*तारीख: 22 जुलाई 2025, बुधवार*
*स्थान: सकरी थाना क्षेत्र, बिलासपुर, छत्तीसगढ़*
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में गुरु-चेला की मान्यता और वर्चस्व को लेकर हुए विवाद ने एक और खूनी मोड़ ले लिया है। सोमवार 20 जुलाई 2025 की रात शराब पार्टी के दौरान ‘मैं गुरु, तुम चेला’ कहने पर दो किन्नरों के बीच जमकर मारपीट हुई। गुस्से में आए एक साथी ने दूसरे किन्नर की पहले पिटाई की और फिर गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को धान के खेत में फेंककर आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक की पहचान मोपका चिल्हाटी निवासी किन्नर *तनु खान* के रूप में हुई है। वहीं हत्या के आरोप में *रिया उर्फ राकेश उम्र 24 वर्ष* को सकरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में रिया के साथी मीरा और मुंडो से भी पूछताछ जारी है।
### *क्या हुआ था उस रात*
पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई 2025 की रात तनु खान मोपका से घूमने निकली थी। रास्ते में उसकी मुलाकात किन्नर रिया, मीरा, मुंडो और कुछ अन्य साथियों से हुई। सभी ने तनु को शराब पार्टी के बहाने अपने साथ ले लिया और देर रात सकरी थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे के पास एक सुनसान जगह पर बैठ गए।
शराब के दौर के बीच बातचीत के दौरान रिया ने तनु से कहा कि “तुम मुझे अपना गुरु बनाओ, नहीं तो मैं तुम्हें मांगकर खाने नहीं दूंगी।” इस पर तनु ने साफ इनकार कर दिया। तनु का कहना था कि “न मेरा कोई गुरु है और न मैं किसी का चेला हूं। मैं अपने तरीके से रहूंगी।”
बस इसी बात पर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। रिया और उसके साथियों ने तनु की जमकर पिटाई की। जब तनु बेहोश सी हो गई तो रिया ने गुस्से में आकर उसका गला घोंट दिया। मौके पर ही तनु की मौत हो गई।
हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने तनु के शव को उठाकर जोंकी गांव के पास एक धान के खेत में फेंक दिया और वहां से भाग निकले।
### *सुबह खेत में मिला शव, खुला राज*
21 जुलाई 2025 की सुबह जब जोंकी गांव के किसान खेत में काम करने पहुंचे तो उन्होंने धान के पानी में एक शव पड़ा देखा। ग्रामीणों ने तुरंत सकरी थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त तनु खान के रूप में की। तनु रात भर घर नहीं लौटी थी, इसलिए परिजन भी उसकी तलाश कर रहे थे।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बिलासपुर सिम्स भेजा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटना और सिर व शरीर पर गंभीर चोटें आना बताया गया।
पुलिस ने तुरंत आसपास के सीसीटीवी और तनु के मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आखिरी बार तनु रिया, मीरा और मुंडो के साथ देखी गई थी। पुलिस ने दबिश देकर मुख्य आरोपी रिया उर्फ राकेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रिया ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
### *गुरु-चेला प्रथा बनी विवाद की जड़*
किन्नर समाज में गुरु-चेला की परंपरा दशकों से चली आ रही है। इसके तहत एक वरिष्ठ किन्नर गुरु बनता है और नए किन्नर को चेला बनाया जाता है। गुरु की जिम्मेदारी होती है कि वह चेले को समाज में जगह दिलाए, उसे काम सिखाए और उसकी सुरक्षा करे। बदले में चेला गुरु को सालाना करीब 10 हजार रुपए और हर महीने 2 हजार रुपए देता है। ट्रेनों में वसूली, शादी-ब्याह और अन्य मांगों से होने वाली कमाई में भी गुरु का हिस्सा तय होता है।
पुलिस का कहना है कि इसी प्रथा और क्षेत्र के बंटवारे को लेकर तनु और रिया के बीच विवाद हुआ। रिया चाहती थी कि तनु उसके अधीन रहे और उसे गुरु माने। लेकिन तनु स्वतंत्र रहना चाहती थी। इसी बात को लेकर दोनों में पहले भी कहासुनी हो चुकी थी।
### *बिलासपुर में किन्नरों के दो गुटों में पुरानी रंजिश*
बिलासपुर में पिछले कई सालों से किन्नरों के दो बड़े गुट सक्रिय हैं – *राजा गैंग* और *रजिया गैंग*। दोनों गुटों के बीच ट्रेनों में वसूली और शहर के इलाकों के बंटवारे को लेकर अक्सर झगड़े होते रहते हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तनु और रिया दोनों एक ही गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं, लेकिन अंदरूनी वर्चस्व को लेकर उनके बीच तनाव था। कुछ महीने पहले भी इसी तरह के विवाद में एक किन्नर की पिटाई हुई थी, जिसकी शिकायत पुलिस में हुई थी। लेकिन तब मामला सुलझ गया था। इस बार बात हत्या तक पहुंच गई।
सकरी थाना प्रभारी ने बताया कि रिया के अलावा अन्य साथियों मीरा और मुंडो से भी पूछताछ की जा रही है। शव को ठिकाने लगाने में उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया है।
### *घटना के बाद इलाके में तनाव*
तनु की हत्या की खबर फैलते ही किन्नर समाज में आक्रोश है। मंगलवार को कुछ किन्नर सकरी थाने पहुंचे और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि कोई और विवाद न हो।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी गुरु-चेला प्रथा को लेकर बहस छिड़ गई है। कई लोगों का कहना है कि इस तरह की जबरदस्ती की प्रथा को अब खत्म होना चाहिए। वहीं किन्नर समाज के कुछ लोग मानते हैं कि गुरु-चेला व्यवस्था उनके समाज की पहचान है और इसे सम्मान मिलना चाहिए।
### *पुलिस की आगे की कार्रवाई*
सकरी पुलिस ने बताया कि मामले की जांच कई बिंदुओं पर हो रही है:
1. हत्या में शामिल अन्य लोगों की पहचान
2. शव को ठिकाने लगाने में किस-किस की भूमिका थी
3. क्या इस हत्या के पीछे गैंग का कोई बड़ा विवाद है
4. पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही कोर्ट में चालान पेश किया जाएगा। रिया को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
### *पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं*
बिलासपुर में किन्नरों से जुड़े विवाद कोई नए नहीं हैं। कुछ दिन पहले ही एक ट्रेन में किन्नरों द्वारा यात्रियों से जबरन वसूली और अश्लील हरकत करने का वीडियो वायरल हुआ था। उस वीडियो में कुछ किन्नर ट्रेन में कपड़े उतारकर डांस करते नजर आए थे। यात्रियों ने शिकायत की थी कि पैसे न देने पर उनके साथ बदसलूकी की जाती है।
उस मामले में भी राजा और रजिया गैंग आमने-सामने आ गए थे। थाने में भी दोनों पक्षों के बीच हंगामा हुआ था। पुलिस ने तब दोनों गुटों को समझाइश दी थी, लेकिन जमीन और वसूली का विवाद फिर सिर उठा रहा है।
### *समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी*
किन्नर समुदाय समाज का एक हिस्सा है। उन्हें भी सम्मान और सुरक्षा का अधिकार है। लेकिन इस तरह की हिंसक घटनाएं उनके लिए भी खतरा बन रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि किन्नरों को रोजगार, शिक्षा और मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि उन्हें वसूली और गुरु-चेला की मजबूरी पर निर्भर न रहना पड़े।
वहीं पुलिस प्रशासन ने कहा है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ट्रेनों और सार्वजनिक जगहों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। जो भी जबरन वसूली या मारपीट करेगा उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
### *निष्कर्ष*
20 जुलाई की रात बिलासपुर में जो हुआ उसने एक बार फिर दिखा दिया कि छोटा सा अहंकार और वर्चस्व की लड़ाई कितनी बड़ी बन सकती है। ‘मैं गुरु, तुम चेला’ का एक वाक्य एक जिंदगी ले गया। तनु खान अब नहीं रही, लेकिन उसके साथ पूरा किन्नर समाज सवालों के घेरे में है।
पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है, लेकिन असली सवाल ये है कि क्या इस घटना के बाद किन्नर समाज अपने अंदर चल रही इस वर्चस्व की लड़ाई को खत्म करेगा? क्या प्रशासन ट्रेनों और इलाकों में वसूली पर रोक लगा पाएगा?
फिलहाल सकरी थाना इस मामले की जांच कर रहा है और बिलासपुर की जनता इस वारदात से सहमी हुई है।
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*रिपोर्ट: ग्रामीण भारत न्यूज, बिलासपुर ब्यूरो*
*संपर्क: graminbharatnews77@gmail.com*
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