*रायगढ़, 20 अगस्त 2026 / ग्रामीण भारत न्यूज।*
रायगढ़ जिले को एक और बड़ा आर्थिक झटका लगा है। टेंडा नवापारा में संचालित *600 मेगावाट का TRN Energy Private Limited* प्लांट करोड़ों का कर्ज नहीं चुका पाया। नतीजतन NCLT नई दिल्ली बेंच ने कंपनी को दिवालिया घोषित कर *लिक्विडेशन* का आदेश दे दिया है।
अब इस प्लांट का पूरा नियंत्रण बैंकों और *IRP रामकृपाल शर्मा* के पास है।
*क्या है पूरा मामला*
TRN Energy ने प्लांट विस्तार के लिए *केनरा बैंक, एक्सिस बैंक* समेत आधा दर्जन बैंकों से भारी भरकम लोन लिया था। किश्तें नहीं चुकाने पर *एशटेक इंडिया प्रालि और केनरा बैंक* ने NCLT में केस दायर किया। सुनवाई के बाद कंपनी को लिक्विडेशन में भेज दिया गया।
*आगे के विकल्प*
1. *वन टाइम सेटलमेंट*: अगर कोई कंपनी OTS कर लेती है तो नीलामी टल सकती है।
2. *नीलामी*: नहीं तो प्लांट को नीलाम कर बैंकों का पैसा वसूला जाएगा।
*रायगढ़ में बढ़ती डिफाल्टर कंपनियों की लिस्ट*
TRN Energy से पहले *मोनेट इस्पात, कोरबा वेस्ट, SKS पावर, अथेना पावर, वीसा पावर* जैसे बड़े प्लांट भी इसी कारण बंद या नीलाम हो चुके हैं।
*विशेषज्ञों की राय*
IBC के तहत हो रहे निपटारों को विशेषज्ञ “नया घोटाला” बता रहे हैं। 2000 करोड़ का लोन लेकर कंपनी 700 करोड़ में OTS कर लेती है और बाकी 1300 करोड़ बैंक माफ कर देते हैं। इससे बैंकिंग सिस्टम को भारी नुकसान हो रहा है।
फिलहाल इस प्लांट से जुड़े सैकड़ों कर्मचारियों और रायगढ़ की अर्थव्यवस्था का भविष्य अनिश्चित है।
*संवाददाता:– विनोद कुमार चौहान*
*ग्रामीण भारत न्यूज, रायगढ़*





















