगस्त महीने में उपलब्ध आदेशों के आधार पर 35 IFS अधिकारियों से संबंधित पदस्थापन/प्रभार परिवर्तन सामने आते हैं। हालांकि यह संख्या दो अलग-अलग आदेशों की अधिकारियों की सूची को जोड़कर बताई गई है; इसे किसी एक संयुक्त तबादला आदेश की संख्या नहीं माना जाना चाहिए।
ग्रामीण भारत न्यूज की पड़ताल में महत्वपूर्ण बात
वन विभाग में लगातार हो रहे इन बदलावों के बाद अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नई पदस्थापनाओं के बाद मैदानी स्तर पर वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मामलों में कितना बदलाव आता है।
विशेष रूप से धरमजयगढ़, सरगुजा, बस्तर, इंद्रावती, अचानकमार, गुरु घासीदास और कांगेर घाटी जैसे संवेदनशील वन क्षेत्रों में नई जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के सामने कई महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं।
इन क्षेत्रों में वन्यजीव संरक्षण, अवैध शिकार एवं कटाई पर नियंत्रण, वन क्षेत्रों की निगरानी, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना तथा स्थानीय समुदायों के साथ बेहतर संवाद प्रशासन की सफलता के प्रमुख पैमाने होंगे।
पूरी 24 अधिकारियों की सूची — 8 अगस्त का आदेश
| क्रम | अधिकारी | नई जिम्मेदारी |
|---|---|---|
| 1 | गणवीर धम्मशील | विशेष सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग |
| 2 | उत्तम कुमार गुप्ता | प्रभारी CCF एवं क्षेत्र निदेशक, इंद्रावती टाइगर रिजर्व |
| 3 | दुलेश्वर प्रसाद साहू | DCF, मनेन्द्रगढ़ |
| 4 | पंकज राजपूत | DCF, रायपुर |
| 5 | प्रभाकर खलखो | प्रभारी वन संरक्षक, कार्य आयोजना वनमंडल सरगुजा |
| 6 | संदीप बलगा | DCF, पूर्व भानुप्रतापपुर |
| 7 | मयंक पांडे | DCF, गरियाबंद |
| 8 | सत्यदेव शर्मा | DCF, धरमजयगढ़ |
| 9 | श्रीनिवास तन्नेटी | DCF, महासमुंद |
| 10 | जितेन्द्र कुमार उपाध्याय | DCF, कटघोरा |
| 11 | संजय यादव | DCF, खैरागढ़ |
| 12 | कुमार निशांत | DCF, मरवाही |
| 13 | पंकज कुमार कमल | DCF, बलौदाबाजार |
| 14 | पुष्पलता टंडन | DCF, सारंगढ़-बिलाईगढ़ |
| 15 | लोकनाथ पटेल | DCF, सरगुजा |
| 16 | शशिगानंदन के. | DCF, कांकेर |
| 17 | अभिषेक जोगावत | उप महाप्रबंधक, राज्य लघु वनोपज संघ |
| 18 | रौनक गोयल | DCF, PCCF एवं वन बल प्रमुख कार्यालय |
| 19 | ग्रीष्मी चांद | छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम |
| 20 | चंद्रशेखर शंकरसिंग परदेशी | DCF, कोरिया |
| 21 | दिपेश कपिल | DCF, बस्तर |
| 22 | चंद्र कुमार अग्रवाल | DCF, दुर्ग |
| 23 | ऋषभ जैन | छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम |
| 24 | विपुल अग्रवाल | DCF, सूरजपुर |
सूची का विवरण 8 अगस्त के प्रकाशित पदस्थापना आदेश की रिपोर्ट से लिया गया है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ वन विभाग में अगस्त 2026 के दौरान हुए लगातार प्रशासनिक बदलाव से साफ है कि राज्य शासन ने वन प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियों का व्यापक पुनर्गठन किया है। 8 अगस्त को 24 IFS अधिकारियों के तबादले के बाद 21 अगस्त को 11 और अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गईं। खास बात यह है कि दूसरे चरण में टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और हाथी रिजर्व जैसे संवेदनशील वन्यजीव क्षेत्रों को विशेष महत्व दिया गया है।
अब इन पदस्थापनाओं के बाद वास्तविक चुनौती मैदानी स्तर पर दिखाई देगी। जंगलों की सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण, हाथी एवं मानव संघर्ष में कमी, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण और ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय के मोर्चे पर नए अधिकारियों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा।
ग्रामीण भारत न्यूज के लिए — संवाददाता विनोद चौहान, रायगढ़, छत्तीसगढ़।





















