ग्रामीण भारत न्यूज़ – विशेष ग्राउंड रिपोर्ट
संवाददाता: अतुल अग्निहोत्री दिनांक: 3 अगस्त 2026 समय: शाम 6:27 बजे (IST)
केरल राज्य में इन दिनों भारी बारिश के कारण हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। आसमान से बरस रही इस आफत ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम के इस तल्ख मिजाज और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट मोड पर आते हुए लोगों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा है। इसी कड़ी में, आज 3 अगस्त को केरल के कई जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश की घोषणा कर दी गई है। यह कड़ा फैसला भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की उस चेतावनी के बाद लिया गया है, जिसमें आने वाले दिनों में और भी ज्यादा बारिश होने की आशंका जताई गई है।
इन जिलों में पूरी तरह से बंद रहेंगे शिक्षण संस्थान
प्रशासन ने बच्चों और युवाओं की सुरक्षा के साथ कोई भी समझौता न करते हुए लगभग सभी बड़े और प्रभावित जिलों में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का स्पष्ट फरमान जारी किया है।
- आज, 3 अगस्त को पलक्कड़, पथानामथिट्टा, कन्नूर, कोझिकोड, कासरगोड, वायनाड, मलप्पुरम, त्रिशूर, कोट्टायम और इडुक्की जिलों में पूर्ण अवकाश रहेगा।
- आदेश के तहत यह छुट्टी सिर्फ सरकारी स्कूलों या कॉलेजों तक ही सीमित नहीं है।
- इन सभी प्रभावित जिलों में सभी प्रोफेशनल कॉलेज, आंगनवाड़ी, मदरसे, ट्यूशन सेंटर और कोचिंग क्लासेस भी पूरी तरह से बंद रहेंगे।
राहत की बात: क्या खुला रहेगा और कहां मिलेगी छूट?
भले ही अधिकांश जिलों में शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं, लेकिन कुछ आवश्यक और पूर्व-निर्धारित शैक्षणिक गतिविधियों में छूट प्रदान की गई है:
- जो भी पब्लिक परीक्षाएं, यूनिवर्सिटी के एग्जाम या फिर इंटरव्यू पहले से तय थे, वे अपने निर्धारित समय पर ही आयोजित किए जाएंगे, उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- जिन स्कूलों या कॉलेजों में हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध है (रेजिडेंशियल स्कूल), वहां की पढ़ाई और कामकाज आम दिनों की तरह बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे।
अलाप्पुझा और कोझिकोड के लिए प्रशासन के विशेष निर्देश
बाकी जिलों की तुलना में अलाप्पुझा और कोझिकोड के लिए प्रशासन ने एक अलग और आंशिक रणनीति अपनाई है:
- अलाप्पुझा में पूरे जिले के लिए छुट्टी का ऐलान नहीं किया गया है, बल्कि यहां सिर्फ कुछ चुनिंदा इलाकों में आंशिक तौर पर छुट्टी दी गई है।
- अलाप्पुझा में यह छुट्टी सिर्फ चेंगन्नूर और कुट्टनाड तालुक के उन शिक्षण संस्थानों पर लागू होगी, जिन्हें मौजूदा समय में राहत शिविर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
- इन इलाकों में आने वाले आंगनवाड़ी और ट्यूशन सेंटर भी आज बंद रहेंगे, लेकिन तयशुदा परीक्षाएं यहां भी बिना किसी बदलाव के आयोजित की जाएंगी।
- वहीं दूसरी तरफ, कोझिकोड जिला प्रशासन ने स्कूल-कॉलेज की बिल्डिंग को बंद रखने का आदेश दिया है, लेकिन ऑनलाइन क्लासेज पर कोई पाबंदी नहीं लगाई है।
- कोझिकोड में बच्चे घर बैठे वर्चुअल तरीके से अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई का नुकसान भी नहीं होगा और वे सुरक्षित भी रहेंगे।
मौसम विभाग (IMD) का येलो अलर्ट और चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बारिश का यह खतरनाक सिलसिला आगे भी ऐसे ही जारी रहने की भविष्यवाणी की है।
- आज 3 अगस्त के लिए पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
- येलो अलर्ट का अर्थ है कि इन जगहों पर मौसम कभी भी और बिगड़ सकता है तथा भारी बारिश हो सकती है।
- इसके साथ ही, मौसम विभाग ने राज्य के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की भी सख्त चेतावनी जारी की है।
प्रशासन की आम जनता से अपील
जलभराव और प्राकृतिक आपदा के ऐसे नाजुक हालात में, जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है:
- प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक बहुत जरूरी ना हो, वे अपने घरों से बाहर न निकलें और किसी भी प्रकार का सफर करने से बचें।
- आम जनता को नदियों, नालों, झरनों, खदानों और उन सभी जगहों से दूर रहने की हिदायत दी गई है जहां पानी भरने का खतरा ज्यादा रहता है।
- जो लोग बाढ़ और भूस्खलन वाले संवेदनशील इलाकों के आस-पास निवास करते हैं, उन्हें स्थानीय अधिकारियों की हर बात मानने और पूरी तरह से अलर्ट रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- अभिभावकों से विशेष गुजारिश की गई है कि वे अपने बच्चों को घर के अंदर ही सुरक्षित रखें।
- मौसम से जुड़ी किसी भी ताजा जानकारी या अपडेट के लिए सिर्फ सरकारी और आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करने को कहा गया है।
(ग्रामीण भारत न्यूज़ पोर्टल के लिए अतुल अग्निहोत्री की विशेष कवरेज)





















