*ग्रामीण भारत न्यूज रायगढ़*
कर्ज के बाद अब पर्यावरण पर वार! डिफाल्टर हुई *TRN Energy* अब प्रदूषण के लिए भी चर्चा में है। कंपनी की लापरवाही से लारीपानी गांव के खेतों में फ्लाई एश बह गया।
*क्या हुआ था?*
लैलूंगा के *लारीपानी* में TRN Energy को गड्ढों का भराव करने की अनुमति मिली थी। कंपनी ने शर्तों को ताक पर रख दिया।
1. राखड़ तो डाला, लेकिन ऊपर *मिट्टी से समतलीकरण नहीं किया*
2. *बंड का निर्माण भी नहीं किया*
नतीजा: बारिश आते ही फ्लाई एश पानी के साथ बहकर सीधे आसपास के *खेतों में घुस गया*।
*कार्रवाई क्या हुई?*
शिकायत के बाद *पर्यावरण विभाग* की टीम ने मौके पर जांच की। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कंपनी को दो आदेश दिए गए:
1. *जिन खेतों में राखड़ गया है उसे तुरंत साफ करो*
2. *5.70 लाख रुपए का जुर्माना भरो*
*खुलासा: ये है कंपनियों का खेल*
जांच में सामने आया कि कई कंपनियां भूमि भराव के नाम पर तय मात्रा से ज्यादा फ्लाई एश डाल देती हैं। ऊपर से मिट्टी नहीं पाटतीं। क्योंकि जांच नहीं हो पाती इसलिए उद्योग वाले इसका फायदा उठाते हैं।
बारिश में यही राखड़ बहकर खेत, नाली और नदियों को खराब करता है।
पहले कर्ज, अब पर्यावरण। TRN Energy लगातार सुर्खियों में है।
*संवाददाता:– विनोद कुमार चौहान*
*ग्रामीण भारत न्यूज, रायगढ़*





















