ग्रामीण भारत न्यूज | विशेष मौसम रिपोर्ट
संवाददाता: अतुल अग्निहोत्री
रायगढ़, छत्तीसगढ़
देशभर में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विभाग ने 18 अगस्त 2026 को कई राज्यों में भारी से मूसलाधार बारिश, गरज-चमक, आंधी और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ हवाओं की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव अथवा बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग के अलर्ट के अनुसार 18 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के विभिन्न हिस्सों में बारिश और खराब मौसम की स्थिति बन सकती है।
छत्तीसगढ़ में 9 जिलों के लिए विशेष चेतावनी
छत्तीसगढ़ में भी 18 अगस्त को मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बलरामपुर, बिलासपुर, जशपुर, कबीरधाम, कोरबा, कोरिया, मुंगेली, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश तथा आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है।
लगातार बारिश होने की स्थिति में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। निचले इलाकों में पानी भरने तथा कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों, पुल-पुलियों और खेतों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
रायपुर समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। प्रदेश के कई इलाकों में हवा की रफ्तार 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
रायगढ़ और आसपास के इलाकों में भी सतर्कता जरूरी
मानसून के इस सक्रिय दौर में रायगढ़ सहित उत्तर एवं मध्य छत्तीसगढ़ के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचना चाहिए। ग्रामीण इलाकों में खेतों, तालाबों और छोटी नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़, बिजली के खंभे, पुराने मकान, टीन की छत और खुले में रखी हल्की वस्तुएं खतरा पैदा कर सकती हैं। किसानों और ग्रामीणों को मौसम खराब होने पर खुले खेतों में काम करने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है।
मध्य प्रदेश में 14 जिलों में बाढ़ जैसे हालात की आशंका
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 18 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी है। रिपोर्ट के मुताबिक अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, शहडोल, सीधी और उमरिया जिलों के कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनने का खतरा बताया गया है।
भोपाल में भी बारिश का अलर्ट है। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में लगातार बारिश होने पर छोटी-बड़ी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए ऐसे क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होगी।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में भारी बारिश
उत्तर प्रदेश में भी 18 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। गौतमबुद्ध नगर, अयोध्या, आगरा, अलीगढ़, औरैया, आजमगढ़, बदायूं, बागपत, बहराइच, बलिया, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, भदोही, बिजनौर, बुलंदशहर, चंदौली, देवरिया, एटा, इटावा, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस, जालौन, झांसी, कानपुर, ललितपुर और महोबा में बारिश की संभावना जताई गई है।
लखनऊ में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का अलर्ट है। राजधानी में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान लगभग 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। हवा की गति करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।
बिहार में झमाझम बारिश के साथ आंधी का अलर्ट
बिहार में भी 18 अगस्त को मौसम खराब रहने की संभावना है। आरा, अररिया, औरंगाबाद, भागलपुर, बोधगया, बक्सर, छपरा, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, हाजीपुर, कटिहार, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और नालंदा सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।
पटना में भी बारिश का अलर्ट है। राजधानी का अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में हवाएं 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं।
राजस्थान में भी बदलेगा मौसम
राजस्थान के कई जिलों में 18 अगस्त को हल्की से भारी बारिश होने की संभावना है। फलौदी, चूरू, चित्तौड़गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा, भरतपुर और जयपुर समेत कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ जगहों पर 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
जयपुर में हालांकि बारिश की संभावना सीमित बताई गई है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
उत्तराखंड और हिमाचल में बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा
पहाड़ी राज्यों में बारिश के दौरान अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। उत्तराखंड के नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। बिजली चमकने और गरजने के साथ अचानक तेज बारिश भी हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में हमीरपुर, मंडी, बिलासपुर, कांगड़ा, किन्नौर, चंबा, सिरमौर, शिमला और सोलन में बारिश और आंधी की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सड़क मार्ग प्रभावित होने, पहाड़ी ढलानों से मलबा आने और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
झारखंड में भी तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी
झारखंड के धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, लोहरदगा, पलामू, रांची, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में मौसम खराब रहने की संभावना है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। हवा की गति करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना बताई गई है।
पश्चिम बंगाल में 65 किमी प्रति घंटे तक हवा
पश्चिम बंगाल में भी 18 अगस्त को भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है। बांकुड़ा, पूर्वी मिदनापुर, हावड़ा, झाड़ग्राम, नदिया, उत्तर 24 परगना, पुरुलिया, दक्षिण 24 परगना और पश्चिम मिदनापुर में बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से मौसम में सक्रियता बढ़ सकती है। तटीय और गंगा के मैदानी इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के झोंके चलने की संभावना है।
मछुआरों को खराब मौसम के दौरान समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी बारिश के दौरान खेतों में खाद और कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं करने तथा तैयार फसल को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए जरूरी सावधानी
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए किसानों को खेतों में काम करने से पहले स्थानीय मौसम की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान खुले खेत में खड़े रहने से बचना चाहिए।
जहां फसल कटाई के लिए तैयार है, वहां मौसम साफ होने पर जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से कटाई की व्यवस्था करना उपयोगी हो सकता है। कटी हुई फसल को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखना चाहिए।
बिजली गिरने के दौरान क्या करें?
गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे, बिजली के खंभे के पास अथवा पानी वाले स्थानों पर खड़े रहने से बचना चाहिए। खेत में काम कर रहे लोग मौसम खराब होने पर तुरंत सुरक्षित पक्के स्थान पर जाएं।
तेज आंधी के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें और खिड़की-दरवाजों को सुरक्षित रखें। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान दृश्यता कम होने पर वाहन की गति नियंत्रित रखनी चाहिए।
प्रशासन और आम लोगों के लिए चुनौती
लगातार बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर की समस्या सामने आ सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय, पुलिस, आपदा प्रबंधन दल और स्वास्थ्य विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने की आवश्यकता होगी।
विशेष रूप से निचले इलाकों, नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले मार्गों पर लोगों को अनावश्यक आवागमन से बचना चाहिए।
मौसम का बदलता मिजाज
मानसून के सक्रिय बने रहने से आने वाले दिनों में भी देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। हालांकि बारिश की तीव्रता और क्षेत्र के अनुसार मौसम की स्थिति में बदलाव हो सकता है। इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले मौसम विभाग और प्रशासन के ताजा अलर्ट को प्राथमिकता देना जरूरी है।
ग्रामीण भारत न्यूज की अपील: भारी बारिश, आंधी, बिजली गिरने या बाढ़ जैसे हालात में अफवाहों पर भरोसा न करें। प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें। नदी, नाला, बांध, पुल-पुलिया और जलभराव वाले क्षेत्रों में जोखिम लेकर जाने से बचें।
विशेष रिपोर्ट: अतुल अग्निहोत्री
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