*ग्रामीण भारत न्यूज | ब्यूरो रिपोर्ट | नई दिल्ली | प्रविष्टि तिथि: 20 JUL 2026 11:11AM*
*स्रोत: प्रधानमंत्री कार्यालय, PIB Delhi | Azadi Ka Amrit Mahotsav*
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संसद के मानसून सत्र 2026 की शुरुआत देश के लिए गर्व और संकल्प के साथ हुई। प्रधानमंत्री *नरेंद्र मोदी* ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह मानसून खेतों को नई ऊर्जा देता है, उसी तरह संसद का ये सत्र भी देश को नई गति देगा।
PM मोदी ने अपने संबोधन में अंतरिक्ष से लेकर सेमीकंडक्टर, हाइड्रोजन ट्रेन से लेकर 7.7% की ग्रोथ तक हर उस उपलब्धि का जिक्र किया जिसने पिछले एक महीने में भारत को दुनिया के सामने और मजबूत किया है। साथ ही उन्होंने सभी सांसदों से अपील की कि तर्क और तथ्य के साथ चर्चा हो, ताकि देश की एस्पिरेशन को नई उड़ान मिल सके।
1. “मानसून और मानसून सत्र दोनों प्रोएक्टिव हों” – PM का संदेश*
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत मौसम और संसद को जोड़कर की।
_”स्वागत है भाई आप सबका। मानसून का भी कुछ लाभ नजर आ रहा है और मानसून सत्र भी प्रारंभ हो रहा है। मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रोएक्टिव हो, तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं, और दोनों प्रोडक्टिव होते हैं, तो देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है।”_
उन्होंने कहा कि देश की प्रार्थना है कि जिस तरह मानसून फसल के लिए जरूरी है, उसी तरह संसद की सार्थक चर्चा भी 140 करोड़ देशवासियों के भविष्य के लिए जरूरी है।
2. पिछले 1 महीने में भारत की 4 बड़ी सिद्धियां*
PM मोदी ने कहा कि पिछले सत्र से अब तक देश ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अब अंतरिक्ष में भी ऐसी सफलताएं हासिल की हैं जिससे हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। A. अंतरिक्ष में भारत के युवाओं का कमाल – स्काई रूट स्टार्टअप*
PM ने सबसे पहले 28 साल की औसत उम्र वाली युवा टीम की तारीफ की।
_”पिछले वर्ष मानसून सत्र के ठीक पहले भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचा था और परसों ही भारत का एक युवा स्टार्टअप, स्काई रूट ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। विश्व के कम ही देश हैं, जहां इस प्रकार से प्राइवेट साहस हुए हैं। मुझे बताया गया, उनकी पूरी टीम की एवरेज एज सिर्फ 28 साल है। ऐसे नौजवानों ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा गाड़ दिया है।”_
PM ने कहा ये सिर्फ एक स्टार्टअप की सफलता नहीं है, ये इस बात का संदेश है कि _”हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है।”_
B. ऊर्जा और उद्योग के क्षेत्र में बड़ी छलांग*
1. *राजस्थान में विशाल ऑयल रिफाइनरी* देश को समर्पित की गई
2. *तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट* शुरू हुआ – चिप मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
3. *दुनिया की सबसे ताकतवर और सबसे लंबी ग्रीन हाइड्रोजन ट्रेन* देश को मिली। PM ने कहा कि विश्व में बहुत कम देश हैं जिनके पास ये तकनीक है।
PM बोले: _”ये भारत के वैज्ञानिक, इंजीनियर्स, इनोवेटर्स, उद्यमी और श्रमिकों के एक लक्ष्य के साथ काम करने का परिणाम है।”। C. युद्ध के बीच भी 7.7% ग्रोथ – दुनिया में सबसे तेज*
PM ने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि भारत जैसी एनर्जी के लिए आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए ये बहुत बड़ा संकट था। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर, केमिकल्स सब पर असर पड़ा।
लेकिन इसके बावजूद भारत ने साबित किया।
_”उसके बावजूद भी भारत 7.7 परसेंट के ग्रोथ से दुनिया की मेजर इकोनॉमी में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बनके रहा। ये भारत के सामर्थ्य का परिचायक है।”_
*3. रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है भारत*
PM मोदी ने कहा कि इन सभी सफलताओं के पीछे एक ही कारण है – *रिफॉर्म*।
_”जो रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार होकर के आज देश चल पड़ा है, उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं, और सफल भी हो रहे हैं।”_
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और मेक इन इंडिया की वजह से आज युवा बिना डरे बड़े सपने देख रहे हैं और उन्हें पूरा भी कर रहे हैं।*4. संसद से PM की 3 बड़ी अपील*
मानसून सत्र को देश के लिए निर्णायक बताते हुए PM ने सांसदों से 3 बातें कहीं:
*अपील 1: अनुभव का इस्तेमाल हो*
_”हमारे सदन में बहुत अनुभवी सांसद भी है, दल उनका कोई भी हो, लेकिन उनके पास एक लंबा अनुभव है। ऐसे समय में उनके अनुभव की, उनके ज्ञान की संसद को भी जरूरत है, देश को भी जरूरत है।”_
*अपील 2: तर्क और तथ्य से हो चर्चा*
PM ने हंगामे पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा:
_”जहां तथ्य होते हैं, जहां तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए जगह नहीं होती है। अगर तर्क मजबूत है, तथ्य मजबूत है, तो शांत चित्त से भी अपनी आवाज को बुलंद बनाया जा सकता है। मैं आशा करता हूं तर्क और तथ्य के साथ सदन की चर्चा को समृद्ध किया जाए।”_
*अपील 3: हर आवाज को सम्मान*
_”हर आवाज को अवसर मिले, हर विचार को सम्मान मिले, ये संसद की हमारी भूमिका है। राष्ट्र निष्ठा से भरे हुए, राष्ट्रभक्ति के लिए जी रहे, आवाज को सदन में उचित मंच मिलता रहे।”_
PM ने लोकसभा अध्यक्ष के सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया और सभी सांसदों को सदन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का न्योता दिया।
*5. मानसून सत्र में क्या-क्या हो सकता है?*
सूत्रों के अनुसार इस सत्र में सरकार कई अहम बिल ला सकती है:
1. *डिजिटल इंडिया एक्ट 2.0* – साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए
2. *ग्रीन हाइड्रोजन मिशन बिल* – 2030 तक 5 MMT उत्पादन का लक्ष्य
3. *सेमीकंडक्टर इंसेंटिव स्कीम का विस्तार*
4. *किसान क्रेडिट कार्ड और MSP पर चर्चा*
साथ ही महंगाई, बेरोजगारी और पश्चिम एशिया संकट पर भी विपक्ष सरकार को घेर सकता है।
*6. एक्सपर्ट की राय: सत्र क्यों है खास?*
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये सत्र 2027 के चुनावों से पहले का आखिरी पूर्ण मानसून सत्र है। इसलिए सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाएगी और विपक्ष जवाब मांगेगा।
PM के भाषण में “युवा” और “इनोवेशन” पर फोकस इस बात का संकेत है कि सरकार 2047 के “विकसित भारत” के रोडमैप को इसी सत्र से आगे बढ़ाना चाहती है।
*7. निष्कर्ष: स्पीड के साथ स्पिरिट जरूरी*
PM मोदी ने अपने संबोधन का अंत एक लाइन से किया जो पूरे सत्र की टोन तय करेगी:
_”देश ने स्पीड पकड़ ली है और संसद का स्पिरिट उस स्पीड में नई ऊर्जा भर सकता है।”_
यानी सरकार चाहती है कि देश जिस रफ्तार से विकास कर रहा है, संसद भी उतनी ही सकारात्मक ऊर्जा के साथ उसका साथ दे।
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