ग्रामीण भारत न्यूज | 18 जुलाई 2026, बिलासपुर
रतनपुर, बिलासपुर : शराब की लत ने रिश्तों को तार-तार कर दिया। बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र के नवागांव गिरजाबंद में गुरुवार रात एक बेटे ने नशे में धुत होकर अपने ही लकवाग्रस्त पिता की डंडे से पीटकर हत्या कर दी। वजह सिर्फ इतनी थी कि बुजुर्ग पिता ने बेटे को रोज शराब पीकर घर आने से मना किया था।
पुलिस ने आरोपी बेटे शिवचरण सूर्यवंशी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी है।
क्या हुआ था उस रात?
जानकारी के मुताबिक नवागांव गिरजाबंद निवासी रिखी राम सूर्यवंशी उम्र 65 वर्ष पिछले 6 महीने से लकवाग्रस्त थे। चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण वे बिस्तर पर ही रहते थे। घर का खर्च उनकी पत्नी खेती-किसानी करके चलाती थीं।
16 जुलाई गुरुवार की रात करीब 11 बजे रिखी राम का बेटा शिवचरण सूर्यवंशी 38 वर्ष शराब के नशे में घर पहुंचा। नशे की हालत में वह तेज आवाज में बात कर रहा था और घर में गाली-गलौज कर रहा था।
बिस्तर पर लेटे पिता रिखी राम ने बेटे को टोका। उन्होंने कहा “रोज शराब पीकर आता है, घर की इज्जत खराब करता है। अब ये आदत छोड़ दे।” बस इतनी सी बात पर शिवचरण आग बबूला हो गया।
आरोप है कि गुस्से में शिवचरण ने घर में रखा लकड़ी का डंडा उठाया और पिता के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। लकवाग्रस्त और कमजोर रिखी राम हमले को सहन नहीं कर पाए और मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस ने ऐसे पकड़ा आरोपी
घटना के बाद मोहल्ले वालों की सूचना पर रतनपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिलासपुर सिम्स भेज दिया।
रतनपुर थाना प्रभारी ने बताया कि मौके से ही आरोपी शिवचरण को हिरासत में ले लिया गया था। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
शराब की लत ने बर्बाद किया पूरा परिवार
पुलिस और गांव वालों के अनुसार आरोपी शिवचरण पिछले कई सालों से शराब का आदी था। नशे की वजह से वह कोई काम-धंधा नहीं करता था।
इस लत की वजह से उसकी पत्नी भी करीब 10 साल पहले उसे छोड़कर मायके चली गई थी। घर में कमाने वाला कोई नहीं था। पिता के बीमार पड़ने के बाद भी शिवचरण ने जिम्मेदारी नहीं संभाली। उल्टा उसकी मां खेत में मजदूरी करके पूरे घर का खर्च चलाती थी।
ग्रामीणों का कहना है कि शिवचरण आए दिन शराब पीकर घर में झगड़ा करता था। पिता कई बार उसे समझाते थे, लेकिन वह मानता नहीं था। गुरुवार की रात उसी झगड़े ने खूनी रूप ले लिया।
गांव में शोक और आक्रोश
रिखी राम गांव में सीधे-साधे और मेहनती इंसान माने जाते थे। लकवा लगने के बाद भी वे सबको हिम्मत देते थे। उनकी हत्या से पूरे नवागांव में मातम है।
सरपंच ने कहा, “शराब ने एक बेटे से पिता का खून करवा दिया। प्रशासन को चाहिए कि गांव-गांव में शराबबंदी और नशा मुक्ति अभियान चलाए।”
पुलिस अधिकारी का बयान
रतनपुर थाना प्रभारी ने बताया, “प्रथम दृष्टया मामला घरेलू विवाद का है। आरोपी शराब के नशे में था। उसने पिता द्वारा डांटे जाने पर आवेश में आकर यह कदम उठाया। आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है। आगे की जांच जारी है।”
विशेषज्ञ: नशा और घरेलू हिंसा का कनेक्शन
बिलासपुर के सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में शराब की लत अब सबसे बड़ी समस्या बन गई है।
“जब घर का मुखिया ही नशे में डूब जाए तो परिवार बिखर जाता है। बुजुर्ग माता-पिता सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। सरकार को गांव स्तर पर काउंसलिंग और नशा मुक्ति केंद्र खोलने चाहिए।”
निष्कर्ष
एक पल के गुस्से और नशे ने एक बेटे को हत्यारा बना दिया और एक पिता की जान ले ली। यह घटना सिर्फ बिलासपुर की नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के गांवों के लिए एक चेतावनी है। शराब और नशा परिवार को कैसे बर्बाद कर देता है, इसका जीता-जागता उदाहरण यह मामला है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ में और भी बातें सामने आ सकती हैं।
स्रोत: रतनपुर पुलिस, ग्रामीण | रिपोर्ट: ग्रामीण भारत न्यूज, बिलासपुर





















