H2: क्या है पूरा मामला
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी CCPA ने देशभर के 41 बड़े रेस्तरां और होटलों के खिलाफ एक्शन ले लिया है। वजह: बिल में ग्राहक की मर्जी के बिना पहले से ही Service Charge जोड़ देना।
उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने 19 जुलाई 2026 को PIB के जरिए ये जानकारी दी। CCPA ने ये कार्रवाई National Consumer Helpline NCH पर आई शिकायतों के आधार पर की है।
शिकायत के साथ जो बिल भेजे गए थे उनमें साफ दिख रहा था कि होटल ने खाने के बिल में पहले से ही Service Charge जोड़ दिया था। ग्राहक से पूछा तक नहीं गया।
CCPA का कहना है कि ये सीधे-सीधे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 2(47) के तहत “अनुचित व्यापार व्यवहार” की कैटेगरी में आता है।
H2: दिल्ली हाईकोर्ट ने भी लगाया था मुहर
इस मामले को लेकर नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया बनाम भारत संघ का केस दिल्ली हाईकोर्ट में चला था।
28 मार्च 2025 को कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा था कि CCPA के Service Charge वाले दिशा-निर्देश पूरी तरह कानूनी हैं। कोर्ट ने साफ किया कि रेस्तरां Service Charge को अनिवार्य नहीं कर सकते। ये नियम सभी रेस्तरां पर लागू होंगे और CCPA इन्हें लागू कराने के लिए स्वतंत्र है।
मतलब अब कोई रेस्तरां ये बहाना नहीं बना सकता कि “हम तो पहले से ले रहे हैं”।
H2: CCPA के 5 बड़े नियम जो हर रेस्तरां को मानने होंगे
4 जुलाई 2022 को CCPA ने होटल और रेस्तरां के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। उनके मुख्य पॉइंट ये हैं:
1. *ऑटोमैटिक चार्ज बैन*: कोई भी होटल या रेस्तरां बिल में Service Charge अपने आप नहीं जोड़ेगा।
2. *दूसरे नाम से वसूली नहीं*: Service Charge को किसी और नाम से भी नहीं वसूला जा सकता।
3. *पूरी तरह स्वैच्छिक*: रेस्तरां ग्राहक को बताएगा कि Service Charge देना वैकल्पिक है। ये आपकी मर्जी पर है। कोई दबाव नहीं बना सकता।
4. *ना देने पर रोक नहीं*: अगर आप Service Charge नहीं देते तो रेस्तरां आपको अंदर आने से या सेवा देने से मना नहीं कर सकता।
5. *GST नहीं लगेगा*: Service Charge को खाने के बिल का हिस्सा नहीं माना जाएगा। इसलिए इस पर GST भी नहीं लगेगा।
H2: किस-किस रेस्तरां पर हुई कार्रवाई
CCPA ने कई जगह फाइन भी लगाया है और नोटिस भी भेजे हैं।
Bold: चायोज़ Sunshine Teahouse Pvt Ltd
चायोज़ के खिलाफ फाइनल ऑर्डर आ चुका है। CCPA ने 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ में ग्राहक से लिया गया Service Charge वापस करने का आदेश भी दिया। कंपनी को अपने सारे आउटलेट्स की बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव करने को कहा गया है ताकि बिल में Service Charge अपने आप न जुड़े।
Bold: बाकी रेस्तरां जिन पर एक्शन हुआ
1. कैफे ब्लू बॉटल, पटना
2. चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड
3. फिएस्टा बारबेक्यू नेशन – Barbeque Nation Hospitality Pvt Ltd
4. फू अहमदाबाद रेस्टोरेंट – Pebble Street Hospitality Pvt Ltd
5. L’Opera French Bakery Pvt Ltd
6. Zorro – The Luxury Night Club – Rudra Hospitality Pvt Ltd
CCPA ने बताया कि बाकी रेस्तरां के खिलाफ भी जांच पूरी हो चुकी है और आगे कार्रवाई की जाएगी।
H2: अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ तो क्या करें
CCPA ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कोई रेस्तरां आपके बिल में बिना पूछे Service Charge जोड़ दे तो तुरंत शिकायत करें।
शिकायत करने के 2 तरीके:
1. *टोल फ्री नंबर 1915* पर कॉल करें
2. *National Consumer Helpline NCH* के पोर्टल या ऐप पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं
CCPA ने कहा कि वो Service Charge से जुड़ी शिकायतों पर लगातार नजर रख रहा है। नियम तोड़ने वाले रेस्तरां पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
H2: ग्रामीण भारत के लिए इसका मतलब क्या है
छोटे शहर और गांव में भी अब बड़े ब्रांड के रेस्तरां, कैफे और ढाबे खुल गए हैं। बहुत बार बिल में 10% Service Charge अपने आप जुड़ जाता है।
इस फैसले के बाद अब:
1. *ग्राहक मजबूत हुआ*: आप बिल चेक कर सकते हैं। अगर Service Charge जुड़ा है तो मना कर सकते हैं।
2. *पारदर्शिता बढ़ेगी*: रेस्तरां को बोर्ड या मेन्यू पर लिखना होगा कि Service Charge वैकल्पिक है।
3. *जुर्माने का डर*: 50 हजार तक का फाइन हो सकता है। इसलिए रेस्तरां अब गलती नहीं करेंगे।
H2: एक्सपर्ट की राय
उपभोक्ता कानून के जानकारों का कहना है कि ये फैसला “Azadi ka Amrit Mahotsav” के तहत उपभोक्ता को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
पहले लोग सोचते थे कि Service Charge देना जरूरी है। अब कानून साफ है। देना है तो दो, नहीं देना है तो कोई जबरदस्ती नहीं।
H2: निष्कर्ष
संक्षेप में: अब रेस्तरां में खाना खाने के बाद बिल में जो Service Charge लिखा आए, उसे देने से पहले आप पूछ सकते हैं।
अगर रेस्तरां जबरदस्ती करे तो 1915 पर शिकायत करो। CCPA एक्शन लेगा।
सरकार का मकसद साफ है – होटल इंडस्ट्री में फेयर और ट्रांसपेरेंट बिजनेस हो। ग्राहक का हक मारा न जाए।
इसलिए अगली बार जब भी बाहर खाना खाने जाएं तो बिल जरूर चेक करें।
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