पटना | ग्रामीण भारत न्यूज | संवाददाता अतुल अग्निहोत्री
बिहार सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 11 अधिकारियों का तबादला कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसके साथ ही हाल ही में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) से प्रशिक्षण पूरा कर बिहार लौटे 2024 बैच के 12 नए IAS अधिकारियों को भी पहली फील्ड पोस्टिंग दी गई है। इन अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग अनुमंडलों में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के रूप में तैनात किया गया है।
सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत पटना सिटी, दानापुर, बाढ़, नवगछिया, पूर्णिया, कटिहार, सासाराम, मढ़ौरा, हवेली खड़गपुर, तारापुर और शेरघाटी समेत कई अनुमंडलों में नए SDO की नियुक्ति की गई है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।
इस बदलाव को बिहार के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर जहां पहले से अनुमंडलों में जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों को दूसरी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं, वहीं दूसरी ओर नए IAS अधिकारियों को सीधे फील्ड में भेजकर प्रशासनिक कामकाज का व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर दिया गया है।
11 IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
सरकार की ओर से जारी तबादला सूची के अनुसार 2022 और 2023 बैच के कई IAS अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से हटाकर अलग-अलग विभागों और जिलों में नई जिम्मेदारी दी गई है।
श्रेया श्री, जो 2022 बैच की IAS अधिकारी हैं, को खगड़िया जिला परिषद का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। इससे उन्हें जिला स्तर पर विकास एवं प्रशासनिक कार्यों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेगी।
पटना के बाढ़ अनुमंडल की SDO गरिमा लोहया का तबादला दरभंगा किया गया है। उन्हें दरभंगा नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है। गरिमा लोहया 2023 बैच की IAS अधिकारी हैं।
दानापुर अनुमंडल के SDO अनिरुद्ध पांडेय को पूर्णिया नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है। पूर्णिया के SDO तषार कुमार का तबादला मधुबनी किया गया है, जहां उन्हें मधुबनी जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
कटिहार के SDO प्रद्युम्न सिंह यादव का तबादला पटना किया गया है। उन्हें उद्योग विभाग के खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुजफ्फरपुर पश्चिमी की SDO आकांक्षा आनंद को सासाराम भेजा गया है। उन्हें रोहतास जिला परिषद का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है।
पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज की SDO अंजली शर्मा को समाज कल्याण विभाग में निःशक्तता निदेशक के पद पर तैनात किया गया है।
नवगछिया, भागलपुर के SDO रोहित कर्दम का भी तबादला किया गया है। उन्हें कैमूर जिला परिषद का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाकर भभुआ भेजा गया है।
आरा सदर की SDO शिप्रा विजय कुमार को जमुई जिला परिषद का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है।
सासाराम की SDO नेहा कुमारी को कटिहार जिला परिषद का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
भागलपुर जिले के कहलगांव SDO कृष्ण चंद्र गुप्ता का तबादला भी किया गया है। उन्हें मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में निबंधन महानिरीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
12 नए IAS अधिकारियों को पहली फील्ड पोस्टिंग
प्रशासनिक फेरबदल की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी 2024 बैच के 12 नए IAS अधिकारियों की फील्ड पोस्टिंग है। ये अधिकारी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद बिहार लौटे हैं और अब उन्हें अनुमंडल स्तर पर प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार ने इन अधिकारियों को अलग-अलग अनुमंडलों में SDO नियुक्त किया है। नई पोस्टिंग के बाद इन अधिकारियों के सामने कानून-व्यवस्था, राजस्व प्रशासन, विकास योजनाओं की निगरानी, आपदा प्रबंधन, जन शिकायतों के निपटारे और स्थानीय प्रशासन के समन्वय जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होंगी।
नए SDO के रूप में नियुक्त अधिकारियों की सूची इस प्रकार है—
विरूपाक्ष विक्रम सिंह को पटना के दानापुर अनुमंडल का SDO बनाया गया है।
प्रिया रानी को सासाराम अनुमंडल की जिम्मेदारी दी गई है।
कृष्णा जोशी को पटना के बाढ़ अनुमंडल का SDO नियुक्त किया गया है।
प्रेम कुमार को मुंगेर के हवेली खड़गपुर अनुमंडल में SDO बनाया गया है।
सैयद आदिल मोहसीन को सारण जिले के मढ़ौरा अनुमंडल की जिम्मेदारी दी गई है।
अजय यादव को बेगूसराय जिले के बलिया अनुमंडल का SDO नियुक्त किया गया है।
सूरज कुमार को कटिहार अनुमंडल का SDO बनाया गया है।
विग्नेश टीए को पूर्णिया अनुमंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जतिन कुमार को गयाजी के शेरघाटी अनुमंडल का SDO नियुक्त किया गया है।
के. परीक्षित को भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल का SDO बनाया गया है।
महेश कुमार को मुंगेर जिले के तारापुर अनुमंडल में SDO की जिम्मेदारी दी गई है।
कशिश बक्शी को पटना सिटी अनुमंडल का SDO नियुक्त किया गया है।
फील्ड प्रशासन पर सरकार का फोकस
नए IAS अधिकारियों को अनुमंडल स्तर पर तैनाती दिए जाने को प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। IAS अधिकारियों की शुरुआती फील्ड पोस्टिंग उनके प्रशासनिक करियर का महत्वपूर्ण चरण होती है। इस दौरान उन्हें जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय प्रशासन, राजस्व मामलों, कानून-व्यवस्था और आम जनता से जुड़े मुद्दों को सीधे समझने का अवसर मिलता है।
अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में अधिकारियों की भूमिका काफी व्यापक होती है। उन्हें अपने क्षेत्र में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के साथ-साथ सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू कराने और जनता की समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होती है।
खास तौर पर बाढ़, बारिश, प्राकृतिक आपदा और अन्य आपात परिस्थितियों में अनुमंडल प्रशासन की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। बिहार के कई इलाके हर साल बाढ़ और जलजमाव जैसी चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में नए अधिकारियों के सामने प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ आपदा प्रबंधन की भी बड़ी जिम्मेदारी रहेगी।
तबादलों से प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव
सरकार द्वारा 11 IAS अधिकारियों के तबादले से कई जिलों और विभागों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का स्वरूप भी बदलेगा। नगर निगम, जिला परिषद, उद्योग विभाग, समाज कल्याण विभाग और निबंधन विभाग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुभवी IAS अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
नगर निगमों में आयुक्त की जिम्मेदारी शहरी विकास, साफ-सफाई, सड़क, जल निकासी, नगर सेवाओं और विभिन्न नागरिक सुविधाओं से जुड़ी होती है। वहीं जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में ग्रामीण विकास एवं पंचायत स्तर की योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी महत्वपूर्ण होती है।
इसी तरह उद्योग विभाग के खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय और समाज कल्याण विभाग में भी अधिकारियों की नई तैनाती से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों को गति देने की उम्मीद की जा सकती है।
प्रशासनिक बदलाव का असर जिलों पर भी पड़ेगा
IAS अधिकारियों के इस फेरबदल का सीधा असर संबंधित जिलों और अनुमंडलों के प्रशासनिक कामकाज पर पड़ने की संभावना है। नए SDO के आने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिल सकता है।
अनुमंडल प्रशासन की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पुलिस प्रशासन, राजस्व विभाग, पंचायत एवं नगर निकायों तथा अन्य सरकारी विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम करना होगा।
वहीं जिन अधिकारियों को जिला परिषद, नगर निगम और विभागीय निदेशालयों में नई जिम्मेदारी दी गई है, उनके सामने विकास योजनाओं और सरकारी कार्यक्रमों को बेहतर तरीके से लागू कराने की चुनौती होगी।
युवा IAS अधिकारियों के लिए बड़ा अवसर
2024 बैच के 12 IAS अधिकारियों को पहली फील्ड पोस्टिंग मिलने से उन्हें बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने और स्थानीय प्रशासन की वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रशासनिक प्रक्रियाओं और नीतिगत पहलुओं की जानकारी लेने के बाद अब ये अधिकारी सीधे जनता के बीच काम करेंगे।
फील्ड पोस्टिंग को IAS अधिकारियों के लिए प्रशासनिक अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। अनुमंडल स्तर पर काम करते हुए अधिकारी कानून-व्यवस्था से लेकर विकास योजनाओं और जन शिकायतों तक विभिन्न प्रकार के मामलों से सीधे रूबरू होते हैं।
सरकार के लिए भी अहम प्रशासनिक कदम
बिहार में लगातार बदलते प्रशासनिक और विकास संबंधी परिदृश्य के बीच यह फेरबदल सरकार के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ अनुभवी अधिकारियों को अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर भेजा गया है, तो दूसरी तरफ नए IAS अधिकारियों को जमीनी प्रशासन की जिम्मेदारी दी गई है।
इससे प्रशासन में अनुभव और नई ऊर्जा का संयोजन देखने को मिलेगा। अब इन अधिकारियों के कामकाज और उनके संबंधित क्षेत्रों में प्रशासनिक प्रदर्शन पर नजर रहेगी।
ग्रामीण भारत न्यूज की रिपोर्ट
बिहार सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल में कुल 11 IAS अधिकारियों का तबादला किया गया है, जबकि 2024 बैच के 12 नए IAS अधिकारियों को पहली फील्ड पोस्टिंग मिली है। नए अधिकारियों को विभिन्न अनुमंडलों में SDO के रूप में तैनात किया गया है। वहीं पहले से कार्यरत कई अधिकारियों को जिला परिषद, नगर निगम और विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
सरकार के इस कदम से बिहार के कई अनुमंडलों और विभागों में प्रशासनिक नेतृत्व बदल गया है। आने वाले दिनों में नई तैनाती के बाद इन क्षेत्रों में प्रशासनिक कामकाज की दिशा और प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिल सकता है।
रिपोर्ट: अतुल अग्निहोत्री
ग्रामीण भारत न्यूज





















