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रिपोर्ट – विनोद चौहान
प्राप्त स्रोत रेल मंडल बिलासपुर जोन
दिनांक 21/07/2026
छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों के लिए जरूरी सूचना है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में 23 और 24 जुलाई 2026 को भाटापारा और हथबंद स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन पर ऑटो सिग्नलिंग का काम होना है। इस काम की वजह से रायपुर-बिलासपुर, रायपुर-कोरबा और रायपुर-झारसुगुड़ा रूट पर चलने वाली कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया है। कुछ ट्रेनों का रूट भी छोटा किया गया है।
रेलवे के इस फैसले से रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी होगी। खासकर नौकरी, स्कूल और इलाज के लिए रायपुर-बिलासपुर जाने वाले लोगों को वैकल्पिक साधन तलाशने होंगे। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि सफर शुरू करने से पहले टाइम टेबल जरूर चेक कर लें।
*क्यों हो रहा है ये काम*
रायपुर रेल मंडल के सीनियर PRI शिव प्रसाद ने बताया कि भाटापारा-हथबंद सेक्शन में तीसरी लाइन पर ऑटो सिग्नलिंग कमीशनिंग के लिए NI यानी Non Interlocking का काम किया जाएगा। ऑटो सिग्नलिंग लगने से इस रूट पर ट्रेनों की गति और सुरक्षा दोनों बढ़ेगी। अभी इस सेक्शन में मैनुअल सिग्नल है जिसकी वजह से ट्रेनों को रुक-रुक कर चलना पड़ता है।
रेलवे का कहना है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना जरूरी है। इसी योजना के तहत तीसरी लाइन और ऑटो सिग्नल का काम किया जा रहा है। काम 23 जुलाई सुबह से शुरू होकर 24 जुलाई रात तक चलेगा।
*कौन-कौन सी ट्रेनें रहेंगी रद्द*
23 जुलाई 2026 को रद्द रहने वाली ट्रेनें:
1. गाड़ी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर
2. गाड़ी संख्या 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर
3. गाड़ी संख्या 68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर
4. गाड़ी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर
5. गाड़ी संख्या 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर
6. गाड़ी संख्या 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर
7. गाड़ी संख्या 68746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर
24 जुलाई 2026 को रद्द रहने वाली ट्रेन:
1. गाड़ी संख्या 68745 कोरबा-रायपुर मेमू पैसेंजर
*रूट छोटा होने वाली ट्रेन*
23 जुलाई 2026 को झारसुगुड़ा और गोंदिया से चलने वाली गाड़ी संख्या 68862 और 68861 झारसुगुड़ा-गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन पर ही समाप्त और शुरू होगी। यानी ये ट्रेन बिलासपुर से आगे गोंदिया तक नहीं जाएगी। बिलासपुर-गोंदिया-बिलासपुर के बीच ये ट्रेन पूरी तरह रद्द रहेगी।
इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को बिलासपुर में उतरकर दूसरी ट्रेन या बस लेनी होगी।
*किन यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी*
1. *रायपुर-बिलासपुर ऑफिस वाले:* इस रूट पर हर दिन 5000 से ज्यादा लोग नौकरी के लिए आते-जाते हैं। मेमू रद्द होने से उन्हें बस या निजी वाहन लेना पड़ेगा। किराया भी 3 गुना बढ़ जाएगा।
2. *कोरबा के मजदूर:* कोरबा से रायपुर इलाज और सामान खरीदने आने वाले लोग 58203 और 58204 पर निर्भर हैं। ये दोनों ट्रेन रद्द हैं।
3. *गेवरा रोड के छात्र:* बिलासपुर और रायपुर में पढ़ाई करने वाले छात्र इसी मेमू से आते हैं। परीक्षा के समय ये उनके लिए परेशानी बन सकता है।
4. *झारसुगुड़ा-गोंदिया वाले:* इस रूट पर माल और यात्री दोनों का दबाव रहता है। ट्रेन छोटी होने से सामान वाले व्यापारियों को नुकसान होगा।
*रेलवे ने क्या वैकल्पिक व्यवस्था की*
रेलवे ने अभी तक कोई स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा नहीं की है। लेकिन स्टेशन मास्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को पूरी जानकारी दें। टिकट काउंटर पर नोटिस चिपका दिया गया है। IRCTC की वेबसाइट और 139 पर भी जानकारी मिल जाएगी।
यात्रियों से कहा गया है कि अगर उनका टिकट कंफर्म है और ट्रेन रद्द हो गई है तो वे पूरा रिफंड ले सकते हैं। इसके लिए 72 घंटे के अंदर TDR फाइल करना होगा।
*स्टेशनों पर क्या इंतजाम*
रायपुर, बिलासपुर, भाटापारा और कोरबा स्टेशन पर अतिरिक्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अनाउंसमेंट के जरिए यात्रियों को बार-बार सूचित किया जाएगा। RPF और GRP को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि भीड़ में किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
*पिछले महीने भी हुआ था काम*
ये पहली बार नहीं है। पिछले महीने भी भाटापारा सेक्शन में ट्रैक मेंटेनेंस की वजह से 3 दिन ट्रेनें प्रभावित हुई थीं। रेलवे का कहना है कि मानसून से पहले सारे काम निपटा लिए जाएं ताकि बरसात में दिक्कत न हो।
*यात्रियों की प्रतिक्रिया*
रायपुर स्टेशन पर मिले यात्री राजेश वर्मा ने कहा कि सुबह 7 बजे वाली मेमू से रोज बिलासपुर जाता हूं। अब 2 दिन बस से जाना पड़ेगा। 80 रुपये का सफर 250 में पड़ेगा।
कोरबा की महिला यात्री सुमन बाई ने बताया कि रायपुर में डॉक्टर को दिखाना था। अब ट्रेन नहीं है तो तारीख आगे बढ़ानी पड़ेगी।
*रेलवे की आगे की योजना*
रेलवे अधिकारियों के अनुसार भाटापारा-हथबंद में ऑटो सिग्नलिंग का काम पूरा होने के बाद इस सेक्शन में ट्रेनों की स्पीड 100 किमी प्रति घंटा हो जाएगी। अभी 75 किमी की स्पीड है। इससे रायपुर से बिलासपुर का सफर 30 मिनट कम हो जाएगा।
आने वाले 6 महीने में रायपुर मंडल में 200 किमी और तीसरी लाइन बिछाने का टारगेट है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से ब्लॉक लिया जाएगा।
*यात्रियों के लिए 5 जरूरी सलाह*
1. सफर से पहले 139 पर कॉल करके या IRCTC ऐप पर ट्रेन की स्थिति जरूर चेक करें।
2. अगर जरूरी काम है तो एक दिन पहले निकलें या बस का विकल्प रखें।
3. स्टेशन पर अफवाहों पर ध्यान न दें। सिर्फ रेलवे की आधिकारिक घोषणा मानें।
4. टिकट रद्द कराना हो तो काउंटर या ऑनलाइन 72 घंटे में करें।
5. सामान लेकर चलने वाले यात्री स्टेशन पर 1 घंटा पहले पहुंचें।
*छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क का महत्व*
छत्तीसगढ़ में रेल सबसे सस्ता और तेज साधन है। राज्य में कोयला, सीमेंट और स्टील का सबसे बड़ा परिवहन रेल से ही होता है। रायपुर-बिलासपुर सेक्शन देश के सबसे व्यस्त रूटों में से एक है। रोज 120 से ज्यादा ट्रेनें यहां से गुजरती हैं।
इसलिए जब भी यहां काम होता है तो पूरे राज्य पर असर पड़ता है। रेलवे का कहना है कि थोड़ी परेशानी के बाद यात्रियों को लंबी सुविधा मिलेगी।
*बारिश में रेल संचालन की चुनौती*
23 जुलाई से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट भी है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऐसे में रेलवे को ट्रैक पर पानी भरने और पेड़ गिरने का भी डर है। अधिकारियों ने सभी सेक्शन में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है।
*निष्कर्ष*
23 और 24 जुलाई को छत्तीसगढ़ में रेल सफर करने वालों को दिक्कत होगी। 8 ट्रेनें रद्द और 1 ट्रेन का रूट छोटा रहेगा। ये सब भाटापारा-हथबंद में ऑटो सिग्नलिंग के काम की वजह से हो रहा है। रेलवे का कहना है कि ये काम यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए जरूरी है।
ग्रामीण भारत न्यूज यात्रियों से अपील करता है कि वे धैर्य रखें और रेलवे द्वारा दी गई जानकारी का पालन करें। हम आगे भी आपको रेल और सड़क से जुड़ी हर अपडेट देते रहेंगे।
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