रायगढ़, 13 अगस्त 2026। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए अगले 24 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Rain) होने की संभावना जताई है। विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार बलरामपुर, जांजगीर-चांपा, जशपुर, रायगढ़, सक्ती तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद जिला प्रशासन को सतर्क रहने तथा आम नागरिकों से आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मानसूनी तंत्र और निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से अगले 24 घंटे तक वर्षा की तीव्रता बनी रह सकती है। विशेष रूप से उत्तर और पूर्वी छत्तीसगढ़ के जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज होने की संभावना है। ऐसे में नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है तथा कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी प्रभावित हो सकता है।
रायगढ़ जिले में बढ़ी चिंता
रायगढ़ जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। यदि अगले 24 घंटे में अत्यधिक वर्षा होती है तो केलो नदी, महानदी तथा अन्य सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे पुल, पुलिया और नाले भी खतरे के स्तर तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है।
किसानों के लिए चुनौती
बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जाती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा खेतों में जलभराव पैदा कर सकती है। धान, सब्जी तथा अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखें तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
प्रशासन की तैयारियां
संभावित आपदा को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। राजस्व, पुलिस, नगर पालिका, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा आपदा प्रबंधन की टीमों को आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहने को कहा गया है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में घर से बाहर निकलने से बचें। तेज बारिश के दौरान नदी, नाले और पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास बिल्कुल न करें। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। बच्चों पर विशेष निगरानी रखें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन या स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें।
यातायात पर पड़ सकता है असर
लगातार बारिश के कारण कई ग्रामीण सड़कों पर पानी भर सकता है, जिससे आवागमन प्रभावित होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त होने या पुल-पुलियों पर पानी आने की स्थिति भी बन सकती है। वाहन चालकों से अपील की गई है कि आवश्यक होने पर ही यात्रा करें तथा मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही निकलें।
बिजली और संचार सेवाओं पर भी असर संभव
अत्यधिक वर्षा और तेज हवाओं के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने या बिजली के तार क्षतिग्रस्त होने से विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे में लोगों से सावधानी बरतने और टूटे हुए बिजली के तारों से दूर रहने की अपील की गई है।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल मौसम विभाग तथा प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने का अनुरोध भी किया गया है।
मानसून का यह दौर अभी जारी है और अगले 24 घंटे प्रदेश के कई जिलों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में सभी नागरिकों से अपील है कि सतर्क रहें, सुरक्षित रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। ग्रामीण भारत न्यूज अपने पाठकों से भी आग्रह करता है कि मौसम से जुड़ी हर नई जानकारी पर नजर बनाए रखें और किसी भी जोखिम भरे स्थान पर जाने से बचें।





















