*ग्रामीण भारत न्यूज | रायगढ़*
*रायगढ़,06 अगस्त 2026* : ग्रामीण इलाकों में अक्सर सड़क दुर्घटनाओं के बाद पैसे के अभाव में घायलों का समय पर इलाज नहीं हो पाता था। अब इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने “पीएम राहत योजना” लागू की है। कलेक्टर कार्यालय रायगढ़ ने 31 जुलाई को जिले के सभी तहसीलदारों और थाना प्रभारियों को पत्र जारी कर इस योजना को गांव-गांव तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
*क्या है योजना*
भारत सरकार सड़क परिवहन मंत्रालय की अधिसूचना और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशों के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति को *हादसे के 7 दिनों के भीतर 1,50,000 रुपये तक का कैशलेस इलाज* दिया जाएगा।
इसका मकसद है कि दुर्घटना के बाद “पहले एक घंटे” यानी गोल्डन आवर में मरीज को बिना पैसा जमा कराए अस्पताल में भर्ती किया जा सके और जान बचाई जा सके।
*कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश*
डिप्टी कलेक्टर रायगढ़ द्वारा जारी पत्र क्रमांक 8056/हित एण्ड रन/2026 के अनुसार:
1. *तुरंत इलाज*: सड़क दुर्घटना होते ही घायल को नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर 7 दिन तक 1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार सुनिश्चित करें।
2. *प्रचार-प्रसार*: गांवों में पंचायतों, स्वास्थ्य केंद्रों और थानों के माध्यम से आम लोगों को इस योजना की जानकारी दें।
3. *रिपोर्टिंग*: इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी कलेक्टर कार्यालय को भेजें।
*किसे मिला है निर्देश*
यह पत्र जिले के सभी तहसीलदार, थाना जांच अधिकारी, CMHO, लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत CEO और अन्य संबंधित विभागों को भेजा गया है। साथ ही आम जनता तक जानकारी पहुंचाने के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशन करने को भी कहा गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां एंबुलेंस और अस्पताल देर से पहुंचते हैं, वहां यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। अब दुर्घटना के बाद पीड़ित परिवार को इलाज के लिए इधर-उधर पैसे जुटाने नहीं भटकना पड़ेगा।
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*रिपोर्ट: ग्रामीण भारत न्यूज, रायगढ़*





















