बिलासपुर। लीलागर नदी में आई बाढ़ के बीच तेज बहाव वाले एनीकट को पार करने की कोशिश दो युवकों के लिए जानलेवा साबित होते-होते बची। पानी के तेज बहाव की अनदेखी कर बाइक से एनीकट पार कर रहे दोनों युवक अचानक असंतुलित होकर मोटरसाइकिल समेत नदी की तेज धारा में बह गए। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए नदी में छलांग लगाई और दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार मल्हार क्षेत्र के चकरबेढ़ा निवासी गुड़ा टंडन और दुर्गेश टंडन जांजगीर-चांपा की ओर जा रहे थे। रास्ते में लीलागर नदी पर बने एनीकट के ऊपर से तेज गति से पानी बह रहा था। स्थानीय लोगों ने उन्हें पानी का बहाव अधिक होने के कारण एनीकट पार नहीं करने की समझाइश दी और खतरे से आगाह भी किया, लेकिन दोनों युवक बाइक लेकर आगे बढ़ गए।
बताया जा रहा है कि एनीकट पार करते समय दोनों युवक बाइक समेत पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। कुछ ही पल में वे नदी की धारा में बहने लगे। घटना देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों ने दिखाई अदम्य हिम्मत
युवकों को बहता देखकर मानाडेरा निवासी मोहनलाल केवट और महेश केवट ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। उनके साथ आदित्य केवट (करण) ने भी बचाव में सहयोग किया। तीनों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तेज बहाव के बीच पहुंचकर दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस साहसिक कार्य की जानकारी मिलने के बाद बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने ग्रामीणों के साहस की सराहना की। युवकों की जान बचाने वाले मोहनलाल केवट, महेश केवट और आदित्य केवट को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बारिश के मौसम में लापरवाही पड़ सकती है भारी
लीलागर नदी में बाढ़ और एनीकट के ऊपर तेज बहाव को देखते हुए यह घटना एक गंभीर चेतावनी भी है। बरसात के दौरान नदी, नाले और एनीकट के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में थोड़ी सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों द्वारा लगातार ऐसे स्थानों पर सावधानी बरतने की अपील की जाती है।
ग्रामीणों की सूझबूझ और साहस से दो युवकों की जान बच गई, लेकिन घटना यह सवाल भी खड़ा करती है कि तेज बहाव वाले एनीकटों पर सुरक्षा व्यवस्था और आवागमन रोकने के पर्याप्त इंतजाम कितने प्रभावी हैं। ऐसे स्थानों पर खतरे के समय बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और निगरानी की व्यवस्था को और मजबूत किया जाना जरूरी है।
संवाददाता — विनोद चौहान
ग्रामीण भारत न्यूज





















