GB NEWS-रिपोर्ट- विनोद चौहान
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए मौसम विभाग ने एक बार फिर अलर्ट जारी किया है। अगले 72 घंटों तक दोनों राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल और रायपुर के संयुक्त पूर्वानुमान के अनुसार 21 जुलाई से 25 जुलाई तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने उज्जैन, सागर, रायसेन, रतलाम, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और बस्तर सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इस बार का मानसून किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों लेकर आया है। जहां एक तरफ लंबे इंतजार के बाद बारिश से खेतों को पानी मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ तेज हवा और भारी बारिश से फसलों और कच्चे मकानों को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
*मध्य प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम*
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार मध्य प्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से में अगले तीन से चार दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। 23 से 25 जुलाई के बीच भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, रीवा, सतना, रायसेन, विदिशा, सीहोर, देवास, रतलाम, मंदसौर और नीमच में अच्छी बारिश के आसार हैं। इनमें से 4 से 5 जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है।
भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में औसतन 10.5 इंच यानी 261.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। जबकि सामान्य तौर पर इस समय तक 13 इंच यानी 311.8 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अभी भी 16 प्रतिशत कम बारिश है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में स्थिति और गंभीर है। वहां सामान्य से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। ऐसे में यह बारिश किसानों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। धान, सोयाबीन और मक्का की फसल के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में उज्जैन, सागर, रायसेन और रतलाम में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों में उफान और बिजली के खंभे गिरने की संभावना को देखते हुए आपदा प्रबंधन दल को तैयार रहने को कहा गया है।
*छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना*
छत्तीसगढ़ में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। मौसम विभाग रायपुर के अनुसार अगले एक सप्ताह तक उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर में भारी बारिश हो सकती है। राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बस्तर, कांकेर और कोंडागांव में भी गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
मंगलवार को रायपुर में हुई तेज बारिश ने ही संकेत दे दिए थे कि आने वाले दिन गीले रहेंगे। अगले तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर 50 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।
छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग का कहना है कि इस बारिश से धान की रोपाई को गति मिलेगी। लेकिन लगातार बारिश से दलहनी और तिलहनी फसलों में फफूंद का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जल निकासी का उचित प्रबंध रखें।
*बारिश कम होने से क्या असर पड़ा*
इस साल जून के महीने में मानसून की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। इसकी वजह से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों में बुवाई लेट हुई। अब जुलाई के तीसरे सप्ताह में मानसून ने रफ्तार पकड़ी है। मौसम विभाग का मानना है कि बंगाल की खाड़ी में बन रहा एक कम दबाव का क्षेत्र और मानसूनी ट्रफ के सक्रिय होने से बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी।
अगर आंकड़ों की बात करें तो भोपाल में अब तक 280 मिलीमीटर, इंदौर में 240 मिलीमीटर, जबलपुर में 210 मिलीमीटर और ग्वालियर में 190 मिलीमीटर बारिश हुई है। वहीं छत्तीसगढ़ में रायपुर में 320 मिलीमीटर, बिलासपुर में 290 मिलीमीटर और जगदलपुर में 350 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह आंकड़ा सामान्य से कम है लेकिन आने वाले दिनों में इसकी भरपाई होने की उम्मीद है।
*प्रशासन और आम जनता के लिए जरूरी सलाह*
मौसम विभाग और राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पहला, ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। खासकर शाम और रात के समय तेज हवा के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
दूसरा, किसानों को सलाह है कि कटी हुई फसल को खुले में न रखें। पक्के गोदाम में सुरक्षित रखें। बिजली के उपकरणों को बंद कर दें।
तीसरा, नदी और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को प्रशासन के संपर्क में रहने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में 1077 या 1079 पर कॉल किया जा सकता है।
चौथा, दोपहिया वाहन चालकों से अनुरोध है कि बारिश के दौरान धीमी गति से चलें और हेलमेट का उपयोग करें।
*आगे कैसा रहेगा मौसम*
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 26 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है। लेकिन महीने के अंत तक एक और सिस्टम बनने के आसार हैं जिससे अगस्त के पहले सप्ताह में फिर से अच्छी बारिश हो सकती है।
कुल मिलाकर अगले 10 दिनों तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून मेहरबान रहने वाला है। इससे जलाशयों में पानी की आवक बढ़ेगी और पीने के पानी की समस्या में भी राहत मिलेगी।
*किसानों के लिए विशेष जानकारी*
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए बहुत फायदेमंद है। धान के खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी। सोयाबीन में फूल आने का समय है, ऐसे में हल्की बारिश उपज बढ़ाएगी। लेकिन लगातार 3-4 दिन से ज्यादा बारिश हुई तो जलभराव से जड़ें गलने का खतरा हो सकता है। इसलिए खेतों में नालियां बनाकर अतिरिक्त पानी निकालते रहें।
पशुपालकों को भी सलाह दी गई है कि वे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और चारे को भीगने से बचाएं।
*शहरों में क्या स्थिति रहेगी*
भोपाल, इंदौर, रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में बारिश के कारण ट्रैफिक धीमा हो सकता है। निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना है। नगर निगम ने पंप और कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा है। स्कूलों में अभी छुट्टी की घोषणा नहीं की गई है लेकिन अभिभावकों से कहा गया है कि वे बच्चों को मौसम देखकर ही भेजें।
*निष्कर्ष*
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मानसून ने आखिरकार जोर पकड़ लिया है। 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवा और भारी बारिश का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। यह बारिश जहां किसानों के चेहरे पर खुशी लाएगी वहीं प्रशासन के लिए भी चुनौती लेकर आएगी। ग्रामीण भारत न्यूज अपने पाठकों से अपील करता है कि वे मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखें और सभी जरूरी सावधानियां बरतें।
हम आगे भी मौसम और कृषि से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचाते रहेंगे।





















