बार-बार बिजली गुल होने की समस्या तत्काल बंद करें, नहीं तो जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी
लोढ़ाझर विद्युत सबस्टेशन क्षेत्र में लगातार विद्युत आपूर्ति बाधित होने की समस्या अब आम जनता के लिए गंभीर परेशानी बन चुकी है। पिछले कुछ दिनों से स्थिति इतनी खराब हो गई है कि कई स्थानों पर लगभग हर 15–20 मिनट में बिजली बंद और चालू हो रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार दिनभर में कई बार विद्युत आपूर्ति बाधित होने से घरेलू उपभोक्ताओं, दुकानदारों, विद्यार्थियों, किसानों और छोटे व्यवसायों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग, बिजली बिल जारी करने और समय पर बिल भुगतान कराने पर पूरा ध्यान दिया जाता है, लेकिन सवाल यह है कि उपभोक्ताओं को नियमित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिल रही है या नहीं, इसकी जिम्मेदारी कौन निभाएगा?
यदि किसी क्षेत्र में लगातार फॉल्ट हो रहे हैं, बार-बार बिजली बंद हो रही है और विद्युत आपूर्ति हर कुछ मिनट में बाधित हो रही है, तो विभाग को केवल बिजली चालू करने तक सीमित न रहकर फॉल्ट के स्थायी कारण की पहचान और आवश्यक मेंटेनेंस करना चाहिए।
विभाग से सीधे सवाल
- लोढ़ाझर सबस्टेशन क्षेत्र में इतनी बार विद्युत आपूर्ति बाधित होने का वास्तविक कारण क्या है?
- क्या विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों, इंसुलेटरों, जम्परों और अन्य उपकरणों का नियमित निरीक्षण एवं मेंटेनेंस किया जा रहा है?
- यदि मेंटेनेंस किया जा रहा है तो समस्या बार-बार क्यों उत्पन्न हो रही है?
- क्या संबंधित क्षेत्र में पर्याप्त तकनीकी स्टाफ और आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं?
- बार-बार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान क्यों नहीं किया गया?
- क्या विभाग ने पिछले कुछ दिनों में हुई विद्युत बाधाओं का रिकॉर्ड और फॉल्ट रिपोर्ट तैयार की है?
वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों की भी हो समीक्षा
यदि जांच में यह पाया जाता है कि कोई कर्मचारी या अधिकारी लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ रहने के कारण अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही कर रहा है, तो विभाग को नियमानुसार प्रशासनिक समीक्षा, स्थानांतरण अथवा अन्य उचित कार्रवाई पर विचार करना चाहिए।
जनता की मांग किसी कर्मचारी के विरुद्ध व्यक्तिगत कार्रवाई नहीं, बल्कि जवाबदेही और नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की है।
बिजली विभाग को स्पष्ट चेतावनी
अब केवल अस्थायी रूप से बिजली बहाल करके समस्या को समाप्त मान लेना स्वीकार्य नहीं होगा। विभाग को लोढ़ाझर सबस्टेशन एवं संबंधित विद्युत लाइनों का विशेष तकनीकी निरीक्षण कराकर फॉल्ट का स्थायी समाधान करना चाहिए।
संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि:
बार-बार होने वाली विद्युत कटौती पर तत्काल रोक लगे।
विद्युत लाइनों एवं उपकरणों का आवश्यक मेंटेनेंस कराया जाए।
फॉल्ट के मूल कारण की जांच की जाए।
शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो।
और जिम्मेदारी तय की जाए।
उपभोक्ता समय पर अपना बिजली बिल जमा करते हैं और विभाग को राजस्व देते हैं। इसके बदले उन्हें विश्वसनीय एवं सुरक्षित विद्युत आपूर्ति मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
यदि समस्या का शीघ्र और स्थायी समाधान नहीं किया गया तथा लगातार विद्युत बाधा जारी रही, तो क्षेत्र की जनता सामूहिक रूप से जिला प्रशासन एवं कलेक्टर कार्यालय के समक्ष ज्ञापन, धरना अथवा लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
बिजली विभाग से मांग है कि इस संदेश को चेतावनी नहीं बल्कि जनता की गंभीर समस्या के रूप में लेकर तत्काल कार्रवाई करे।
जनता का स्पष्ट संदेश
“बिल समय पर चाहिए तो बिजली की आपूर्ति भी समय पर और नियमित चाहिए।
हर 15–20 मिनट में बिजली गुल होना सामान्य व्यवस्था नहीं है।
लोढ़ाझर क्षेत्र की विद्युत समस्या का स्थायी समाधान तत्काल किया जाए।”




















