रायगढ़ / तमनार
ग्रामीण अंचलों में छोटी-छोटी बातों या अकारण पनपने वाले शक के चलते कैसे बड़े और खूनी संघर्ष जन्म ले लेते हैं, इसका एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाला उदाहरण रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र से सामने आया है। थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम महलोई में एक शंका ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि एक 64 वर्षीय बुजुर्ग ने गांव के ही एक 60 वर्षीय बुजुर्ग पर लोहे की कुल्हाड़ी (टंगिया) से ताबड़तोड़ और जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी वारदात ने पूरे गांव में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
‘ग्रामीण भारत न्यूज़’ की इस विस्तृत रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस पूरी घटना का सिलसिलेवार ब्यौरा और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की पूरी जानकारी।
क्या है विवाद की असली जड़? (शक की बुनियाद)
घटना की मुख्य वजह एक ऐसा शक था, जिसने आरोपी के सिर पर खून सवार कर दिया था।
- आरोपी की पहचान: ग्राम महलोई का निवासी दूजराम चौहान, जिसकी उम्र लगभग 64 वर्ष है।
- पीड़ित की पहचान: उसी गांव का निवासी 60 वर्षीय भागीरथी किशान।
- शक का कारण: आरोपी दूजराम चौहान के मन में पिछले कुछ दिनों से यह गहरा संदेह बैठ गया था कि उसकी लापता पत्नी को गांव के ही भागीरथी किशान ने कहीं भगा दिया है या इस कृत्य में उसकी कोई भूमिका है।
- पूर्व की तनातनी: इसी बेबुनियाद या शंकाग्रस्त बात को लेकर दूजराम चौहान पिछले दो-तीन दिनों से लगातार पीड़ित भागीरथी के साथ गाली-गलौज कर रहा था और दोनों के बीच विवाद गहराता जा रहा था।
खूनी वारदात: 31 जुलाई की वह खौफनाक शाम
यह तनातनी और मौखिक विवाद 31 जुलाई 2026 की शाम को एक जानलेवा हमले में तब्दील हो गया।
शाम के करीब 5:30 बज रहे थे। 60 वर्षीय बुजुर्ग भागीरथी किशान अपने घर के सामने वाली गली में शांति से खड़े हुए थे। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि मौत उनके इतने करीब आ चुकी है। तभी आरोपी दूजराम चौहान अपने हाथ में एक धारदार लोहे की कुल्हाड़ी (टंगिया) लेकर वहां आ धमका।
आते ही उसने अपनी पत्नी को भगाने का पुराना आरोप लगाते हुए भागीरथी को भद्दी और अश्लील गालियां देनी शुरू कर दीं। इससे पहले कि भागीरथी कुछ समझ पाते या अपना बचाव कर पाते, आरोपी ने “आज तुझे जान से मार दूंगा” की धमकी देते हुए अपने हाथ में रखी टंगिया से भागीरथी के सिर पर एक के बाद एक तीन-चार भीषण वार कर दिए।
हमला इतना जोरदार और जानलेवा था कि बुजुर्ग भागीरथी वहीं गली में लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद, खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर आरोपी दूजराम वहां से तुरंत फरार हो गया।
चिकित्सीय आपातकाल और रायपुर रेफरल
गली में खून से लथपथ गिरे भागीरथी को देखकर परिजनों और ग्रामीणों के होश उड़ गए।
- प्राथमिक उपचार: आनन-फानन में परिजनों द्वारा गंभीर रूप से घायल भागीरथी को पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), तमनार ले जाया गया।
- जिला अस्पताल: वहां उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल, रायगढ़ के लिए रेफर कर दिया।
- रायपुर के लिए रवानगी: रायगढ़ जिला अस्पताल पहुंचने पर भी सिर में लगी गहरी चोटों के कारण उनकी हालत में कोई खास सुधार नहीं दिखा। अंततः, स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डॉक्टरों ने बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए उन्हें राजधानी रायपुर के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया है। वर्तमान में पीड़ित की हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है और वे जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
तमनार पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई
जैसे ही तमनार पुलिस को अस्पताल के माध्यम से इस खूनी संघर्ष की सूचना मिली, प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।
- प्राथमिकी दर्ज (FIR): पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए घायल भागीरथी के पुत्र विनोद किशान की रिपोर्ट के आधार पर मामला संज्ञान में लिया।
- लगाई गई धाराएं: आरोपी दूजराम चौहान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं— धारा 296, 351(3), और 109(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
- छापेमारी और गिरफ्तारी: तमनार पुलिस की एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की धरपकड़ के लिए तत्काल दबिश दी गई। पुलिस की इस तत्परता का ही परिणाम था कि चंद घंटों के भीतर ही फरार आरोपी दूजराम चौहान को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया।
- हथियार की बरामदगी: पुलिसिया पूछताछ और आरोपी के मेमोरेंडम बयान के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वह खून से सनी लोहे की कुल्हाड़ी (टंगिया) भी बरामद कर जब्त कर ली है।
न्यायिक प्रक्रिया और आगे की राह
गिरफ्तारी और हथियार की जब्ती के बाद तमनार पुलिस ने आरोपी दूजराम चौहान को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
इस पूरी घटना ने महलोई गांव में एक सन्नाटा और भय का माहौल छोड़ दिया है। एक छोटी सी शंका ने न सिर्फ एक परिवार के बुजुर्ग को अस्पताल के बिस्तर पर मौत से लड़ने के लिए छोड़ दिया, बल्कि दूसरे परिवार के बुजुर्ग को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के बढ़ते अपराध इस बात की ओर इशारा करते हैं कि सामाजिक स्तर पर सहनशीलता और आपसी संवाद की कितनी भारी कमी आ गई है।
रिपोर्टिंग एवं संपादन: विनिता चौहान विशेष संवाददाता, ग्रामीण भारत न्यूज़





















