*घरघोड़ा* प्रकृति का कहर और प्रशासन की लापरवाही। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने घरघोड़ा विकासखंड के लोगों की नाक में दम कर दिया है।
घरघोड़ा को *छर्राटांगर और डोकरबुड़ा* से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह से पानी में डूब गया है। पुल के ऊपर से नदी का पानी बह रहा है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
*शाम 8 बजे तक फंसे रहे लोग, मची अफरा-तफरी*
कल *27 जुलाई 2026* को शाम 8 बजे तक भी पानी कम होने का नाम नहीं ले रहा था। इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों *ग्रामीण, किसान, मजदूर और स्कूली बच्चे* घरघोड़ा आते-जाते हैं।
पानी बढ़ने से कई लोग बीच रास्ते में ही फंस गए। किसी का जरूरी काम रुक गया, तो किसी को अस्पताल पहुंचने में दिक्कत हुई। लोग छाता लेकर, कपड़े ऊपर कर और जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करते दिखे।
*राबो डेम का गेट खुलने के बाद सांस में सांस*
स्थिति को देखते हुए देर शाम प्रशासन हरकत में आया और *राबो डेम का गेट खुलवाया गया*। गेट खोलने के बाद ही पानी का दबाव थोड़ा कम हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली।
लेकिन सवाल अब भी वही है – आखिर कब तक हर साल डेम का गेट खोलकर लीपापोती की जाएगी?
*–:विशेष जानकारी:–*
मौसम विभाग ने अगले 2 दिन और बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में प्रशासन को अभी से अलर्ट रहना होगा।
*रिपोर्ट: विनोद चौहान*





















