रायपुर/छत्तीसगढ़ | संवाददाता विनोद चौहान
छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने योजना के तहत प्रदेश की 67 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 631 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से पहुंचाई है। सरकार की ओर से जारी इस आर्थिक सहायता को महिलाओं के लिए बड़ी सौगात के रूप में देखा जा रहा है।
महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रत्येक माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस राशि का उद्देश्य महिलाओं को घरेलू जरूरतों के साथ-साथ स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यक खर्चों में आर्थिक सहयोग देना है। सरकार का मानना है कि नियमित आर्थिक सहायता से महिलाओं की निर्णय लेने की क्षमता और परिवार में उनकी आर्थिक भूमिका मजबूत हो रही है।
67 लाख से अधिक महिलाओं को मिला लाभ
योजना के तहत इस बार 67 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में राशि पहुंचाई गई है। इससे प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की बड़ी संख्या में महिलाओं को सीधे लाभ मिला है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के लिए यह मासिक सहायता घरेलू बजट को संभालने में उपयोगी साबित हो रही है।
सरकार के अनुसार, महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक महिलाओं के बैंक खातों में हजारों करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है। योजना का लगातार संचालन राज्य में महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रमुख पहलों में शामिल है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने योजना को महिलाओं के सम्मान, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए कहा है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना परिवार और समाज दोनों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार कर सकती हैं। कई परिवारों में यह राशि राशन, दवाइयों, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू आवश्यकताओं और छोटी बचत के लिए इस्तेमाल की जा रही है। वहीं कुछ महिलाएं इस राशि को बचत के रूप में सुरक्षित रखकर भविष्य की जरूरतों के लिए उपयोग कर रही हैं।
त्योहारों से पहले आर्थिक राहत
महतारी वंदन योजना की राशि ऐसे समय में महिलाओं के खातों में पहुंची है, जब प्रदेश में त्योहारों का माहौल है। त्योहारों के दौरान परिवारों के खर्च बढ़ जाते हैं। ऐसे में महिलाओं के खातों में पहुंची मासिक सहायता राशि परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहारा बन सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए इस तरह की नियमित सहायता विशेष महत्व रखती है। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए उन्हें परिवार के अन्य सदस्यों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता और अपने खर्चों को लेकर वे अधिक स्वतंत्र निर्णय ले सकती हैं।
योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता नहीं
महतारी वंदन योजना को केवल प्रतिमाह राशि देने वाली योजना के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। इसके पीछे महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की व्यापक सोच भी जुड़ी हुई है। नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देने, परिवार के पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने तथा उन्हें आर्थिक निर्णयों में अधिक भागीदारी देने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार का दावा है कि योजना से महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं और बड़ी संख्या में लाभार्थी महिलाएं सहायता राशि का उपयोग परिवार की प्राथमिक जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं।
DBT से सीधे बैंक खातों में पहुंच रही राशि
योजना की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र लाभार्थियों तक राशि सीधे पहुंचाने में मदद मिलती है।
महतारी वंदन योजना की प्रत्येक किस्त को लेकर प्रदेश की महिलाओं में भी काफी उत्सुकता रहती है। राशि बैंक खाते में आने के बाद लाभार्थी महिलाएं बैंक, एटीएम, बैंकिंग ऐप या उपलब्ध बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से भुगतान की स्थिति की जानकारी ले सकती हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है। योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। सरकार का जोर इस बात पर है कि महिलाओं को केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित न रखते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाया जाए।
महतारी वंदन योजना के तहत जारी राशि से लाभार्थी महिलाओं को तत्काल आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ परिवार की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में योजना के माध्यम से महिला सशक्तिकरण को और गति देने पर सरकार का जोर रहने की संभावना है।
ग्रामीण भारत न्यूज के लिए
संवाददाता विनोद चौहान





















