ग्रामीण भारत न्यूज
संवाददाता: विनोद चौहान
सक्ती, 29 जुलाई 2026।
प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध दमाऊधारा जलप्रपात एक बार फिर दर्दनाक हादसे का गवाह बना। दुर्ग निवासी 20 वर्षीय प्रतीक कंवर की झरने के तेज बहाव में बहकर मौत हो गई। करीब 24 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद SDRF और DDRF की टीम ने बुधवार को उसका शव गहरे कुंड से बरामद किया।
दोस्तों के सामने मौत के मुंह में समा गया प्रतीक
दुर्ग-भिलाई से आए छह दोस्तों का यह पर्यटन दौरा कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। सभी युवक पहले रैनखोल घूमने पहुंचे और फिर मंगलवार सुबह दमाऊधारा जलप्रपात का नजारा देखने आए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चार दोस्त झरने के ऊपरी हिस्से में नहा रहे थे। तभी काई जमे फिसलन भरे पत्थरों पर प्रतीक का पैर फिसल गया। वह सीधे तेज बहाव में जा गिरा और कुछ ही सेकंड में गहरे पानी में गायब हो गया। दोस्तों ने बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन उफनती धारा के आगे उनकी एक न चली।
रातभर चला तलाश अभियान, सुबह मिला शव
घटना की सूचना मिलते ही नगरदा पुलिस, SDRF और DDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। पूरे दिन चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद युवक का कोई पता नहीं चल पाया। अंधेरा और खतरनाक जलधारा के कारण रात में अभियान रोकना पड़ा।
बुधवार सुबह फिर शुरू हुए अभियान में गोताखोरों ने गहरे कुंड और चट्टानों के बीच खोजबीन की। घंटों की मशक्कत के बाद प्रतीक का शव बरामद किया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पर्यटकों के लिए बड़ी चेतावनी
दमाऊधारा और अन्य जलप्रपातों पर आने वाले पर्यटक अक्सर रोमांच के चक्कर में खतरे को नजरअंदाज कर देते हैं। काई जमे पत्थर, गहरे कुंड और तेज बहाव किसी भी क्षण जानलेवा साबित हो सकते हैं।
याद रखें:
❌ फिसलन वाले पत्थरों पर न चढ़ें।
❌ झरने के ऊपरी हिस्से में नहाने या सेल्फी लेने का जोखिम न लें।
❌ चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी न करें।
❌ बच्चों और युवाओं को अकेले पानी के पास न जाने दें।
⚠️ एक छोटी सी लापरवाही आपके परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन सकती है।
ग्रामीण भारत न्यूज सभी पर्यटकों से अपील करता है कि प्राकृतिक स्थलों की सुंदरता का आनंद लें, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए अपनी और अपने परिवार की जिंदगी को सुरक्षित रखें।
रिपोर्टर:– विनोद चौहान




















