ग्रामीण भारत न्यूज -जिला ब्यूरो रिपोर्ट आसिन जोल्हे
रायगढ़। देशभर में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग IMD ने 31 जुलाई, गुरुवार के लिए देश के 20 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, वज्रपात और 50 KM प्रति घंटे तक की तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे पश्चिमी और मध्य भारत के लिए सबसे भारी रहने वाले हैं। गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में ‘रौद्र रूप’ देखने को मिल सकता है।गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में ‘रेड अलर्ट’ – अत्यंत भारी बारिश
IMD ने 31 जुलाई को *गुजरात* और *मध्य महाराष्ट्र* के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी भरना और नदियों-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। प्रशासन को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों को नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।
MP, राजस्थान, पंजाब में भारी से बहुत भारी बारिश
मध्य भारत और उत्तर भारत में भी मौसम बिगड़ा रहेगा।
– *पश्चिम मध्य प्रदेश*: अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश
– *पूर्वी राजस्थान*: तेज बारिश के साथ बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं
– *पंजाब*: मूसलाधार बारिश और वज्रपात का अनुमान
– *अरुणाचल प्रदेश*: पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा
छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्यों में हो रही इस बारिश का असर राज्य के मौसम पर भी पड़ सकता है। IMD ने अगले 3 घंटे में 16 जिलों में ऑरेंज अलर्ट पहले ही जारी किया था।
*दिल्ली-NCR, बिहार, UP और पूर्वोत्तर में भी झमाझम*
31 जुलाई को देश के बड़े हिस्से में मध्यम से भारी बारिश होगी।
*उत्तर भारत*: हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम राजस्थान में भारी बारिश। दिल्ली-NCR में जलभराव और ट्रैफिक बाधित हो सकता है।
*पूर्व और पूर्वोत्तर*: बिहार, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तेज बारिश।
*दक्षिण भारत*: कर्नाटक, केरल, माहे, कोंकण, गोवा, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश का दौर।
*50 KM की रफ्तार से आंधी और वज्रपात का खतरा*
बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी अलर्ट है।
*40-50 KM/H हवाएं*: अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल, लक्षद्वीप और पश्चिम MP में।
*30-40 KM/H हवाएं*: बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी MP, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना।
*वज्रपात का खतरा*: छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, कोंकण-गोवा, पूरा महाराष्ट्र, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में। *छत्तीसगढ़ के लिए क्या मतलब?*
IMD के अनुसार *छत्तीसगढ़* में भी 31 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम है। पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। रायगढ़, बिलासपुर, सरगुजा संभाग में निचले इलाकों में पानी भर सकता है।
किसानों को सलाह है कि खेतों में पानी निकासी का इंतजाम रखें और बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे न रुकें।
*प्रशासन और आमजन के लिए 5 जरूरी सलाह*
1. नदी-नालों के किनारे न जाएं। बच्चे और बुजुर्ग घर में ही रहें।
2. तेज हवा और बिजली के दौरान मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान का उपयोग कम करें।
3. वाहन धीरे चलाएं। जलभराव वाले रास्ते से बचें।
4. जरूरी दवाएं, टॉर्च और चार्जर साथ रखें।
5. IMD और स्थानीय प्रशासन के अपडेट पर नजर रखें।
*कल कैसा था मौसम?*
28 जुलाई को भी दिल्ली-UP समेत 12 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट था। लगातार हो रही बारिश से कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
*निष्कर्ष:*
31 जुलाई का दिन देश के लिए भारी रहने वाला है। खासकर गुजरात, महाराष्ट्र, MP और राजस्थान के लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। ग्रामीण भारत न्यूज आपसे अपील करता है कि मौसम विभाग की गाइडलाइन का पालन करें और सुरक्षित रहें।
_रिपोर्ट: ग्रामीण भारत न्यूज डेस्क | सोर्स: IMD, Moneycontrol_
_अपडेट: 30 जुलाई 2026, शाम 6:06 बजे_
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