खपरगंज-मसानगंज इलाके में देर रात मचा हंगामा, पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल; धारा 163 लागू, 400 से अधिक जवान तैनात
बिलासपुर। संवाददाता विनोद चौहान। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार देर रात गंभीर रूप ले लिया। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज और मसानगंज इलाके में दो पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर सामने आई एक कथित आपत्तिजनक टिप्पणी अथवा पोस्ट को लेकर हुई थी। मामला बढ़ने के बाद दोनों पक्षों के लोगों को बातचीत और स्थिति स्पष्ट करने के लिए सिटी कोतवाली बुलाया गया था। बताया जा रहा है कि थाना परिसर के आसपास लोगों की भीड़ एकत्रित होने के बाद माहौल अचानक बिगड़ गया।
देखते ही देखते शुरू हो गया पथराव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति बिगड़ने के बाद दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। कुछ समय तक इलाके में भारी तनाव की स्थिति बनी रही। पथराव के कारण आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति तत्काल सामान्य नहीं हो सकी।
पथराव में आसपास के कुछ मकानों, दुकानों तथा वाहनों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। पुलिस वाहनों को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन पुलिस एवं प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल
हिंसक झड़प और पथराव की घटना में पुलिसकर्मियों सहित कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक तारबाहर थाना प्रभारी रवि तिवारी समेत कुछ पुलिस जवान भी पथराव की चपेट में आए। कुछ स्थानीय लोगों के घायल होने की भी सूचना है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने का प्रयास किया। जब भीड़ नियंत्रित नहीं हुई तो पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया तथा आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद पुलिस बल ने संवेदनशील इलाकों में मोर्चा संभाल लिया।
कई जिलों से बुलाया गया अतिरिक्त पुलिस बल
घटना की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शहर के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। बताया गया है कि 400 से अधिक जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। आवश्यकता के अनुसार आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।
प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ अथवा आपत्तिजनक सामग्री साझा करने से बचें और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहें।
धारा 163 लागू, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ी
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं। इसके तहत लोगों के एकत्र होने और ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है, जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।
पुलिस एवं प्रशासन की टीम लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर रही है। अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल को तैयार रखा गया है।
CCTV और ड्रोन कैमरों से उपद्रवियों की पहचान
घटना के बाद पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा घटना के दौरान बनाए गए मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे फुटेज की भी जांच की जा रही है।
पुलिस द्वारा ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखे जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पथराव और तोड़फोड़ में कौन-कौन लोग शामिल थे।
अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रव करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर विवादित या भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों पर भी पुलिस की नजर है।
व्यक्तिगत विवाद से बिगड़ा माहौल
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक तौर पर मामला किसी व्यक्तिगत विवाद से शुरू होने की बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर कथित पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ा और बाद में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इसके बाद स्थिति ने हिंसक रूप ले लिया।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना को लेकर स्वयं निष्कर्ष निकालने या बिना सत्यापन के संदेशों को आगे प्रसारित करने से बचें। अफवाहों के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन ने कहा- स्थिति नियंत्रण में
बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने स्थिति का जायजा लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। अधिकारियों के अनुसार पुलिस की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।
प्रशासन की प्राथमिकता शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। अधिकारियों ने लोगों से सहयोग करने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने संकेत दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पथराव, तोड़फोड़ अथवा अन्य हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। CCTV फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि शहर में शांति बनाए रखने में सहयोग करें और सोशल मीडिया पर किसी भी विवादित सामग्री को साझा या प्रसारित न करें।
ग्रामीण भारत न्यूज के लिए — संवाददाता विनोद चौहान, बिलासपुर।





















