सुपरफूड माने जाने वाले मुनगा (मोरिंगा) में छिपा है पोषण का खजाना, विशेषज्ञ भी मानते हैं स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
स्वास्थ्य डेस्क| ग्रामीण भारत न्यूज दिनांक 01/08/2026
बरसात का मौसम जहां हरियाली और ठंडक लेकर आता है, वहीं सर्दी-खांसी, वायरल संक्रमण, पेट की समस्याएं और कमजोरी जैसी कई स्वास्थ्य चुनौतियां भी साथ लाता है। ऐसे मौसम में सहजन (मुनगा/मोरिंगा) का सेवन शरीर के लिए किसी प्राकृतिक औषधि से कम नहीं माना जाता। पोषक तत्वों से भरपूर यह पौधा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाव में मददगार साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार सहजन की पत्तियां, फली, फूल और बीज सभी स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर होते हैं। यही कारण है कि इसे दुनिया भर में “सुपरफूड” के नाम से जाना जाता है।
बरसात में सहजन खाने के प्रमुख लाभ
1. बढ़ाता है रोग प्रतिरोधक क्षमता
सहजन में विटामिन A, C और E प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी मजबूत कर संक्रमणों से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं।
2. सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण से बचाव
बरसात में होने वाले मौसमी संक्रमण, गले की खराश और खांसी जैसी समस्याओं में सहजन का सेवन लाभकारी माना जाता है।
3. पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त
फाइबर से भरपूर सहजन कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है तथा पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।
4. शुगर और BP नियंत्रण में सहायक
कई अध्ययनों में पाया गया है कि सहजन रक्त शर्करा और रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। हालांकि इसके लिए चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है।
5. खून की कमी दूर करने में मददगार
सहजन की पत्तियों में आयरन की अच्छी मात्रा होती है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक हो सकती है।
6. जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत
इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन कम करने और जोड़ों के दर्द में राहत देने में मदद कर सकते हैं।
7. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद
सहजन कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने में सहायक माना जाता है, जिससे हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिल सकता है।
8. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी
सहजन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ रखने और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
सहजन में पाए जाते हैं ये महत्वपूर्ण पोषक तत्व
– आयरन
– कैल्शियम
– प्रोटीन
– विटामिन A
– विटामिन C
– विटामिन E
– पोटैशियम
– मैग्नीशियम
– फाइबर
कैसे करें सेवन?
– सहजन की फली की सब्जी या दाल बनाकर
– पत्तों की भाजी के रूप में
– पत्तियों का पाउडर भोजन में मिलाकर
– पत्तियों की हर्बल चाय बनाकर
विशेष सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार सहजन का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को इसकी जड़ और छाल का उपयोग चिकित्सकीय सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।
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फोटो कैप्शन
“सहजन (मुनगा/मोरिंगा) का पौधा — बरसात के मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करने वाला प्राकृतिक सुपरफूड।”
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क्या आप जानते हैं?
ग्रामीण क्षेत्रों में सहजन को “गरीबों का मल्टीविटामिन” कहा जाता है, क्योंकि यह कम लागत में शरीर को कई आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है।
संवाददाता विनोद कुमार
ग्रामीण भारत न्यूज रायगढ़ (छ.ग.)





















