रायगढ़ | संवाददाता झसकेतन राजहंस
रायगढ़ जिले में किसानों और आम नागरिकों से जुड़े राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर जिला प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने सोमवार को जिला कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चल रहे विभिन्न राजस्व कार्यों की तहसीलवार समीक्षा की। बैठक में लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, डिजिटल सर्वे और किसानों से संबंधित रिकॉर्ड को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एग्रीस्टैक के अंतर्गत लंबित ‘अनक्लेम्ड बकेट’ यानी फार्मर रजिस्ट्री के मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में फार्मर रजिस्ट्री महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, इसलिए किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
नक्शा बटांकन का काम दो सप्ताह में पूरा करने के निर्देश
बैठक के दौरान कलेक्टर ने नक्शा बटांकन की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को आगामी दो सप्ताह के भीतर इस कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। इसके लिए तहसील स्तर पर नियमित समीक्षा और मैदानी निगरानी बढ़ाने को कहा गया।
जिले की धरमजयगढ़, लैलूंगा, मुकडेगा, कापू, खरसिया, छाल, पुसौर, घरघोड़ा, रायगढ़ और तमनार तहसीलों में चल रहे राजस्व कार्यों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ई-गिरदावरी में मौके पर जाकर सत्यापन जरूरी
कलेक्टर ने ई-गिरदावरी और डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसलों की वास्तविक स्थिति दर्ज करने के लिए सर्वेयर खेतों तक पहुंचें और मोबाइल एप के माध्यम से सही जानकारी दर्ज करें।
उन्होंने कहा कि खेतों में मौजूद वास्तविक फसल के साथ-साथ तालाब, मेड़, पड़ती भूमि, खलिहान और अन्य फसलों का भी सही चिन्हांकन किया जाना चाहिए। इससे फसल के वास्तविक रकबे और स्थिति का सही रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा।
कलेक्टर ने सर्वेयरों की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने तथा आकस्मिक निरीक्षण के माध्यम से गिरदावरी कार्य का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति सामने आने पर तत्काल संबंधित एसडीएम और उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी देने को कहा गया।
15 सितंबर तक लंबित एग्रीस्टैक प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य
किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एग्रीस्टैक विशेष अभियान की भी बैठक में विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिले में लंबित सभी ‘अनक्लेम्ड बकेट’ प्रकरणों का 15 सितंबर तक शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों के प्रकरणों के समाधान के लिए बीएलई, सीएसी सेंटर, समिति प्रबंधक कार्यालय और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप काम करते हुए लंबित मामलों की संख्या लगातार कम करने पर जोर दिया गया।
स्वामित्व योजना और सीमांकन के मामलों पर भी फोकस
बैठक में स्वामित्व योजना, मसाहती एवं असर्वेक्षित ग्रामों के राजस्व सर्वेक्षण, फार्मर रजिस्ट्री अप्रूवल, नामांतरण, खाता विभाजन और सीमांकन से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकांश कार्य सीधे किसानों और आम नागरिकों से जुड़े होते हैं। इसलिए लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आम लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ बिना अनावश्यक परेशानी के उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को बारिश का दौर समाप्त होने के बाद मैदानी स्तर पर कार्यों में तेजी लाने के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करने को कहा, ताकि आगामी दिनों में राजस्व संबंधी कार्यों का बेहतर और प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके।
बैठक में सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, अपर कलेक्टर रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर शिल्पा भगत सहित जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदार उपस्थित रहे।
ग्रामीण भारत न्यूज के लिए — संवाददाता झसकेतन राजहंस





















