कोरबा/छत्तीसगढ़। लगातार हो रही बारिश के बाद छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। जलाशय में पानी की आवक लगातार बढ़ने और जलस्तर 93 प्रतिशत से अधिक पहुंचने के बाद बांध प्रबंधन ने सुरक्षा की दृष्टि से एक-एक कर कुल 7 गेट खोल दिए हैं। इन गेटों से पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के तटीय क्षेत्रों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है।
जानकारी के अनुसार, मिनीमाता बांगो बांध का जलस्तर 358.60 मीटर तक पहुंच गया था, जो जलाशय की कुल क्षमता का लगभग 93.65 प्रतिशत बताया गया है। लगातार बारिश और कैचमेंट क्षेत्र से बड़ी मात्रा में पानी की आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के गेट खोलने का निर्णय लिया।
सात गेटों से नियंत्रित तरीके से छोड़ा जा रहा पानी
बांध परियोजना के अधिकारियों के अनुसार फिलहाल कुल सात गेट आंशिक रूप से खोले गए हैं। पानी को नियंत्रित तरीके से हसदेव नदी में प्रवाहित किया जा रहा है, ताकि जलाशय में पानी का दबाव कम किया जा सके और बांध की सुरक्षा बनी रहे।
जिन गेटों को खोला गया है, उनमें गेट नंबर 3 को 0.40 मीटर, गेट नंबर 4 को 0.50 मीटर, गेट नंबर 5 को 0.50 मीटर, गेट नंबर 6 को 0.50 मीटर, गेट नंबर 7 को 0.50 मीटर, गेट नंबर 8 को 0.50 मीटर तथा गेट नंबर 9 को 0.40 मीटर तक खोला गया है।
इन सात गेटों से करीब 18,786 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा हाइडल पावर प्लांट के संचालन के माध्यम से लगभग 9,000 क्यूसेक पानी और नदी में प्रवाहित हो रहा है। इस तरह बांध और पावर प्लांट से मिलाकर करीब 27,786 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में पहुंच रहा है।
हसदेव नदी के किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की अपील
बांगो बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद हसदेव नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों, मवेशी चराने वाले लोगों और नदी के आसपास जाने वाले पर्यटकों से अपील की गई है कि वे जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी के करीब न जाएं। लोगों को विशेष रूप से बच्चों और मवेशियों को नदी के किनारे जाने से रोकने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की ओर से निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देकर प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना का पालन करने की अपील की गई है।
लगातार बारिश से बढ़ी बांध में पानी की आवक
पिछले कई दिनों से कोरबा सहित छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण बांध के कैचमेंट क्षेत्र से लगातार पानी जलाशय में पहुंच रहा है। पानी की आवक अधिक होने के कारण जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की गई।
बांध का जलस्तर 90 प्रतिशत से अधिक पहुंचने के बाद सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से नदी में छोड़ना जरूरी हो जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत इस बार भी बांध के गेट खोले गए हैं।
जलाशय का जलस्तर यदि इसी तरह बढ़ता रहा तो भविष्य में पानी की निकासी की मात्रा को परिस्थितियों के अनुसार बढ़ाया या घटाया जा सकता है। बांध प्रबंधन लगातार जलस्तर और पानी की आवक पर नजर रख रहा है।
तीसरे साल भी खोले गए बांगो बांध के गेट
मिनीमाता बांगो बांध के गेट लगातार तीसरे वर्ष खोले जाने की स्थिति सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इससे पहले 2024 और 2025 में भी जलस्तर बढ़ने के बाद बांध के गेट खोले गए थे।
वर्ष 2020 में भी भारी बारिश के दौरान बांध का जलस्तर 90 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया था। उस समय पहले तीन और बाद में दो अतिरिक्त गेट खोलकर कुल पांच गेटों से पानी छोड़ा गया था। वर्ष 2022 और 2023 में गेट खोलने की आवश्यकता नहीं पड़ी थी।
वर्ष 2024 में जलस्तर बढ़ने के कारण बांध के छह गेट खोले गए थे। वहीं वर्ष 2025 में सितंबर महीने में भी पानी की लगातार आवक के बाद चार गेट खोले गए थे। बाद में बारिश जारी रहने पर दोबारा तीन गेटों से पानी की निकासी की गई थी।
अब वर्ष 2026 में भी बारिश के मौसम के दौरान जलाशय का जलस्तर 93 प्रतिशत से अधिक पहुंचने के बाद सात गेट खोलने पड़े हैं।
निचले इलाकों पर प्रशासन की नजर
बांध से पानी छोड़े जाने के बाद हसदेव नदी के प्रवाह क्षेत्र में आने वाले निचले इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर पड़ सकता है।
प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती नदी के किनारे बसे गांवों में लोगों को सुरक्षित रखना है। ऐसे में ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं।
विशेष रूप से बारिश के दौरान नदी और छोटे नालों में अचानक पानी बढ़ने की संभावना रहती है। इसलिए ग्रामीणों को जलस्तर में होने वाले बदलाव को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
बांध की सुरक्षा के लिए जरूरी है नियंत्रित जल निकासी
मिनीमाता बांगो बांध क्षेत्र में लगातार पानी की आवक के बीच गेट खोलना किसी सामान्य जल निकासी की प्रक्रिया मात्र नहीं, बल्कि बांध की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है। जलाशय में पानी की मात्रा अधिक होने पर अतिरिक्त पानी को नियंत्रित तरीके से बाहर निकालना आवश्यक होता है।
बांध प्रबंधन की ओर से जलस्तर, जल आवक और नदी में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि बारिश और पानी की आवक कम होती है तो स्थिति के अनुसार गेटों से पानी छोड़ने की मात्रा में परिवर्तन किया जा सकता है।
फिलहाल हसदेव नदी के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सावधानी बरतना सबसे जरूरी है। प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए लोगों को नदी के किनारे जाने से बचना चाहिए।
ग्रामीणों से अपील—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
मिनीमाता बांगो बांध से पानी छोड़े जाने के बाद हसदेव नदी से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों से अपील है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखें। किसी भी तरह की आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग को तत्काल सूचना दें।
मवेशियों को नदी के किनारे चराने से बचें और बच्चों को नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें। बारिश के दौरान पुल-पुलिया और छोटी नदी-नालियों को पार करने में भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
फिलहाल बांध का जलस्तर 93.65 प्रतिशत के आसपास दर्ज किया गया है और सात गेटों के माध्यम से पानी की निकासी जारी है। बांध से कुल मिलाकर लगभग 27,786 क्यूसेक पानी हसदेव नदी में छोड़ा जा रहा है। आने वाले समय में बारिश और जलाशय में पानी की आवक के आधार पर स्थिति में बदलाव संभव है।
संवाददाता — विनोद चौहान
ग्रामीण भारत न्यूज, छत्तीसगढ़





















