: क्या हुआ पूरा मामला
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसे देखकर श्रद्धालुओं के होश उड़ गए।
दादर इलाके में 18 जुलाई 2026 को रथ यात्रा का मेला लगा था। हजारों की भीड़ नीचे प्रसाद और दर्शन के लिए जुटी थी। तभी लोगों की नजर ऊपर बिजली के तार पर गई। वहां 8 फीट लंबा एक विशालकाय अजगर आराम से बैठा हुआ था।
घटना शाम करीब 7 बजे की है। अजगर को देखकर मेले में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग डर कर पीछे हटे तो कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। सूचना मिलते ही कोरबा वन मंडल की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।
टीम ने पहले भीड़ को सुरक्षित दूरी पर हटाया। फिर करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद अजगर का रेस्क्यू किया गया। वन विभाग ने बताया कि अजगर पूरी तरह स्वस्थ है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे कोरबा के पास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
: रथ यात्रा के दौरान कैसे पहुंचा अजगर तार तक
स्थानीय लोगों के मुताबिक दादर में हर साल जगन्नाथ रथ यात्रा का बड़ा मेला लगता है। इस बार भी मेले में खाने-पीने और झूलों की दुकानें लगी थीं।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी बरसात का मौसम है। लगातार बारिश के कारण सांप और अन्य वन्यजीव अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं। पानी भर जाने की वजह से वे ऊंची और सूखी जगह तलाशते हैं।
संभवत: यही अजगर बारिश से बचने के लिए पेड़ से होते हुए बिजली के तार तक पहुंच गया। तार गर्म होने की वजह से उसे सुरक्षित लगा होगा। गनीमत रही कि करंट नहीं लगा और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
: वन विभाग ने ऐसे किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही कोरबा वन मंडल की टीम 2 गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। टीम में 4 सदस्य थे।
पहला काम: भीड़ को हटाना। मेले में मौजूद लोगों को 50 मीटर दूर किया गया ताकि अजगर घबरा कर नीचे न गिरे।
दूसरा काम: रेस्क्यू। टीम ने लंबा डंडा और जाली की मदद से अजगर को धीरे-धीरे तार से उतारा। अजगर काफी भारी था इसलिए दो लोगों ने उसे संभाला।
रेस्क्यू के बाद टीम ने अजगर का हेल्थ चेकअप किया। नाक, मुंह और शरीर पर कोई चोट नहीं थी। वजन करीब 12 से 15 किलो आंका गया। उम्र 6 से 7 साल बताई जा रही है।
इसके बाद रात को ही उसे कोरबा के निकटवर्ती प्राकृतिक वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
: वन विभाग की आम जनता से अपील
रेस्क्यू के बाद वन विभाग ने लोगों से खास अपील की है।
: घबराएं नहीं, मारे नहीं
अधिकारी ने कहा कि बरसात में सांप, अजगर और अन्य जीव अक्सर घरों और सार्वजनिक जगहों पर दिख जाते हैं। उन्हें देखकर डंडे से मारने या भगाने की कोशिश न करें। इससे आपके और जीव के दोनों को खतरा हो सकता है।
: तुरंत सूचना दें
अगर कहीं भी वन्यजीव दिखे तो तुरंत 100 मीटर की दूरी बनाएं और वन विभाग के कंट्रोल रूम या 1915 हेल्पलाइन पर सूचना दें। कोरबा में रेस्क्यू टीम 24 घंटे उपलब्ध है।
: वन्यजीव संरक्षण जरूरी
वन विभाग ने कहा कि अजगर हमारे पर्यावरण का हिस्सा है। ये चूहे और अन्य कीड़ों को खाकर फसल को बचाते हैं। इनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।
: लोगों में दहशत, फिर राहत
मेले में मौजूद रमेश यादव ने बताया “हम प्रसाद ले रहे थे। ऊपर देखा तो लगा रस्सी लटक रही है। पास जाकर देखा तो अजगर था। पैरों तले जमीन खिसक गई।”
एक अन्य श्रद्धालु सुनीता देवी ने कहा “पहले तो डर लग रहा था। लेकिन वन विभाग की टीम 10 मिनट में आ गई और बड़े आराम से उसे उतार लिया। अब राहत है।”
सोशल मीडिया पर भी इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि “ऊपर भगवान का रथ, और ऊपर अजगर का दर्शन।”
: कोरबा में पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले
वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार कोरबा जिला जंगल से सटा हुआ है। हर बरसात में यहां 10 से 15 सांप और अजगर के रेस्क्यू केस आते हैं।
पिछले साल सितंबर में कटघोरा में 10 फीट का अजगर एक स्कूल की छत पर मिला था। उससे पहले बांकीमोंगरा में एक अजगर घर के बाथरूम में घुस गया था।
अधिकारी मानते हैं कि शहर के विस्तार और जंगल कटाई की वजह से वन्यजीवों का संपर्क इंसानों से बढ़ रहा है।
: अजगर के बारे में 5 जरूरी बातें
1. *जहरीला नहीं होता*: अजगर बिना जहर वाला सांप है। ये शिकार को जकड़ कर मारता है।
2. *शांत स्वभाव*: अगर छेड़ा न जाए तो ये हमला नहीं करता।
3. *लंबाई*: भारत में अजगर 15 से 20 फीट तक लंबे हो सकते हैं। कोरबा वाला 8 फीट का था।
4. *खाना*: ये चूहे, मुर्गी और छोटे जानवर खाते हैं।
5. *कानून*: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अजगर को मारना अपराध है। पकड़ने पर 3 साल तक जेल हो सकती है।
: रथ यात्रा का महत्व
कोरबा की जगन्नाथ रथ यात्रा ओडिशा की पुरी वाली यात्रा के बाद छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी यात्रा मानी जाती है। इसमें लाखों लोग शामिल होते हैं।
इस बार यात्रा के दौरान हुई इस घटना को लोग “अजीब संयोग” बता रहे हैं। पुजारियों ने कहा कि ये कोई अशुभ संकेत नहीं है। भगवान जगन्नाथ सभी जीवों के रक्षक हैं।
: निष्कर्ष
कोरबा की इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि इंसान और वन्यजीव साथ-साथ रह सकते हैं। जरूरत है समझदारी और सही जानकारी की।
वन विभाग की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। अजगर भी बच गया और मेले में आए हजारों श्रद्धालु भी सुरक्षित रहे।
अगली बार अगर आपको कहीं सांप या कोई जंगली जानवर दिखे तो वीडियो बनाने के बजाय तुरंत वन विभाग को कॉल करें। आपकी एक कॉल से किसी की जान बच सकती है।
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*रिपोर्ट: ग्रामीण भारत न्यूज, कोरबा*
*प्रविष्टि तिथि: 18 जुलाई 2026, 9:35 PM*
*स्रोत: वन विभाग कोरबा, स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी*





















